पंचकूला के स्कूल में हैवानियत: जिस बच्चे ने किया हमला, वही परिवार को अधमरी बच्ची तक लेकर गया, आखिर कहां सो रहा था स्कूल प्रशासन?
हरियाणा के पंचकूला से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां तीसरी क्लास के एक छात्र ने केजी क्लास की एक मासूम बच्ची को बेरहमी से पीटा. इसका वीडियो भी खूब वायरल हो रहा है.
आज की सबसे दर्दनाक और हैरान कर देने वाली खबर हरियाणा के पंचकूला से आई. ऐसी खबर, जो न सिर्फ माता-पिता के रोंगटे खड़े कर देगी, बल्कि देश भर के तमाम स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था और हमारी पूरी सामाजिक सोच पर एक बड़ा सवालिया निशान लगाती है.जिस स्कूल को हम शिक्षा का मंदिर कहते हैं, जहां हम अपने मासूम बच्चों को सबसे सुरक्षित मानकर भेजते हैं.क्या वो जगह अब हमारे बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं रही? पंचकूला के स्कूल से एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है.
वीडियो देखकर उड़ जाएंगे होश
यहां तीसरी कक्षा के एक छात्र ने KG क्लास की बच्ची पर ऐसा हमला किया, जिसे जानकर आपकी रूह कांप जाएगी.पत्थरों से वार, गमले से हमला, बाल पकड़कर घसीटना और बेहोश होने के बाद भी बेरहमी से पीटना. ये सब कुछ किसी पेशेवर अपराधी ने नहीं, बल्कि महज 6 साल के एक मासूम बच्चे ने किया है. ऐसे में सवाल ये है कि आखिर इतनी छोटी सी उम्र में बच्चे के दिमाग में इतना गुस्सा और इतनी दरिंदगी कहां से आई? और सबसे बड़ा सवाल स्कूल प्रशासन पर जब ये सब कुछ क्लास के अंदर चल रहा था, तब स्कूल के टीचर्स, गार्ड्स और स्टाफ कहां सो रहे थे?
पीजीआई में चल रहा बच्ची का इलाज
यह मामला पंचकूला के संस्कृति स्कूल का है. बच्ची का चंडीगढ़ पीजीआई में इलाज चल रहा है और उसकी हालत गंभीर है. बच्चे के माता-पिता से पूछताछ की जा रही है. लेकिन, हैरानी की बात है कि जब स्कूल ने पूछताछ के लिए बच्चे के पिता को बुलाया तो वह नशे की हालत में स्कूल पहुंचे. इस घटना के एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसे देखकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो सकते हैं. बच्ची के पिता ने कहा, 'उसका पूरा मुंह इतना ज्यादा सूज रहा है. उसकी एक आंख खुली भी नहीं है ढंग से.दूसरी आंख भी थोड़ी सी खोली हुई है उसने.इतनी बेरहमी से मारा गया है उसको.' बच्ची के चाचा ने बताया कि जब हम लोग बच्ची को तलाशते हुए स्कूल पहुंचे तो जिस छात्र ने हमला किया था, वही उनको उस जगह पर लेकर गया, जहां वह अधमरी हालत में पड़ी थी.
सरकार ने गठित की कमेटी
इस मामले में हरियाणा के शिक्षा मंत्रालय ने एक कमेटी का गठन किया है, जो जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी. शिक्षा मंत्री महिपाल सिंह ढांडा ने कहा, 'वीडियो इतना भयानक है कि वह देखा नहीं जा रहा है. मैंने इसके बाद तुरंत अफसरों को कमेटी गठित कर जांच करने का आदेश दिया है. रविवार सुबह तक उसकी रिपोर्ट आ जाएगी.'
सिर टेबल पर पटका, मारी लात
इस वीडियो में तीसरी क्लास के लड़के ने बच्ची का सिर टेबल पर पटका. उसको बर्बरता से लात मारी, बाल पकड़कर घसीटा. इतने से भी जब उसका मन नहीं भरा तो उसने गमले-पत्थर से हमला किया.इलके बाद बच्ची बेहोश हो गई, तब भी वह नहीं रुका और वह उसे बेहोशी की हालत में भी मारता रहा. वह बच्चे के सीने पर पैर रखकर चढ़ गया. बच्चे के इस हिंसक बर्ताव से हर कोई शॉक रह गया. स्कूल परिसर में हुई इस घटना के बाद बच्ची को आनन-फानन में सेक्टर-6 स्थित नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया. यहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे PGI चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया.फिलहाल, बच्ची की हालत गंभीर बताई जा रही है.
वारदात से उठे कई सवाल?
- वारदात के वक्त क्लास टीचर, ग्राउंड स्टाफ कहां थे?
- क्लास में बच्चे को अकेला क्यों छोड़ा?
- स्कूल के अंदर लगे CCTV की निगरानी क्यों नहीं हो रही थी?
- देखभाल के लिए अटेंडेंट या सपोर्ट स्टाफ तैनात क्यों नहीं था?
- तीसरी क्लास के बच्चे के मन में इतनी आक्रामकता कहां से आई?
एक्सपर्ट क्या बोले?
इस मामले पर मनोवैज्ञानिक निशा खन्ना ने कहा, '8 साल के बच्चे का प्री फ्रंटल कॉन्टैक्ट डेवलप नहीं होता. यानी किसी भी तरह का रिस्क असेसमेंट, बिहेवियर, मॉरल रूल, मॉडल रूल को फॉलो नहीं किया. दूसरा है मॉडलिंग से बच्चे काफी सीखते हैं. स्कूल का वातावरण और माता-पिता की सीख से भी बच्चा काफी कुछ सीखता है. अगर अपने घर में हम किसी को इमोशनली या फिजिकली दबाते हैं तो बच्चा वह सीखता है. बच्चे के पिता जब स्कूल आए तो वह नशे की हालत में थे. तो आप सोच सकते हैं कि घर का वातावरण कैसा होगा. बच्चे कहने से ज्यादा देखने से सीखते हैं. अगर बच्चे ज्यादा वायलेंस देख रहे हैं, तो वह वायलेंस ही सीखेंगे.'
बच्चे हिंसक क्यों हो रहे?
- हिंसक वीडियो गेम और कंटेंट
- धैर्य की कमी और तुरंत संतुष्टि
- नींद की कमी से चिड़चिड़ापन
- घर में कलह और आक्रामकता
- बच्चों से बातचीत ना करना
- बच्चों के साथ मारपीट करना
- भावनाओं को ना संभाल पाना
- बच्चों को डराना-धमकाना
- गलत संगत भी जिम्मेदार
हिंसक व्यवहार के संकेत
- बार-बार गुस्सा आना
- समझाने पर भी गुस्सा
- सामान-चीजें फेंकना
- मां-बाप को ही मारना
- गलत भाषा का प्रयोग
- गलत आदतों में पड़ना
- भाई-बहन के लिए प्यार नहीं होना
- लड़ाकू प्रवृत्ति होना
- संवेदनशील-चिड़चिड़ा रहना