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महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) चुनाव में अजित पवार की पार्टी को बड़ा झटका लगा है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) एक भी सीट नहीं जीत सकी. इसकी वजह पार्टी की अंदरूनी कलह मानी जा रही है, हालांकि मतभेद की खबरों को पार्टी की वरिष्ठ नेता सुनेत्रा पवार ने खारिज किया है. छत्रपति संभाजीनगर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में पार्टी उम्मीदवार की हार पर उन्होंने कहा कि चुनाव में जीत और हार दोनों ही प्रक्रिया का हिस्सा हैं और पार्टी इस नतीजे की गहराई से समीक्षा करेगी.
सुनेत्रा पवार ने कहा, 'हमारे बीच किसी भी तरह की कोई फूट या कलह नहीं थी. जब भी कोई चुनाव होता है, तो उसमें हार और जीत दोनों ही सामने आती हैं. अगर हार हुई है, तो आत्ममंथन की ज़रूरत होती है, हम निश्चित रूप से बैठकर इस पर आत्ममंथन करेंगे.'
Pune: Maharashtra DCM Sunetra Pawar said, "There was no rift among us, and whenever there is an election, victory and defeat happen. If there is a defeat, there is a need for self-introspection. We will definitely do self-introspection." (30.10) https://t.co/2mdIcRWNhP
— ANI (@ANI) October 31, 2026
दरअसल, छत्रपति संभाजीनगर स्नातक सीट पर अजित पवार की NCP का मजबूत किला ढह गया है. तीन बार से लगातार विधान परिषद सदस्य रहे सतीश चव्हाण इस बार सीट नहीं बचा सके. शरद पवार गुट के उम्मीदवार प्रतापसिंह पाटिल ने उन्हें हरा दिया. जीत दर्ज करने के बाद पाटिल ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि राज्य में बदलाव की ज़बरदस्त लहर चल रही है. पढ़े-लिखे मतदाताओं ने यह कड़ा संदेश दे दिया है कि अवाम को टेकन फॉर ग्रांटेड नहीं समझा जा सकता.
महाराष्ट्र विधान परिषद की जिन 5 सीटों पर चुनाव हुए थे, उनमें पुणे स्नातक, छत्रपति संभाजीनगर स्नातक, नागपुर स्नातक, पुणे शिक्षक और अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल थे. इस बार नतीजों में विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) का पलड़ा भारी रहा. MVA ने 5 में से 3 सीटों पर कब्ज़ा किया, जबकि सत्ताधारी महायुति गठबंधन के खाते में सिर्फ़ 2 सीटें आ पाईं. महायुति में शामिल बीजेपी और शिंदे गुट की शिवसेना ने 1-1 सीट जीती, जबकि अजित पवार की एनसीपी को इस बार खाली हाथ रहना पड़ा.