दुर्गा पूजा पर बिरयानी खाओ, मगर हिंदू की दुकान से... मां दुर्गा के तस्वीर के साथ 'नॉनवेज' ऐड पर बंगाल में बवाल
दुर्गा पूजा के दौरान मां दुर्गा की तस्वीर के साथ 'नानवेज' विज्ञापन वाले पोस्टर पर बवाल मच गया है. बीजेपी के विरोध के बाद पुलिस ने भी आरोपी दुकानदार पर कार्रवाई की है. पुलिस ने दुकानदार को दोबारा से ऐसा नहीं करने की चेतावनी दी है.
नवरात्र पर पश्चिम बंगाल में बड़े धूमधाम से दुर्गा पूजा का आयोजन होता है. दुर्गा पूजा के बीच उत्तरपाड़ा के हिंदमोटर में एक पोस्टर को लेकर काफी बवाल देखने को मिल रहा है. यहां मां दुर्गा की तस्वीर और भक्ति वाले स्लोगन के साथ चिकन बिरयानी के पोस्टर लगाने से विवाद पैदा हो गया. सोशल मीडिया पर पोस्टर वायरल होते ही सियासी संग्राम छिड़ गया. सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए स्थानीय पुलिस-प्रशासन से सवाल उठाए. इसके बाद स्थानीय विधायक दीपांजन चक्रवर्ती भी इस विवाद में कूद गए. उन्होंने इस तरह के पोस्टर को हिंदू धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताया. बीजेपी विधायक ने कहा कि बिरयानी के साथ मां दुर्गा की तस्वीर लगाने की हिम्मत बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
पुलिस ने दुकानदार को दी सख्त चेतावनी
स्थानीय बीजेपी विधायक के विरोध के बाद पुलिस भी एक्टिव हो गई. पुलिस ने इस तरह के पोस्टर लगाने पर दुकानदार को तलब किया है. जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने दुकानदार को सभी विवादित पोस्टर हटवाने और दोबारा ऐसा करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर उत्तरपाड़ा पुलिस स्टेशन में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है. घटना को लेकर बताया जा रहा है कि श्रीराम ग्रैंड सिटी के पास स्थित एक बिरयानी की दुकान में मां दुर्गा की तस्वीर के साथ चिकन बिरयानी विज्ञापन लगाया गया था.
हिंदू दुकानदारों से ही खरीददारी की अपील
इससे पहले सिलीगुड़ी में हिंदू जागरण मंच की ओर से लगाए गए पोस्टर पर विवाद हो गया था. जगह-जगह पर लगाए गए इन पोस्टरों में हिंदुओं से हिंदुओं की दुकानों पर ही खरीददारी करने की अपील की गई थी. इस तरह के पोस्टरों पर हिंदू जागरण मंच के सदस्य अभिषेक दास ने मीडिया से कहा था कि यह सिर्फ एक अपील है, किसी को कोई आदेश नहीं दिया जा रहा है. उन्होंने कहा था कि ऐसा करने से स्थानीय हिंदुओं की आय बढ़ेगी. वहीं, सीपीआई के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री अशोक भट्टाचार्य ने इन पोस्टरों को लगाने वालों को जेल भेजने की मांग की थी.
विवादित पोस्टर से बीजेपी का साफ इनकार
उन्होंने कहा कि था कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक देश है. यहां इस तरह के पोस्टर लगाना अपराध है. प्रशासन ऐसे पोस्टर हटवाए और इस तरह के पोस्टर लगाने वालों पर कड़ी कार्रवाई करे. दूसरी ओर, बीजेपी ने इन पोस्टरों से खुद को अलग कर लिया. बीजेपी ने साफ कहा कि उसका इस तरह के पोस्टरों और हिंदू जागरण मंच से कोई संबंध नहीं है. स्थानीय बीजेपी प्रवक्ता ने साफ कहा कि हमारी पार्टी की कोई भूमिका नहीं.