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सीजेपी के प्रोटेस्ट से इंटरनेट सेंसेशन बनीं जेएनयू की छात्र नेता नेहा बोरा के एक हालिया इंटरव्यू पर बीजेपी ने जमकर निशाना साधा है. बीजेपी के नेता प्रदीप भंडारी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके नेहा के इंटरव्यू के हिस्से को दिखाते-सुनाते हुए उनकी सोच को भारत के संविधान और लोकतंत्र दोनों के लिए खतरनाक बताया है. 10 अक्टूबर से कांग्रेस की टॉप लीडरशिप के साथ लगातार दिख रहीं जेएनयू की स्टूडेंट और वामपंथी छात्र संगठन AISA की धाकड़ नेत्री नेहा के उसी इंटरव्यू के हवाले से बीजेपी ने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं.
बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने नेहा बोरा के बयान को राहुल गांधी की प्रोपेंगेडा टीम का हिस्सा बताते हुए कहा कि वो बांग्लादेश की तरह देश में सत्ता परिवर्तन का माहौल बनाने के लिए लोगों को भड़काने और उकसाने की कोशिशें कर रही हैं.
भंडारी ने यह भी कहा कि राहुल गांधी के आस-पास मंडरा रहे लोग सरकार का तख्तापलट करवाना चाहते हैं, इसलिए अपने उस खतरनाक मकसद के लिए वह खून-खराबे की बात कहने से गुरेज नहीं कर रहे. राहुल गांधी और उनकी पोस्टर गर्ल दोनों भारत के अंदर तानाशाही लाना चाहते हैं. भारत के अंदर बांग्लादेश जैसी अराजकता लाने का विचार देश की डेमोक्रेसी को खत्म करने की शाजिश है.
उन्होंने ये भी कहा, 'राहुल गांधी और उनका पूरा सिस्टम देश के विरुद्ध है. यह कोई इकलौती घटना नहीं है. प्रशांत भूषण ट्विटर पर कह रहे है की वो चाहते हैं कि देश में क्रांति हो. इसके 24 घंटे बाद राहुल गांधी उसी प्रशांत भूषण से संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करवाते हैं.'
प्रदीप भंडारी ने यह भी कहा, 'राहुल गांधी के पूरे विरोध प्रदर्शन का चेहरा बनीं नेहा ने एक इंटरव्यू में कहा कि वो बांग्लादेश के Gen-Z आंदोलन से प्रेरित हैं और वो भारत में भी बिल्कुल वैसा ही करना चाहते हैं, जैसा बांग्लादेश में हुआ. इससे साबित होता है कि राहुल गांधी का मकसद राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि भारत का संविधान और लोकतंत्र को नष्ट करना है. राहुल गांधी-कांग्रेस का इकोसिस्टम भारतीय लोकतंत्र के लिए खतरनाक हैं, इसलिए जिसे भी भारत के संविधान में विश्वास हो, उसे राहुल गांधी और उनके इकोसिस्टम का विरोध करना चाहिए.'
Neha Bora who is poster girl of Rahul Gandhi proves Rahul's resistance is not political. Objective is regime change Neha Bora says-" she is inspired by Regime change in Bangladesh and wants that to replicate in India" https://t.co/juxwGi8KUx
— Pradeep Bhandari(प्रदीप भंडारी)🇮🇳 (@pradip103) October 14, 2026
एक्स, फेसबुक और यू-ट्यूब पर मौजूद मोदी विरोधी खेमा नेहा को 'आयरन लेडी', 'शेरनी' और झांसी की रानी बता रहा है. वहीं सत्ता पक्ष के समर्थक उन्हें कांग्रेसी इकोसिस्टम का हिस्सा, राहुल गांधी की प्रोपेगेंडा टीम का अहम हिस्सा बता रहे हैं.
इसी तरह इंटरनेट के समुद्र की गहराइयों में सोशल मीडिया की नाव पर सवार नेटिजंस में कुछ को नेहा बोरा में कन्हैया कुमार जैसा अक्स और भविष्य दिख रहा है.
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हाल ही में सुप्रीम कोर्ट तक निकाले गए मार्च में नेहा बोरा, प्रियंका वाड्रा और राहुल गांधी के साथ-साथ दिख रही थीं. लेफ्ट नेत्री की कांग्रेस आलाकमान से सीधी नजदीकी कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI तक में चर्चा का विषय बनी हुई है. NSUI समर्थक इसलिए हैरान हैं कि प्रदर्शन कांग्रेस की अगुआई वाले INDIA गठबंधन का था, तो लेफ्ट के AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा को इतना भाव क्यों दिया गया.
हालांकि, कांग्रेस के कुछ नेता नेहा को इतनी फुटेज देने के फैसले को आलाकमान का मास्टरस्ट्रोक यानी सोची-समझी सियासी रणनीति बता रहे हैं, ताकि सियासी दलों के प्रदर्शन और संघर्ष का क्रेडिट नई-नवेली नॉन पॉलिटिकल पार्टी सीजेपी न हड़प सके.
29 साल की नेहा बोरा की फैमिली हिस्ट्री उत्तराखंड के खटीमा से जुड़ती हैं. बचपन से थिएटर में दिलचस्पी रखने वाली नेहा बोरा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है. ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने दिल्ली की ही अंबेडकर यूनिवर्सिटी से मास्टर्स किया. एक्स पर उनका परिचय @neha_aisa PhD Student, JNU, AISA Activist है. 1166 लोगों को फॉलो करने वाली नेहा के 156.1K फॉलोअर्स हैं.
दक्षिणपंथी विचारधारा की मुखर आलोचक नेहा बोरा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट यानी पीएचडी कर रही हैं. गांधी परिवार से उनकी नजदीकी बढ़ने के बाद से उन्हें राहुल गांधी की पोस्टर गर्ल बताया जा रहा है.