कोलकाता भगदड़ः घायलों से मिले अमित शाह, 7 अरेस्ट और पंडाल में भी लगा ताला, अब तक क्या-क्या एक्शन हुआ?
कोलकाता भगदड़ की जांच के लिए हाईकोर्ट के जज की अध्यक्षता में SIT गठित की गई है. कोलकाता पुलिस ने दुर्गा पूजा आयोजकों समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया है. इसके अलावा करीब 14 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. उधर, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना.
कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ मामले में अब एक्शन शुरू हो गया है. राज्य सरकार की ओर से इस घटना की जांच के लिए हाईकोर्ट के मौजूदा जज की अध्यक्षता में SIT टीम का गठन किया गया है. इस टीम में STF, CID और अन्य विभागों के सदस्य भी रहेंगे. SIT गठित करने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि इस घटना की उच्चस्तरीय जांच कराई जा रही है. उन्होंने कहा कि इस घटना में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन्हें कतई बख्शा नहीं जाएंगे. सीएम ने कहा कि इस हादसे के लिए पूजा समिति का सदस्य, होमगार्ड, अस्थायी कर्मचारी, पुलिसकर्मी या निजी कंपनी का सुरक्षा गार्ड में से कोई भी जिम्मेदार हो सकता है. किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा. घटना के बाद पुलिस ने दुर्गा पूजा आयोजकों समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया है.
7 गिरफ्तार और 14 हिरासत में
कोलकाता पुलिस ने घटना पर स्वतः संज्ञान लेते हुए आयोजकों और अन्य लोगों के खिलाफ गिरीश पार्क पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 105, 110 और 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में पूजा समिति के सचिव राज कुमार सेवड़ा उर्फ राजा (48) और उपाध्यक्ष शांतनु दुबे (55) को गिरफ्तार किया गया है.
इसके अलावा बांस के ढांचे से पंडाल का निर्माण करने वाले बिप्लब मुखर्जी उर्फ जॉय (48) को गिरफ्तार कर लिया गया है. इसके अलावा भीड़ को नियंत्रित करने और वीआईपी पास की जांच करने के काम में लगे पिंटू डे (51) और सुमन चक्रवर्ती (30) भी गिरफ्तार हो चुके हैं. इसके अलावा प्राइवेट सिक्योरिटी इंचार्ज राजेश पाल (29) को भी पुलिस ने पकड़ लिया है. 14 लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है.
हादसे के बाद धारा 163 लागू
हादसे के बाद इलाके में शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कोलकाता पुलिस कमिश्नर अजय नंद ने अगले तीन दिनों के लिए यानी 18 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की है. इसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एक साथ इकट्ठा होने, लाठी या खतरनाक हथियार रखने पर रोक लगा दी गई है. पुलिस का दावा है कि सार्वजनिक स्थानों पर शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है.
घायलों से मिले अमित शाह
उधर, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अस्पताल जाकर घायलों के मुलाकात की और उनका हालचाल जाना. केंद्रीय गृहमंत्री ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से भी इस घटना की पूरी जानकारी मांगी है. सूत्रों के मुताबिक, हादसे की जानकारी मिलने के बाद अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से फोन पर बात की और घटना को लेकर संवेदना जताई. उन्होंने आज बंगाल में अपने सारे कार्यक्रमों को रद्द कर दिया है.