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नेपाल-भूटान जाने वालों के लिए बड़ा बदलाव! अब सिर्फ पहचान बताना काफी नहीं, जानें क्या मांगेगा इमिग्रेशन

गृह मंत्रालय ने भारत, नेपाल और भूटान के बीच यात्रा करने वाले नागरिकों के लिए इमिग्रेशन नियमों में बदलाव किया है. अब यात्रियों को पहचान के लिए निर्धारित दस्तावेज दिखाने होंगे.

Written By Tahir Kamran
Published: Nov 05, 2026, 06:46 PM IST | Updated: Nov 05, 2026, 08:22 PM IST
Image Credit: AI की मदद से बनाई गई तस्वीर
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गृह मंत्रालय (MHA) ने इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स (एग्जेंप्शन) ऑर्डर-2025 में बदलाव किया है. नए नियमों के मुताबिक भारत, नेपाल और भूटान के बीच सफर करने वाले भारतीय, नेपाली और भूटानी नागरिकों को अब अपनी पहचान साबित करने के लिए निर्धारित दस्तावेज दिखाने होंगे. 5 नवंबर 2026 को जारी संशोधित आदेश के अनुसार, नेपाल या भूटान से भारत आने वाले और भारत से इन दोनों देशों में जाने वाले भारतीय नागरिकों को सड़क या हवाई मार्ग से यात्रा के दौरान वीजा मैनुअल में बताए गए दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज दिखाना होगा. इमिग्रेशन अधिकारी उनसे पहचान से जुड़ी जरूरी जानकारी भी मांग सकेंगे.

हालांकि, यह छूट उन भारतीय नागरिकों पर लागू नहीं होगी, जो भारत-नेपाल या भारत-भूटान सीमा के रास्ते नेपाल और भूटान के अलावा किसी अन्य देश की यात्रा कर रहे हैं या वहां से लौट रहे हैं. ऐसे मामलों में वैध पासपोर्ट होना जरूरी होगा. साथ ही, उन्हें भारत में प्रवेश या यहां से बाहर जाने के लिए केवल निर्धारित इमिग्रेशन चौकियों का इस्तेमाल करना होगा.

नेपाल-भूटान के नागरिकों के लिए क्या बदला?

इसी तरह, नेपाल और भूटान के नागरिकों को भी सड़क या हवाई मार्ग से भारत में प्रवेश करते समय या यहां से बाहर जाते समय वीजा मैनुअल में बताए गए दस्तावेजों में से कोई एक दिखाना होगा. उन्हें इमिग्रेशन अधिकारियों की ओर से मांगी गई जरूरी जानकारी भी देनी होगी. हालांकि, नेपाल और भूटान के अलावा किसी अन्य देश से आने या वहां जाने वाले नागरिकों के लिए वैध पासपोर्ट जरूरी होगा. इसके अलावा, जिन नेपाली और भूटानी नागरिकों ने चीन, मकाऊ, हांगकांग या पाकिस्तान से अपनी यात्रा शुरू की है या इन देशों के रास्ते भारत आ रहे हैं, उनके पास वैध पासपोर्ट और वीजा दोनों होने चाहिए.

बदलाव में दी गई कुछ लोगों राहत

संशोधित आदेश में कुछ विशेष श्रेणियों के लोगों को पासपोर्ट, यात्रा दस्तावेज और वीजा संबंधी अनिवार्यताओं से छूट भी दी गई है. इनमें भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना के वे जवान शामिल हैं, जो ड्यूटी के सिलसिले में देश में प्रवेश कर रहे हैं या बाहर जा रहे हैं. उनके साथ सरकारी परिवहन से यात्रा करने वाले परिवार के सदस्यों को भी यह छूट मिलेगी.

इसके अलावा, 9 जनवरी 2015 तक भारत में शरण लेने वाले पंजीकृत श्रीलंकाई तमिल नागरिकों, मरम्मत के लिए भारत आने वाले सैन्य जहाजों के विदेशी चालक दल के सदस्यों और निर्धारित प्रक्रिया के तहत भारत में प्रवेश कर पंजीकरण कराने वाले कुछ तिब्बती नागरिकों को भी छूट दी गई है.

अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के छह अल्पसंख्यक समुदायों- हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई को भी विशेष राहत दी गई है. इसके तहत ऐसे लोग शामिल होंगे, जो धार्मिक उत्पीड़न या उसके डर के कारण भारत में शरण लेने आए थे और 31 दिसंबर 2024 या उससे पहले देश में दाखिल हुए थे. यह छूट उन लोगों पर भी लागू होगी, जो बिना वैध यात्रा दस्तावेजों के भारत आए थे या जिनके दस्तावेजों की अवधि समाप्त हो चुकी थी. हालांकि, भारत में अपना प्रवास जारी रखने के लिए उन्हें संबंधित श्रेणी का वीजा लेना होगा.

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About the Author

Zee News में नेशनल डेस्क पर देश–विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरें लिखते हैं. करियर का आगाज 2015 से 'पंजाब केसरी' ग्रुप के उर्दू अखबार ‘हिंद समाचार’ से किया, जहां वे कंटेट राइटर से पेज डिजाइनर तक पहुंचे. इसके बाद उर्दू, हिंदी और पंजाबी - तीनों भाषाओं में काम करने का मौका मिला. 2018 में डिजिटल की तरफ कूच करते हुए पंजाब केसरी ग्रुप की उर्दू वेबसाइट की लॉन्चिंग टीम का नेतृत्व किया. इसके बाद 2020 में 'Zee Salaam' ज्वाइन किया, यहां भी वेबसाइट को लॉन्च करने के साथ-साथ तीन साल टीम का नेतृत्व भी किया. इसी दौरान ZEE Delhi NCR वेबसाइट भी लॉन्च हुई, जिसमें उनका अहम योगदान रहा. 2023 में India Daily Live की लॉन्चिंग टीम के साथ काम किया और शुरुआती दिनों में हिंदी के अलावा पंजाबी, तमिल, तेलुगु और गुजराती वेबसाइट टीमों को मैनेज किया. अक्टूबर 2024 में फिर से Zee Media में में वापसी करते हुए नेशनल टीम का हिस्सा बने. तकनीक में दिलचस्पी की वजह से उन्होंने React.js और वेब डिजाइनिंग सीखी. यही कारण है कि उनकी खबरों में HTML-CSS के छोटे-छोटे ग्राफिक्स दिख जाते हैं, जो मुश्किल बातों को भी आसान बना देते हैं. करियर की शुरुआत में कुछ दिनों तक फोटो स्टूडियो में भी काम किया, जहां कैमरा, Adobe Photoshop और ग्राफिक डिजाइनिंग सीखी, जो आज भी उनके डिजिटल काम में मदद करता है. उर्दू शायरी से प्यार अलग ही है. ग़ज़लें, नज़्में, गीत भी लिखते हैं और कई अखबारों में उनकी शायरी छप भी चुकी हैं. राहत इंदौरी, मुनव्वर राणा, अनवर जलालपुरी खुशबीर सिंह शाद और नवाज देवबंदी, माजिद देवबंदी  जैसे शायरों के इंटरव्यू व बातचीत का अनुभव भी उनके पास है. आप tahir.kamran@india.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facbook से जुड़ सकते हैं. 
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