केरलम मर्सिडीज हादसा मामले में एक्शन, जज के नाबालिग बेटे को बचाने की कोशिश पड़ी भारी; कोच्चि पुलिस कमिश्नर पर गिरी गाज
केरलम के चेरानल्लूर में हुए एक सड़क हादसे की जांच के दौरान लापरवाही बरतने के आरोप में पुलिस अधिकारी पर एक्शन हुआ है. राज्य सरकार ने कोच्चि के पुलिस कमिश्नर कालीराज महेश को उनके पद से हटा दिया है. इससे पहले 4 पुलिसकर्मचारियों को भी निलंबित किया गया था.
Keralam Road Accident: केरलम सरकार ने बुधवार (28 अक्टूबर) को एक बड़ा एक्शन लिया. राज्य सरकार ने कोच्चि के पुलिस कमिश्नर कालीराज महेश को उनके पद से हटा दिया है. उनके जगह आर. निशंतिनी नई पुलिस कमिश्नर के पद पर कार्यरत होंगी. बताया जाता है कि यह एक्शन एक सड़क हादसे की जांच में हुई लापरवाही के बाद लिया गया, जिसमें एक अतिरिक्त जिला जज के 17 साल के बेटे का नाम शामिल है.
दरअसल, पूरा मामला रविवार का है, जब चेरानल्लूर के कंटेनर रोड पर एक बड़ा हादसा हुआ. 55 साल के जयाबालकृष्णन अपने स्कूटर से जा रहे थे. इसी दौरान एक मर्सिडीज-बेंज कार ने उन्हें टक्कर मार दी. इस हादसे में स्कूटर सवार की मौत हो गई. शुरुआती जानकारी में पाया गया कि कार को जज का नाबालिग बेटा चला रहा था.
पुलिस पर लगे आरोप
घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. शुरुआत में किशोर पर लापरवाही से वाहन चलाने का केस दर्ज किया गया और बाद में पुलिस स्टेशन में उसको जमानत पर छोड़ दिया गया. पुलिस के इस ढीले रवैये के कारण स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली. इसके बाद लोगों ने जवाबदेही की मांग भी की.
जैसे ही इस मामले ने तूल पकड़ा, चेरानल्लूर थाने के चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया. सबसे पहले जिन तीन पुलिसकर्मियों पर एक्शन हुआ, उसमें सर्कल इंस्पेक्टर के.एस. श्याम कुमार, एसएचओ वी.एस. विश्वजीत, एएसआई के.टी. मनोज और सीनियर सिविल पुलिस ऑफिसर अरुण जोशी का नाम शामिल है.
गृहमंत्री ने दिया कार्रवाई का भरोसा
समाचार एजेंसी आईएएनएस के अनुसार, यह एक्शन एडीजीपी पी. विजयन की शुरुआती जांच के बाद लिया गया. उन्होंने सबसे पहले हादसे की जगह का दौरा किया, पुलिस रिकॉर्ड और फिर पीड़ित परिवार से भी मुलाकात की. वहीं, केरलम के गृहमंत्री रमेश चेन्निथला ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है.
आगे क्या होने की उम्मीद
लोगों के विरोध के बाद इस केस को मजबूत कर दिया गया है. किशोर के पिता को भी मामले में आरोपी बनाया गया है. पिछले दिनों पुलिस की टीम ने अलुवा में जज के घर जाकर सबूत जुटाए और सीसीटीवी खंगाले. जानकारी के अनुसार, इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच कौ सौंपी गई है. उधर, न्याय पाने के लिए पीड़ित परिवार ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है. (इनपुट- आईएएनएस)
यह भी पढ़ें: कर्नाटक MLC चुनाव: काम ना आया 'वोट चोरी' का मुद्दा, खरगे के 'घर' में जीती BJP, सभी चारों सीटों पर हारी कांग्रेस