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परविंदर झोटा हत्याकांड से पंजाब में गरमाई सियासत, 15 अक्तूबर को राज्य बंद का आह्वान; लोगों से दुकानें बंद रखने की अपील

परविंदर झोटा हत्याकांड से पंजाब में सियासत तेज हो गई है. विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर कल यानी 15 अक्तूबर को पंजाब बंद का आह्वान किया है. यह आह्वान अकाली दल (वारिस पंजाब) की ओर से किया गया है.

परविंदर झोटा हत्याकांड से पंजाब में गरमाई सियासत, 15 अक्तूबर को राज्य बंद का आह्वान; लोगों से दुकानें बंद रखने की अपील

पंजाब के मानसा जिले में एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर झोटा की हत्या के बाद राज्य की सियासत भी गरमा गई है. विपक्षी पार्टियों को इसमें अगले साल होने जा रहे असेंबली चुनाव में जीत का अक्स दिखने लगा है. घटना के विरोध में अकाली दल (वारिस पंजाब) ने बुधवार को समराला के मुख्य चौराहे पर एक कैंडल मार्च निकाला. मार्च का नेतृत्व पार्टी के निर्वाचन क्षेत्र प्रभारी बरजिंदर सिंह बबलू किया. इस दौरान पार्टी काकर्ताओं ने झोटा को श्रद्धांजलि देने के लिए मोमबत्तियां जलाईं और पंजाब सरकार के खिलाफ नारे लगाकर अपना विरोध जताया.

दुकानदारों से पंजाब बंद में शामिल होने की अपील

विरोध मार्च में बोलते हुए बरजिंदर सिंह बबलू ने कहा कि परविंदर सिंह झोटा की हत्या ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. उन्होंने मांग की कि आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए. नेताओं ने कहा कि सरकार तक लोगों की आवाज पहुंचाने के लिए ऐसे विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जा रहे हैं.

उन्होंने कहा कि पार्टी की ओर से 15 अक्टूबर को 'पंजाब बंद' का आह्वान किया गया है. लिहाजा, सभी दुकानदार और व्यापारी समुदाय भी इस बंद को अपना समर्थन दें. बब्लू ने कहा कि ऐसा करके वे परविंदर सिंह झोटा को श्रद्धांजलि दे सकेंगे और साथ ही यह भी सुनिश्चित कर सकेंगे कि उनके परिवार के लिए न्याय की मांग सरकार तक पहुंच सके.

कौन थे परविंदर सिंह झोटा, जो हुए हत्या के शिकार?

बताते चलें कि परविंदर सिंह झोटा अपने साथियों के साथ मिलकर शहर में ड्रग तस्करी के खिलाफ अभियान चला रहे थे. उन्हें शक था कि शहर में मेडिकल स्टोर चलाने वालों के जरिए ही नशीले पदार्थ युवाओं तक पहुंच रहे हैं. इसीलिए वे अपने समूह के साथ किसी भी मेडिकल शॉप पर पर पहुंच जाते और वहां पर मोबाइल रिकॉर्डिंग करते हुए उनके सामने की तलाशी लेने लगते थे.

मेडिकल शॉप ऑनर ने बरसा दी थी गोलियां

सोमवार को वे मानसा में मेडिकल स्टोर चलाने वाले अश्विनी की दुकान पर पहुंचे थे. वहां पर भी उन्होंने दुकान की तलाशी लेने के लिए जबरदस्ती की तो गुस्साए दुकानदार ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से उन्हें गोलियां मार दी. इसके बाद सिख संगठनों ने बवाल काटते हुए उनकी दुकान में आग लगा दी. वहीं मान सरकार के आदेश पर पुलिस ने अश्विनी के घर पर बुलडोजर चलवाकर तहस-नहस कर दिया. 
 

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About the Author

Devinder Kumar

Devinder Kumar

अनुभवी पत्रकार और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के विश्लेषक हैं. पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. अमर उजाला और नवभारत टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम करने के बाद, वर्तमान में वे Zee News में कार्यरत हैं. देश-दुनिया और ब्रेकिंग न्यूज पर नजर रखते हैं. अंतर्राष्ट्रीय राजनीति, वैश्विक घटनाक्रमों और खोजपरक पत्रकारिता में विशेष पकड़ है.
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