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IIT बॉम्बे में छात्र साहिल के सुसाइड का केस अभी ठंडा नहीं हुआ था कि गुजरात से एक और मामला सामने आया है. राजकोट की मारवाड़ी यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर साइंस के एक स्टूडेंट ने छठी मंजिल से कूदकर जान दे दी है. इसी यूनिवर्सिटी में हफ्ते भर के अंदर खुदकुशी का यह दूसरा मामला है. इस घटना के विरोध में प्रदर्शन करने पहुंचे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी झड़प भी देखने को मिली.
जिस छात्र ने छठी मंजिल से कूदकर जान दी है, वह आंध्र प्रदेश का रहने वाला था और कंप्यूटर साइंस के थर्ड ईयर में पढ़ रहा था. हैरान करने वाली बात यह है कि ठीक एक हफ्ते पहले, यानी 19 सितंबर को भी आंध्र प्रदेश की ही एक छात्रा ने गर्ल्स हॉस्टल की 10वीं मंजिल से छलांग लगाकर खुदकुशी कर ली थी. सिर्फ सात दिन के अंदर हुई इन दो मौतों के बाद पूरे कैंपस में भारी तनाव का माहौल है.
इस मामले में यूनिवर्सिटी के एग्जीक्यूटिव रजिस्ट्रार नरेश जडेजा ने बताया कि 'सुसाइड करने वाला छात्र पढ़ाई में रेगुलर था. उसका कोई भी शैक्षणिक बैकलॉग नहीं था. सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, वह बिना कॉलेज बैग के यूनिवर्सिटी में दाखिल हुआ, सीधे छठी मंजिल पर गया और वहां से नीचे कूद गया.' जडेजा ने आगे कहा 'यूनिवर्सिटी को छात्र से जुड़ी पढ़ाई से संबंधित कोई समस्या नहीं मिली है. इस कदम के पीछे क्या वजह हो सकती है, यह समझने के लिए यूनिवर्सिटी उसके परिवार और दोस्तों से बातचीत करेगी.'
यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार नरेश जडेजा ने छात्र की मेडिकल कंडीशन को लेकर एक बड़ी बात बताई. उनके मुताबिक, छात्र की हाल ही में एक बड़ी सर्जरी हुई थी, जिसकी वजह से वह 23 अगस्त से 15 सितंबर तक अपने घर पर ही था. चूंकि 16 सितंबर से उसके एग्जाम शुरू हो रहे थे, इसलिए वह वापस राजकोट आया और उसने अपने सारे पेपर भी दिए.
शुक्रवार सुबह छात्र ने कथित तौर पर अपने एक दोस्त से कहा था कि वह यूनिवर्सिटी नहीं आएगा. हालांकि, वह यूनिवर्सिटी की बस के बजाय म्युनिसिपल बस से कैंपस पहुंचा और अपना पहला लेक्चर अटेंड किया. इसके बाद ब्रेक के दौरान उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया. रजिस्ट्रार ने स्पष्ट किया 'छात्र ने यूनिवर्सिटी प्रशासन या हॉस्टल वार्डन से किसी भी तरह की परेशानी की शिकायत नहीं की थी, उसका रूममेट पुलिस जांच में पूरा सहयोग कर रहा है.'
इस मामले में सौराष्ट्र कांग्रेस के प्रवक्ता रोहित सिंह राजपूत ने जांच की मांग की है. उन्होंने कहा 'मारवाड़ी यूनिवर्सिटी में एक हफ्ते के अंदर यह दूसरी आत्महत्या है. दोनों घटनाओं के पीछे की वजहें अभी तक सामने नहीं आई हैं.' उन्होंने दावा किया है कि शुक्रवार की घटना के बाद दक्षिण भारतीय छात्रों ने सोशल मीडिया पर यूनिवर्सिटी के खिलाफ गुस्सा जाहिर करते हुए एक ट्रेंड शुरू किया है, उन्होंने दोनों मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की और यूनिवर्सिटी प्रशासन से अपील की कि वे ऐसे कदमों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएं.
इन 2 घटनाओं के बाद सौराष्ट्र कांग्रेस के प्रवक्ता रोहित सिंह राजपूत ने एक बड़ा सुझाव भी दिया है कि छात्रों को मानसिक तनाव से उबारने के लिए यूनिवर्सिटी को साइकोलॉजिस्ट (मनोवैज्ञानिक) और मोटिवेशनल स्पीकर्स की नियुक्ति करनी चाहिए, ताकि कारणों की पहचान हो सके और कोई अन्य छात्र ऐसा कदम न उठाए.
इस मामले में ABVP मंत्री पुष्पराज सिंह जाला ने आरोप लगाया कि छात्र के साथ रैगिंग की गई थी. उन्होंने कहा कि पहली छात्रा की खुदकुशी के बाद भी संगठन ने यूनिवर्सिटी प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था, तब भरोसा दिलाया गया था कि ऐसी घटना दोबारा नहीं होगी. जाला ने कहा कि रैगिंग का यह आरोप छात्र के हॉस्टल के दोस्तों द्वारा साझा की गई जानकारी पर आधारित है, हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. ABVP ने इस पूरे मामले की विस्तृत जांच की मांग की है और चेतावनी दी है कि जब तक इस मुद्दे का समाधान नहीं होता, उनका प्रदर्शन जारी रहेगा.