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पंचकूला स्कूल कांड: मौत को मात देकर घर लौटी नन्ही परी, फूलों से सजे घर में हुआ लाड़ली का स्वागत

पंचकूला के स्कूल में तीसरी क्लास के छात्र की पिटाई का शिकार हुई मासूम बच्ची को चंडीगढ़ पीजीआई से डिस्चार्ज कर दिया गया है. लंबे इलाज के बाद बच्ची अपने माता-पिता के साथ घर लौट आई है. इस बीच बच्ची की दर्दभरी कहानी ने लोगों की आंखें एक बार फिर नम कर दी हैं.

पंचकूला स्कूल कांड: मौत को मात देकर घर लौटी नन्ही परी, फूलों से सजे घर में हुआ लाड़ली का स्वागत
Image Credit: (सोशल मीडिया)

पंचकुला के स्कूल में छह साल की बच्ची के साथ मारपीट व ईंट से हमला करने वाले आठ वर्षीय छात्र की मानसिक स्थिति सही है कि नहीं? इन सवालों के बीच मासूम गुड़िया मौत को मात देकर अपने घर पहुंच गई है. इस तरह राजकीय संस्कृति मॉडल स्कूल में मारपीट का शिकार हुई मासूम बच्ची के घरवालों ने आखिरकार राहत की सांस ली. जिंदगी और मौत के बीच लंबी जंग लड़ने के बाद बच्ची को चंडीगढ़ पीजीआई से उपचार के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया.

काम आई दुआएं

बच्ची जब अपने माता-पिता के साथ खुशी-खुशी घर लौटी तो न सिर्फ परिवार बल्कि पड़ोसियों के चेहरों पर सुकून और मुस्कान नजर आई. जिस घर में पिछले कई दिनों से चिंता, डर और दुआओं का माहौल था, वहां अब बच्ची की वापसी से खुशियों ने दस्तक दी है. इस दर्दनाक घटना ने न केवल पंचकुला बल्कि देशभर के लोगों की संवेदना को झकझोर दिया था. इस नन्ही परी की सलामती के लिए हजारों लोगों ने जो दुआएं की थीं, वो रंग लाई हैं.

समाजसेवी आए आगे

एक तरफ जहां बच्ची सदमें से उबरने की कोशिश कर रही है, दूसरी ओर उसके भविष्य को बेहतर बनाने के लिए समाजसेवी अनिल थापर ने बच्ची की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने का ऐलान किया है. घर लौटने पर मासूम का फूलों की सजावट से स्वागत हुआ. उम्मीद है कि समय के साथ उसके जख्म भरेंगे, चेहरे पर मुस्कान लौटेगी और वह फिर से किताबों, खेलों और अपने सुनहरे सपनों की दुनिया में लौट सकेगी.

क्या था पूरा मामला?

इस बच्ची को उसकी स्कूल में पढ़ने वाले कक्षा 3 के छात्र ने 28 अक्टूबर 2026 को हाथ-पैर और पत्थरों से पीटा था. जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई थी. करीब आठ दिन बाद जब बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ्य होकर घर पहुंची तो उसके चेहरे पर भी खुशी नजर आई.

रिपोर्ट्स के मुताबिक मासूम पर हमला करने वाले बच्चे के परीक्षण के दौरान तीन डॉक्टरों के पैनल ने बच्चे का मानसिक व व्यवहार संबंधी आकलन किया था. इसमें बच्चे की समझ, तर्क क्षमता, व्यवहार और मानसिक स्थिति को परखा गया था.

इस बेहद संवेदनशील मामले में पुलिस समेत हर विभाग ने जांच में बड़ी सावधानी बरती है. एडीसी की अध्यक्षता में गठित जांच कमेटी भी घटना से जुड़े हर पहलू की जांच कर रही है. ये टीम स्कूल, बच्चे के माता-पिता, शिक्षकों व छात्र से जुड़े हर तथ्य की गहराई से जांच करने के बाद बनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेगी.

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About the Author

Shwetank Ratnamber

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श्वेतांक रत्नाम्बर वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल न्यूज़ मीडिया में 22 वर्षों से ज्यादा का व्यापक अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय (देश-दुनिया) खबरों की डेस्क पर कार्यरत हैं. समसामयिक मुद्दों, वैश्विक राजनीति और कूटनीति पर गहरी समझ रखने वाले श्वेतांक जटिल अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों और राजनीतिक समीकरणों का सटीक विश्लेषण करने के विशेषज्ञ हैं.Zee News डिजिटल से पहले उन्होंने ज़ी मीडिया नेटवर्क के ग्लोबल न्यूज़ चैनल 'WION' के साथ काम किया है. इस दौरान उन्होंने 'Gravitas', 'The West Asia Post' और 'One Africa' जैसे कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्राइम-टाइम शोज़ के हिंदी प्रोडक्शन और इंटरप्रिटेशन में अहम भूमिका निभाई. 2004 से शुरू हुए अपने पत्रकारिता करियर में श्वेतांक ने रिपोर्टिंग और एंकरिंग के साथ-साथ चार लोकसभा और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की व्यापक ग्राउंड कवरेज की है.जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI), नई दिल्ली से जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा के बाद मास कम्युनिकेशन और पॉलिटिकल साइंस में मास्टर्स डिग्री हासिल करने वाले श्वेतांक लंबे समय से 'प्रेस क्लब ऑफ इंडिया' (PCI) के सम्मानित सदस्य हैं.आप श्वेतांक रत्नाम्बर से सीधे shwetank.ratnamber@india.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप उनसे एक्स (ट्विटर), मेटा (फेसबुक) और लिंक्डइन पर भी कनेक्ट कर सकते हैं.' 
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