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'मैंने मां को आंखों के सामने मरते देखा', कोलकाता भगदड़ के पीड़ितों का छलका दर्द, सुनाई आपबीती

कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ में अबतक 19 लोगों की मारे जाने की बात सामने आई है, जबकि 25 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. प्रत्यक्षदर्शियों ने मीडिया को बताया कि वीकेंड की छुट्टी होने के कारण काफी अधिक संख्या में लोग पहुंचे थे. अचानक हुई बारिश से बचने के लिए लोग इधर-उधर भागने लगे और इसी कारण से भगदड़ मच गई. 

Written By K. Raj Mishra
Published: Oct 18, 2026, 06:27 AM IST | Updated: Oct 18, 2026, 07:25 AM IST
Image Credit: कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ (Photo- ANI)
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कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ में अबतक 19 लोगों की मारे जाने की बात सामने आई है, जबकि 25 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों को 25-25 लाख रुपये का मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है. वहीं, घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी. इसके साथ ही सभी घायलों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी. चश्मदीदों के अनुसार, आयोजकों की भारी लापरवाही और तेज बारिश के कारण इतना बड़ा हादसा हो गया. प्रत्यक्षदर्शियों ने मीडिया को बताया कि वीकेंड की छुट्टी होने के कारण काफी अधिक संख्या में लोग पहुंचे थे. पूजा पंडाल का प्रवेश द्वार और उससे बाहर निकलने का रास्ता काफी सकरा था. रास्तों पर रोशनी का कोई खास इंतजाम नहीं था. अचानक हुई बारिश से बचने के लिए लोग इधर-उधर भागने लगे और इसी कारण से भगदड़ मच गई. 

अपनों को खोने वालों का दर्द

इस हादसे में अपनी मां को खोने वाले 25 साल के एक युवक ने बताया कि मैंने अपनी मां को आंखों के सामने मरते हुए देखा है. उसने कहा कि हालात इस कदर बिगड़ गए थे कि मुझे लग रहा था कि मैं भी नहीं बचूंगा. उसने बताया कि वह कुम्हारटोली का रहने वाला है और उसका नाम सोनू पाल है. वह अपनी मां के साथ पूजा देखने के लिए आया था. अचानक मची भगदड़ में उसकी मां का निधन हो गया. भगदड़ कैसे मची, इसका जवाब देते हुए उसने कहा कि बाहर बारिश हो रही थी और कोई भी पंडाल से बाहर नहीं जाना चाहता था. जो लोग बारिश से बचने के लिए प्रवेश द्वार पर खड़े थे, वे अंदर जाने के लिए धक्का-मुक्की कर रहे थे. इसी दौरान कुछ लोग नीचे गिर गए. उसने कहा कि मैं भी अपनी मां के साथ भगदड़ में फंस गया था. मैंने किसी तरह खुद को संभाला और मां के पास पहुंचा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. मां भीड़ के नीचे दब गई थीं और इससे उनकी मौत हो गई.

अंधेरे की वजह से हुआ इतना बड़ा हादसा

सोनू ने कहा कि पंडाल का प्रवेश और निकास द्वार काफी संकरा था. बारिश के कारण बाहर खड़े लोग पंडाल में घुसने की कोशिश कर रहे थे. भीड़ को संभालने के लिए वहां पुलिसकर्मी या स्वयंसेवक भी मौजूद नहीं थे. भीड़ बढ़ने से लोगों के लिए सही से खड़ा होना भी मुश्किल हो गया था. दबाव बढ़ने से कुछ लोग गिर पड़े और उनके ऊपर दूसरे लोग गिरते चले गए. एक अन्य युवक ने बताया कि प्रवेश द्वार पर काफी लंबी कतार लगी हुई थी. जगह संकरी होने के कारण लोग करीब डेढ़ से अंदर जाने की प्रतीक्षा कर रहे थे. अचानक हुई बारिश के कारण लोग जल्दी से जल्दी अंदर जाने की कोशिश करने लगे. प्रवेश द्वार के रास्ते में रोशनी भी नहीं थी. उसने कहा कि अंधेरे की वजह से एक छोटी बच्ची और एक लड़का नीचे गिर गया. उन्हें संभालने में मैं भी गिर गया था.

उसने कहा कि भगदड़ मचते ही पंडाल की बिजली कट गई और चारों तरफ अंधेरा छा गया. अंधेरा काफी होने की वजह से लोग नीचे गिरे हुए लोगों को देख नहीं पा रहे थे और टकराकर गिरते जा रहे थे. मैंने किसी तरह से खुद को संभाला. पीड़ित ने बताया कि मौके पर पुलिस का एक भी जवान नहीं था और ना ही कोई वालंटियर नजर आया. एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि हालात इतने भयावह हो गए थे कि बस लोगों की चीख-पुकार ही सुनाई दे रही थी. भीड़ में दबे लोगों को उनके रिश्तेदारों ने बाइक पर लादकर ही अस्पताल पहुंचाया.

केंद्रीय गृहमंत्री ने सीएम शुभेंदु से बात की

घटना पर दुख जताते हुए पूजा समिति के प्रमुख आयोजक विकास दास ने कहा कि इस वक्त उनकी सबसे पहली प्राथमिकता घायलों की जान बचाना और उन्हें हर संभव इलाज मुहैया कराना है. उन्होंने सरकार से इस घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि पूजा समिति की ओर से जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा. उधर, घटना के बाद राज्य सरकार ने टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर (18003455678) भी जारी किया है. वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी राज्य सरकार से इस घटना की जानकारी ली है. गृहमंत्री ने आज बंगाल में अपने सभी प्रस्तावित कार्यक्रमों को रद्द कर दिया है. वे आज घायलों से मिलने अस्पताल जा सकते हैं.

ये भी पढ़ें- कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल में मातम; भगदड़ से 19 की मौत, आयोजकों समेत कई लोग हिरासत में

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About the Author

कर्मराज मिश्रा ज़ी न्यूज (डिजिटल) टीम में बतौर चीफ सब एडिटर कार्यरत हैं. वे यहां देश-विदेश की राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लिखते हैं. कानपुर यूनीवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर की डिग्री हासिल करके IBN-7 न्यूज चैनल से इंटर्नशिप की. इसके बाद खबर फास्ट, नेशन लाइव और साधना न्यूज न्यूज चैनलों में काम करने के बाद डिजिटल का रुख किया और 2017 से 2020 तक हिंदुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में बतौर सीनियर सब एडिटर काम किया. इसके बाद News Nation, India Ahead के बाद वर्तमान में Z Media का हिस्सा हैं. मीडिया में 10 साल के कार्यकाल के दौरान यूपी, बिहार, छत्तीसगढ़ और दिल्ली विधानसभा चुनावों के अलावा 2019 और 2024 का लोकसभा चुनाव कवर किया है.
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