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बांग्लादेशी आतंकी संगठन JMB का पर्दाफाश: 3 राज्यों के 16 ठिकानों पर NIA की रेड, रेडिकलाइजेशन मामले में बड़ा खुलासा

जांच एजेंसी एनआईए ने भारत में कट्टरपंथी सोंच को हवा-पानी देने वालों पर शिकंजा कसते हुए एक्शन लिया है. एनआईए ने 16 ठिकानों पर रेड करके इस नेक्सस को तोड़ने के लिए अपने मजबूत इरादे जता दिए हैं.

Written By Shwetank Ratnamber
Published: Sep 29, 2026, 02:41 PM IST | Updated: Sep 29, 2026, 03:31 PM IST
Image Credit: (ANI)
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए ने मंगलवार की सुबह भारत में कट्टरपंथी विचारधारा को बढ़ावा देने वालों पर शिकंजा कसा है. यह नेटवर्क फिलहाल भारत के तीन राज्यों में एक्टिव है. उनमें से एक पश्चिम बंगाल में एक्टिव बांग्लादेश के आतंकी संगठन 'जमात-उल-मुजाहिद्दीन बांग्लादेश' (JMB) के स्लीपर सेल 'इमाम महमूदेर काफिला' (IMK) के लोगों पर शिकंजा कसने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया गया. ये एक्शन असम में दर्ज अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद से जुड़े एक मामले की जांच के सिलसिले में लिया गया.

'इमाम महमूदेर काफिला' से एक्टिव लोगों की पड़ताल के सिलसिले में असम, बंगाल और केरल में कुल 16 जगहों पर रेड डाली गई. भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक आईएमके , बांग्लादेश के प्रतिबंधित आतंकी संगठन 'जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश' (JMB) का ही एक गुट है.

3 राज्यों में एक्शन

NIA से मिली जानकारी के मुताबिक, जिन 16 ठिकानों पर तलाशी ली गई, उनमें 10 असम में, 5 पश्चिम बंगाल में और 1 केरल में स्थित है. यह पूरी कार्रवाई उस मामले का हिस्सा है, जिसमें एजेंसी ने करीब तीन महीने पहले (जून 2026 में) गुवाहाटी की स्पेशल कोर्ट में 11 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. आरोपियों पर नए कानून 'भारतीय न्याय संहिता' और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की कड़ी धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है.

युवाओं को भड़काने की साजिश

जांच में खुलासा हुआ है कि ये सभी आरोपी भारत विरोधी एजेंडे को आगे बढ़ा रहे थे. इनका मुख्य मकसद असम, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में नेटवर्क फैलाना और युवाओं का ब्रेनवॉश कर उन्हें कट्टरपंथ की तरफ धकेलना था.

एजेंसी के मुताबिक JMB के सीनियर मेंबर इमाम महमूद हबीबुल्लाह ने भारत में संगठन की जमीन मजबूत करने के लिए IMK का गठन किया था. सूत्रों के मुताबिक ये काम गुपचुप तरीके से हो रहा था. इससे जुड़े लोग इंटरनेट और गुप्त बैठकों के जरिए भारत विरोधी माहौल बना रहे थे. ये लह भड़काऊ साहित्य बांटकर और सोशल मीडिया का सहारा लेकर लोगों को बरगला रहे थे.

चार्जशीट में असम के नसीमुद्दीन और त्रिपुरा के जागीर मियां का नाम टॉप पर है. दोनों को लेकर एजेंसी का दावा है कि यही अपने-अपने राज्यों में संगठन का पूरा काम-काज संभाल रहे थे.

डिजिटल सबूत और दस्तावेज जब्त

मामले की जांच के दौरान NIA को कई विवादित दस्तावेजों समेत, मोबाइल-लैपटॉप से भी डिजिटल रिकॉर्ड के साक्ष्य मिले हैं. इन्हीं सबूतों को कड़ी दर जोड़ते हुए अब एनआईए एजेंसी आगे की कार्रवाई कर रही है.

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About the Author

श्वेतांक रत्नाम्बर वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल न्यूज़ मीडिया में 22 वर्षों से ज्यादा का व्यापक अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय (देश-दुनिया) खबरों की डेस्क पर कार्यरत हैं. समसामयिक मुद्दों, वैश्विक राजनीति और कूटनीति पर गहरी समझ रखने वाले श्वेतांक जटिल अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों और राजनीतिक समीकरणों का सटीक विश्लेषण करने के विशेषज्ञ हैं.Zee News डिजिटल से पहले उन्होंने ज़ी मीडिया नेटवर्क के ग्लोबल न्यूज़ चैनल 'WION' के साथ काम किया है. इस दौरान उन्होंने 'Gravitas', 'The West Asia Post' और 'One Africa' जैसे कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्राइम-टाइम शोज़ के हिंदी प्रोडक्शन और इंटरप्रिटेशन में अहम भूमिका निभाई. 2004 से शुरू हुए अपने पत्रकारिता करियर में श्वेतांक ने रिपोर्टिंग और एंकरिंग के साथ-साथ चार लोकसभा और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की व्यापक ग्राउंड कवरेज की है.जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI), नई दिल्ली से जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा के बाद मास कम्युनिकेशन और पॉलिटिकल साइंस में मास्टर्स डिग्री हासिल करने वाले श्वेतांक लंबे समय से 'प्रेस क्लब ऑफ इंडिया' (PCI) के सम्मानित सदस्य हैं.आप श्वेतांक रत्नाम्बर से सीधे shwetank.ratnamber@india.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप उनसे एक्स (ट्विटर), मेटा (फेसबुक) और लिंक्डइन पर भी कनेक्ट कर सकते हैं.' 
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