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ना सहेंगे, ना छोड़ेंगे... सीमा पार आतंक के हर अड्डे को चुन-चुनकर फोड़ेंगे, मन की बात में आतंकवाद पर पीएम मोदी का प्रहार

PM नरेंद्र मोदी ने मन की बात के 138वें एपिसोड में आतंकवाद पर भारत की जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी की जिक्र किया. सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने आतंकियों को साफ चेतावनी दी कि हर नापाक हरकत का कड़ा जवाब दिया जाएगा.

Written By Udbhav Tripathi
Published: Sep 27, 2026, 11:40 AM IST | Updated: Sep 27, 2026, 11:59 AM IST
Image Credit: आतंकवाद पर पीएम मोदी की दो-टूक
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यानी रविवार, 27 सितंबर को अपने रेडियो प्रोग्राम मन की बात की 138वें एपिसोड को संबोधित किया. इस दौरान पीएम मोदी ने आतंकवाद, देश की सुरक्षा, जनगणना, सौर ऊर्जा और समाज के लिए काम करने वाली कई बातों का जिक्र किया. इन बातों के साथ ही पीएम ने आतंकवाद के मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि भारत की नीति जीरो टॉलरेंस की है और आतंकियों की किसी भी कोशिश का जवाब दिया जाएगा.

भारत की कार्रवाई देख, दुनिया हो गई थी हैरान

पीएम ने कहा कि 10 साल पहले 28-29 सितंबर, 2016 को भारतीय सेना ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक की थी. लाइन ऑफ कंट्रोल के उस पार जाकर हमारे वीर जवानों ने जिस तरह आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की थी, उसे देख दुनिया हैरान रह गई थी. सर्जिकल स्ट्राइक ने डंके की चोट पर पूरी दुनिया के सामने भारत की आतंकवाद विरोधी नीति का एक नया उदाहरण पेश किया था.
 

आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस की नीति

मन की बात में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने पिछले कुछ सालों में आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति को साफ तौर पर सामने रखा है. उन्होंने 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक, 2019 की बालाकोट एयर स्ट्राइक और 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि भारत पर हमला करने की कोशिश का जवाब दिया जाएगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर आतंकी भारत को निशाना बनाएंगे तो उन्हें उसी के मुताबिक जवाब मिलेगा. उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ देश की कार्रवाई को भारत की जीरो टॉलरेंस नीति से जोड़ा.

सर्जिकल स्ट्राइक से ऑपरेशन सिंदूर तक

प्रधानमंत्री ने पिछले एक दशक में आतंकवाद के खिलाफ हुई बड़ी सैन्य कार्रवाइयों का भी इस दौरान जिक्र किया. उन्होंने 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक को याद किया. उरी आतंकी हमले के बाद 28 और 29 सितंबर 2016 को लाइन ऑफ कंट्रोल के पार आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर यह कार्रवाई की गई थी. इसके बाद फरवरी 2019 में पुलवामा आतंकी हमले के बाद बालाकोट एयर स्ट्राइक की गई. सरकार के अनुसार, इस कार्रवाई में पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के ट्रेनिंग कैंप को निशाना बनाया गया था.

पीएम मोदी ने 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर का भी मन की बात प्रोग्राम में जिक्र किया. इस अभियान में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाया गया था.

आतंकवाद पर भारत का संदेश

पीएम मोदी ने इन कार्रवाइयों को आतंकवाद के खिलाफ भारत के व्यापक रुख से जोड़ा. उन्होंने कहा कि देश ने बार बार यह साफ किया है कि आतंकवादी हमलों को बिना जवाब के नहीं छोड़ा जाएगा. प्रधानमंत्री के अनुसार, भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति और कार्रवाई के जरिए अपना संदेश स्पष्ट किया है.

अशोक सिंघल को किया याद

मन की बात में पीएम मोदी ने विश्व हिंदू परिषद के पूर्व नेता अशोक सिंघल को उनकी जन्म शताब्दी पर याद किया. उन्होंने समाज और देश के लिए उनके लंबे योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा.

जनगणना को बताया राष्ट्रीय जिम्मेदारी

पीएम मोदी ने जनगणना का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि जनगणना केवल सरकारी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह एक राष्ट्रीय जिम्मेदारी है. इसमें देश के हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है.

सूर्य पूजा से सौर ऊर्जा तक

मन की बात में प्रधानमंत्री ने भारत में सूर्य की पूजा और उससे जुड़ी परंपराओं का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि भारत में सूर्य केवल पूजा का विषय नहीं है, बल्कि यह प्रकाश, ऊर्जा, विज्ञान और निरंतरता की प्रेरणा भी देता है. इसके साथ ही पीएम मोदी ने गुजरात के मोढेरा का उदाहरण दिया. मोढेरा अपने प्रसिद्ध सूर्य मंदिर के लिए जाना जाता है और इसे देश का पहला सोलर विलेज भी बताया जाता है.

(ये भी पढ़ेंः SIR का खेल, NRC का मेल: ओवैसी ने EC पर साधा निशाना, बोले- जो कहा था वही सच निकला!)

मोढेरा सूर्य मंदिर का इतिहास भी बताया

पीएम मोदी ने मोढेरा सूर्य मंदिर के इतिहास को भी याद किया. उन्होंने बताया कि 1026 ईस्वी में महमूद गजनवी के आक्रमण के दौरान कई स्थानों को नुकसान पहुंचा था. मोढेरा का प्रसिद्ध सूर्य मंदिर भी इस दौरान प्रभावित हुआ था. पीएम मोदी ने मन की बात में बोलते हुए कहा कि, राजा भीमदेव प्रथम ने गजनवी का मुकाबला करने के साथ ही मोढेरा के सूर्य मंदिर का फिर से निर्माण भी कराया.

प्रतापगढ़ के आंवले का भी जिक्र

मन की बात में बोलते हुए पीएम मोदी ने यूपी के प्रतापगढ़ के आंवला का भी जिक्र किया. आंवले की बात करते हुए पीएम ने कहा कि किसानों और स्वयं-सहायता समूहों में काम करने वाली महिलाओं के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है. आज प्रतापगढ़ में आंवला प्रोसेसिंग से जुड़ी लगभग 100 यूनिट्स काम कर रही हैं और इसमें सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी महिलाएं भी बड़ी भूमिका निभा रही हैं. ऐसा ही एक समूह है, देवगढ़ कमासी गांव में. इससे जुड़ी महिलाएं आंवले से कैंडी, मुरब्बा और जूस तैयार कर रही हैं. ओडोप के तहत नए मार्केट तक पहुंच बढ़ने से उनकी आय में भी बढ़ोत्तरी हुई है.

मिजोरम में पोषण वाटिका की देखभाल

प्रधानमंत्री ने मिजोरम की एक पहल का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इस साल वहां लोगों ने पोषण वाटिकाओं की देखभाल के लिए एक अभियान की शुरुआत की है. पीएम मोदी ने इसे मिजो समाज की त्लावम-नगैहना परंपरा से जोड़ा. इसका मतलब निस्वार्थ सेवा करना और जरूरत के समय दूसरों की मदद के लिए आगे आना है.

महाराष्ट्र में बच्चों के पोषण पर जोर

पीएम मोदी ने महाराष्ट्र में कुपोषण से निपटने के प्रयासों की भी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि बच्चों के पोषण को बेहतर बनाने के लिए शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और बच्चों के माता-पिता जागरूकता अभियानों में हिस्सा ले रहे हैं. इन अभियानों का मकसद बच्चों के खान-पान और पोषण को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाना है.

गुजरात में मिलेट से बने व्यंजनों की प्रतियोगिता

प्रधानमंत्री ने गुजरात में मिलेट यानी मोटे अनाज से बने व्यंजनों को बढ़ावा देने की पहल का भी जिक्र किया. इसके तहत एक प्रतियोगिता आयोजित की गई है, जिसमें लोग मिलेट से बने अलग-अलग व्यंजन तैयार कर रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा कि, अब तक इस प्रतियोगिता में दो लाख से ज्यादा लोग शामिल हो चुके हैं. इसका मकसद पौष्टिक और स्थानीय भोजन को बढ़ावा देना है.

छत्तीसगढ़ में हर घर मुनगा अभियान

छत्तीसगढ़ में शुरू किए गए हर घर मुनगा-घर घर मुनगा अभियान का भी पीएम मोदी ने मन की बात प्रोग्राम में जिक्र किया. मुनगा यानी सहजन को पोषण से भरपूर माना जाता है. इस अभियान के जरिए लोगों को इसे डेली लाइफ के भोजन में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है.

कुपोषण से लड़ाई में स्थानीय पहल का जिक्र

पीएम मोदी ने इन सभी उदाहरणों को कुपोषण से निपटने के प्रयासों से जोड़ा. उन्होंने बताया कि कहीं पोषण वाटिकाओं पर काम हो रहा है, तो कहीं जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं. वहीं मिलेट और सहजन जैसे स्थानीय और पौष्टिक खाद्य पदार्थों को भी लोगों की रोज की डाइट का हिस्सा बनाने की कोशिश की जा रही है.

थाईलैंड में लोकप्रिय हो रही अष्टविनायक यात्रा

मन की बात में प्रधानमंत्री ने भारत के बाहर भगवान गणेश की भक्ति से जुड़ी एक खास कहानी भी शेयर की. प्रधानमंत्री ने बताया कि थाईलैंड में अष्टविनायक यात्रा लोगों के बीच लोकप्रिय हो रही है. साल 2002 में उत्तरी थाईलैंड के चियांग माई में गणेश हिमाल म्यूजियम की स्थापना हुई थी. आज इस संग्रहालय में भगवान गणेश की 10 हजार से ज्यादा मूर्तियां हैं. इनमें अष्टविनायक की मूर्तियां भी शामिल हैं.

चार दशक से गणेश परंपराओं का अध्ययन

पीएम मोदी ने एक ऐसे व्यक्ति की कहानी भी सुनाई, जिनकी भगवान गणेश में रुचि उनके पिता की ओर से दी गई एक तस्वीर से शुरू हुई थी. उस समय उनकी उम्र 19 साल थी. इसके बाद उन्होंने चार दशक से ज्यादा समय भगवान गणेश से जुड़ी परंपराओं का अध्ययन करने में बिताया. इसके लिए उन्होंने भारत और नेपाल समेत एशिया के कई देशों की यात्रा भी की. महाराष्ट्र से भी उनका खास जुड़ाव रहा है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि भगवान गणेश को ज्ञान, बुद्धि और शुभ शुरुआत का प्रतीक माना जाता है. उन्होंने बताया कि गणेश जी की भक्ति सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है. थाईलैंड में भगवान गणेश को फ्रा फिकानेट के नाम से पूजा जाता है. यह भारत की सांस्कृतिक परंपराओं के दूसरे देशों तक पहुंचने का भी एक उदाहरण है.

(ये भी पढ़ेंः मुंबई के सेंट जेवियर्स के बाद दिल्ली के LSR से मास्टर्स... जानिए कौन हैं पेटल गहलोत, जो UN में दूसरी बार बनीं भारत की आवाज)

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उद्भव त्रिपाठी जी न्यूज डिजिटल में सब एडिटर हैं. वह जुलाई 2025 में जी न्यूज से जुड़े. साइंस और ऑटो-टेक की खबरें लोगों तक पहुंचाने का काम करते हैं. उन्होंने अब तक Samsung, Realme और  Vivo जैसे स्मार्टफोन्स के रिव्यू किए हैं. 2025 के बिहार चुनाव में इन्होंने लाइव खबरें चलाई थी जो लोगों को काफी पसंद आई थी. इनकी खबरें काफी भरोसेमंद होती हैं. इससे पहले वे हरिभूमि में काम कर चुके हैं. जहां उन्होंने टेक, एक्सप्लेनर और देश दुनिया पर भी काम किया. इनकी पढ़ाई की बात करें तो इन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मॉस कम्यूनिकेशन में PG कर रखा है. अगर आपको इनसे बात करनी है, तो आप udbhavtripaathi@gmail.com पर जुड़ सकते हैं.
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