रोक लगाने की तमाम कोशिशों के बावजूद भारत के बाजारों में पाकिस्तान की ब्यूटी फेयरनेस क्रीम धड़ल्ले से बिक रही है. कई बार इसे लेकर चिंता जताई जा चुकी है. लेकिन फिर भी कोई हल नहीं निकला है. अधिकारियों ने बताया कि सीमा पार से घुसपैठ के अलावा, बिहार और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती जिलों में पाकिस्तान में बनी फेयरनेस क्रीम (जिन्हें 'गोरी ब्यूटी' और 'चांदनी व्हाइटनिंग' कहा जाता है) बेहद पॉपुलर हो गई हैं. इससे सीमा पार तस्करी और स्वास्थ्य संबंधी संभावित खतरों को लेकर टेंशन बढ़ गई है.
सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) ने पाकिस्तान में बने उन अवैध कॉस्मेटिक उत्पादों के इस्तेमाल को लेकर अलर्ट जारी किया है, जो भारत में बिक रहे हैं. 8 सितंबर, 2026 को जारी हुए एक पब्लिक नोटिस में कहा गया था कि ‘गोरी ब्यूटी क्रीम’ और ‘चांदनी व्हाइटनिंग क्रीम’ नाम के कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स की बिक्री अवैध है और इनके मैन्युफैक्चरर्स को कोई ट्रेड रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी नहीं किया गया था. जी न्यूज ने भी इस खबर को प्रमुखता से उठाया था और स्टिंग ऑपरेशन में बड़े खुलासे किए थे.
बात पते की: पाकिस्तान की जहरीली 'गोरी-चांदनी' पर बड़ा खुलासा #BaatPateKi #Ahmedabad #FaceCream | @ShobhnaYadava https://t.co/eDvZRD1QtM
— Zee News (@ZeeNews) September 21, 2026
बिहार और बंगाल में नेपाल सीमा के पास सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवानों ने इस कॉस्मेटिक प्रोडक्ट की एक बड़ी खेप जब्त की है, जिससे इस अवैध व्यापार की पोल खुल गई है. आरोप है कि इन क्रीमों की तस्करी नेपाल के रास्ते भारत में की जा रही थी, जिससे घरेलू बाजारों में प्रतिबंधित सामानों की एंट्री को रोकने की कोशिशों में खामियां सामने आई हैं.
इस जब्ती के बाद सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) ने SSB और दोनों राज्यों की पुलिस को सतर्क करते हुए उन्हें अंतरराष्ट्रीय सीमा पर निगरानी बढ़ाने और अवैध कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स की आवाजाही की जांच करने का फरमान सुनाया.
राज्य के स्वास्थ्य विभागों और उनके ड्रग कंट्रोल सेल ने भी बिहार के कोसी और सीमांचल क्षेत्रों के जिलों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग, सिलीगुड़ी और मालदा जिलों में निगरानी बढ़ा दी है. संदिग्ध सप्लाई नेटवर्क की जांच करने और उन रास्तों की पहचान करने के लिए अलग-अलग टीमें तैनात की गई हैं, जिनके जरिए ये उत्पाद स्थानीय बाजारों तक पहुंचते हैं.
कोसी क्षेत्र के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल कुमार आशीष ने कहा, 'SSB जवानों ने प्रतिबंधित सामान जब्त किया है. अधिकारियों को ऐसे उत्पादों की तस्करी रोकने का काम सौंपा गया था.' वहीं, सिलीगुड़ी में तैनात एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि तस्कर नेपाल सीमा के खुले इलाकों का फायदा उठाकर प्रतिबंधित कॉस्मेटिक्स को पश्चिम बंगाल ला रहे हैं. सीमावर्ती इलाकों से ये प्रोडक्ट्स कोलकाता और आसनसोल जैसे बड़े व्यापारिक केंद्रों तक पहुंचाए जाते हैं.'
SSB के इंस्पेक्टर जनरल निशिकांत उज्ज्वल ने कहा, 'हमें नेपाल से बिहार में तस्करी किए जा रहे पाकिस्तान में बने कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स की एक लिस्ट मिली है. कस्टम विभाग भी इस रैकेट पर काम कर रहा है.' उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी और सीमा पर तैनात जवानों को सतर्क रहने का आदेश दिया गया है.
सिलीगुड़ी के पुलिस कमिश्नर सैयद वकार रजा ने बताया कि पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में हर महीने हजारों की तादाद में इन प्रतिबंधित क्रीमों का इस्तेमाल होता है. ब्रांडेड कॉस्मेटिक्स और महंगे हर्बल ऑप्शन्स की तुलना में इनकी कम कीमत के कारण, कम आय वाले ग्राहकों में ये क्रीम खूब बिकती है.'
अधिकारियों ने बताया कि जब्त किए गए प्रोडक्ट्स की जांच में पाया गया कि दोनों क्रीमों में हानिकारक धातु और जहरीले तत्व (जैसे मरकरी) तय सीमा से कई गुना ज्यादा मात्रा में मौजूद थे. साथ ही, इन प्रोडक्ट्स के भारत में इंपोर्ट के लिए जरूरी वैध पंजीकरण प्रमाण-पत्र भी नहीं थे.
हेल्थ एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि जहरीले पदार्थों की ज्यादा मात्रा वाले कॉस्मेटिक्स के इस्तेमाल से स्किन को नुकसान हो सकता है और स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं. किशनगंज के सिविल सर्जन डॉ आरके चौधरी ने कहा, 'लंबे समय तक इनके संपर्क में रहने से बच्चों और अन्य संवेदनशील ग्राहकों को अधिक जोखिम का सामना करना पड़ सकता है.'