'भारत न बांग्लादेश है न फ्रांस, सत्ता बदलेगी तो सिर्फ चुनाव से', किरेन रिजिजू ने 'रिजीम चेंज' की साजिश रचने वालों को लताड़ा
किरेन रिजिजू ने उन लोगों को लताड़ा है, जो भारत में जबरन सरकार बदलने का ख्वाब देख रहे हैं. उन्होंने साफ कर दिया, भारत में तख्तापलट या बाहरी इशारों पर सत्ता नहीं बदली जा सकती, यहां सरकार बदलने का हक सिर्फ और सिर्फ जनता के वोट को है. आइए जानते हैं पूरा मामला...
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने देश में कथित 'रिजीम चेंज' (सत्ता परिवर्तन) का नैरेटिव गढ़ने वालों पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन का इकलौता जरिया जनता का वोट और निष्पक्ष चुनाव हैं, किसी बाहरी ताकत या विदेशी फंडिंग के दम पर यहां तख्तापलट नहीं हो सकता. दुनिया के कई मुल्कों, खासकर बांग्लादेश और फ्रांस में भड़की हिंसा का हवाला देते हुए रिजिजू ने आरोप लगाया कि भारत में भी ठीक वैसी ही अराजकता फैलाने का ब्लूप्रिंट तैयार किया गया था.
दरअसल, इस वक्त दुनिया के कई देशों में हालात तनावपूर्ण हैं. महंगाई, बेरोजगारी, आवास संकट और नीतियों के विरोध में आम आदमी सड़कों पर है. फ्रांस में बड़े पैमाने पर आगजनी, लूटपाट और हिंसक प्रदर्शन दर्ज किए गए हैं. बेल्जियम, पुर्तगाल, इटली, अल्बानिया, तुर्किये, अर्जेंटीना और अमेरिका तक में अलग-अलग मुद्दों पर टकराव जारी है. ये सभी देश एक तरह से जल रहे हैं.
दुनियाभर के तनाव के बीच भारत में साजिश का आरोप
दुनियाभर में हो रहे प्रदर्शन और तनाव का जिक्र करते हुए किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक लंबा पोस्ट लिखा है, जिसमें उन्होंने भारत में प्रदर्शन के नाम पर साजिश रचे जाने का आरोप लगाया है.
'भारत न फ्रांस है न बांग्लादेश, सोरोस से नहीं बदलेगी सत्ता'
केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने लिखा, 'बांग्लादेश में हुई हिंसक घटनाएं और फ्रांस में जो दंगे, आगजनी और लूटपाट हुई, ठीक वैसी ही साजिश भारत के लिए भी रची गई थी. भारत-विरोधी गिरोहों और कुछ राजनेताओं ने मिलकर युवाओं को भड़काने और हमारी सड़कों पर हिंसा फैलाने की योजना बनाई थी, लेकिन इस खतरनाक साजिश को रचने वाले यह भूल गए कि भारत न तो बांग्लादेश है और न ही फ्रांस. भारत में सत्ता परिवर्तन बिल्कुल हो सकता है, लेकिन केवल चुनावों के जरिए, सोरोस के जरिए नहीं.'
प्रशांत भूषण और नेहा बोरा के बयानों वाला वीडियो शेयर
इस पोस्ट के साथ उन्होंने एक वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा द्वारा बांग्लादेशी युवाओं का आभार जताने वाले बयान, वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण की 'रिजीम चेंज' वाली टिप्पणी और जुलाई-अगस्त के दौरान हुए प्रदर्शनों के क्लिप शामिल हैं.
दिमागी नक्सली बनाम देशभक्त भारतीय
किरेन रिजिजू ने इससे पहले 15 अक्टूबर को भी विपक्ष और तथाकथित अराजक तत्वों पर निशाना साधा था. उन्होंने एक पोस्ट में लिखा था, 'लड़ाई की रेखा खिंच चुकी है. एक तरफ दिमागी नक्सली हैं और दूसरी तरफ देशभक्त भारतीय. एक तरफ भारत के संविधान में विश्वास रखने वाले लोग हैं और दूसरी तरफ अराजकतावादी हैं.' इस पोस्ट के जरिए उन्होंने स्पष्ट किया था कि यह मुकाबला भारत-विरोधी ताकतों और देश की रक्षा करने वाले नागरिकों के बीच है.
'कान खोलकर सुन लो, भारत बांग्लादेश नहीं है'
17 अक्टूबर को किरेन रिजिजू ने 'रिजीम चेंज' यानी सत्ता परिवर्तन की वकालत करने वालों को चेतावनी दी थी. उन्होंने एक पोस्ट में लिखा, 'बड़े आए 'रिजीम चेंज' करने वाले. कान खोलकर सुन लो, भारत बांग्लादेश नहीं है. भारतीय युवा मूर्ख नहीं हैं, वे भारत का निर्माण करेंगे, उसे नष्ट नहीं करेंगे. देश के युवा मेडल जीत रहे हैं और स्किलिंग, इनोवेशन, स्टार्टअप, टेक्नोलॉजी के साथ-साथ सांस्कृतिक क्षेत्र में भी तिरंगा लहरा रहे हैं.'
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