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इस्लाम को दुनिया की कोई ताकत मिटा न सकेगी, सरकारें आती-जाती रहती हैं: मौलान अरशद मदनी

मौलाना मदनी ने आरोप लगाया कि पहले की सरकारें मुसलमानों को निशाना बनाती थीं, लेकिन मौजूदा सरकार मुसलमानों के साथ-साथ इस्लाम, उनकी धार्मिक पहचान और धार्मिक संस्थानों को भी निशाना बना रही है. उन्होंने कहा कि जो आज सत्ता में हैं, वे कल नहीं रहेंगे, क्योंकि सरकारें आती-जाती रहती हैं.

Edited By K. Raj Mishra
Published: Oct 28, 2026, 08:25 AM IST | Updated: Oct 28, 2026, 08:49 AM IST
Image Credit: मौलाना अशरद मदनी (File Photo- ANI)
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सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऐतिहासिक मस्जिद गिराने पर मचे सियासी बवाल के बीच जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने बड़ा बयान दिया है. मौलाना मदनी ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जो आज सत्ता में हैं, वे कल नहीं रहेंगे, क्योंकि सरकारें आती-जाती रहती हैं. उन्होंने कहा कि इस्लाम को दुनिया की कोई ताकत न तो मिटा सकी है और न ही भविष्य में मिटा सकेगी. मस्जिदों को लेकर मौलाना मदनी ने कहा है कि आज जिन मस्जिदों को तोड़ा जा रहा है, वे एक दिन फिर आबाद होंगी और वहां दोबारा 'अल्लाहु अकबर' की सदाएं बुलंद होंगी. उन्होंने आरोप लगाया कि पहले की सरकारें मुसलमानों को निशाना बनाती थीं, लेकिन मौजूदा सरकार मुसलमानों के साथ-साथ इस्लाम, उनकी धार्मिक पहचान और धार्मिक संस्थानों को भी निशाना बना रही है.

मुसलमानों से मौलाना मदनी की अपील

मदरसों की भूमिका पर जोर देते हुए अरशद मदनी ने कहा कि इस्लामिया धर्म में मदरसे, ईमान के रक्षक और धार्मिक पहचान के अमानतदार हैं. उन्होंने मुसलमानों से अपील करते हुए कहा कि नई पीढ़ी के ईमान, आस्था और नैतिकता की रक्षा करना केवल मदरसों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि माता-पिता को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी. उन्होंने मुसलमानों से मौजूदा परिस्थितियों से निराश नहीं होने की अपील की. मौलाना मदनी ने कहा कि मुसलमानों को सब्र, एकता, हिकमत और दृढ़ता के साथ अपने धर्म और ईमान पर मजबूती से कायम रहना चाहिए.

इस्लाम आज भी जिंदा है- मौलाना मदनी

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष ने सांप्रदायिक ताकतों को सोवियत संघ के अंजाम से सबक लेने की नसीहत देते हुए कहा कि इस्लाम को मिटाने का सपना देखने वाले खुद इतिहास का हिस्सा बन गए, लेकिन इस्लाम आज भी जिंदा है. बता दें कि इससे पहले, अरशद मदनी ने पांच सितंबर को सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऐतिहासिक मस्जिद को गिराए जाने की घटना पर गहरा अफसोस जताते हुए इसे संविधान, कानून के शासन और समान न्याय के सिद्धांत पर गंभीर सवाल खड़ा करने वाला कदम बताया था.

सहारनपुर मस्जिद को लेकर सरकार पर निशाना

अरशद मदनी ने कहा था कि सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित ऐतिहासिक मस्जिद को गिराया जाना बेहद दुखद है. उनका कहना था कि इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह मूल सवाल खड़ा कर दिया है कि यदि संविधान और कानून सभी के लिए समान हैं, तो उनके लागू होने में दोहरा मापदंड क्यों दिखाई देता है.

रिपोर्ट- आईएएनएस

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कर्मराज मिश्रा ज़ी न्यूज (डिजिटल) टीम में बतौर चीफ सब एडिटर कार्यरत हैं. वे यहां देश-विदेश की राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लिखते हैं. कानपुर यूनीवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर की डिग्री हासिल करके IBN-7 न्यूज चैनल से इंटर्नशिप की. इसके बाद खबर फास्ट, नेशन लाइव और साधना न्यूज न्यूज चैनलों में काम करने के बाद डिजिटल का रुख किया और 2017 से 2020 तक हिंदुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में बतौर सीनियर सब एडिटर काम किया. इसके बाद News Nation, India Ahead के बाद वर्तमान में Z Media का हिस्सा हैं. मीडिया में 10 साल के कार्यकाल के दौरान यूपी, बिहार, छत्तीसगढ़ और दिल्ली विधानसभा चुनावों के अलावा 2019 और 2024 का लोकसभा चुनाव कवर किया है.
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