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आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने मंगलवार को महाराष्ट्र के यवतमाल में देश में अमीर और गरीब के बीच का अंतर कम करने की बात कही. उन्होंने कहा कि विकास का फायदा समाज के हर व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए. विकास करते समय सबसे ज्यादा जरूरतमंद और समाज के आखिरी व्यक्ति का भी ध्यान रखना जरूरी है. मोहन भागवत ने कहा कि देश की असली खुशहाली तभी होगी, जब गरीब और पिछड़े लोगों के जीवन में भी सुख और समृद्धि आए. समाज में अमीर और गरीब के बीच का अंतर जितना कम होगा, देश उतना ही बेहतर तरीके से आगे बढ़ सकेगा.
यवतमाल में RSS चीफ मोहन भागवत ने विकास और गरीबी को लेकर कहा कि पहले देश में गरीब लोग जरूर थे, लेकिन उनकी जिंदगी की बुनियादी जरूरतें पूरी होती थीं. उनके पास पेट भरने के लिए खाना, पहनने के लिए कपड़े और रहने के लिए घर होता था. भागवत ने कहा कि हर व्यक्ति के लिए छह चीजें जरूरी हैं. इनमें भोजन, कपड़े और घर के साथ शिक्षा, इलाज और दवाइयां तथा मेहमानों की खातिरदारी करने की क्षमता शामिल है. उनका कहना था कि इनमें से किसी भी जरूरत की कमी नहीं होनी चाहिए.
Yavatmal, Maharashtra | RSS Chief Mohan Bhagwat says, "In the past, even a poor person in our country did not lack the essentials of sustenance; they had enough food to fill their stomachs. Every individual should possess six things: food, clothing, and shelter; the education… pic.twitter.com/BDozjixbyo
— ANI (@ANI) September 29, 2026
मोहन भागवत ने आगे कहा कि पहले गरीब लोगों के घर भले ही पत्थरों की जगह मिट्टी की दीवारों वाले होते थे, लेकिन उनके पास रहने के लिए अपना घर था. इसी तरह उनके पास महंगे या रेशमी कपड़े नहीं होते थे, लेकिन रोजमर्रा की जिंदगी और सामाजिक मेलजोल के लिए पर्याप्त सूती कपड़े जरूर होते थे. भागवत के मुताबिक, विकास के स्तर में अंतर होना स्वाभाविक है, लेकिन समाज में सबसे आगे और सबसे पीछे रहने वाले लोगों के बीच यह अंतर जितना कम हो, उतना बेहतर है.
RSS प्रमुख ने कहा कि देश में विकास हो रहा है, लेकिन इतने बड़े समाज में हर व्यक्ति का एक ही समय पर और एक ही रफ्तार से आगे बढ़ना संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि सभी लोगों का विकास एक समान स्तर पर हो, यह व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है. हालांकि, विकास के सबसे ऊंचे और सबसे निचले स्तर के बीच का फासला कम से कम रखने की कोशिश होनी चाहिए.