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कर्नाटक में विधान परिषद की 4 सीटों पर हुए चुनावों के नतीजे सामने आ गए हैं. इन चुनावों में एनडीए ने बड़ा उलटफेर करते हुए सभी चारों सीटों पर जीत हासिल की है. मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के लिए इसे बड़ा झटका बताया जा रहा है. चुनावों से पहले कांग्रेस पार्टी की ओर से क्लीन स्वीप के दावे किए जा रहे थे, लेकिन नतीजे इसके बिल्कुल उलट आए. प्रदेश की 4 में से 3 सीटों पर बीजेपी और एक सीट पर जेडीएस उम्मीदवार को जीत हासिल हुई. यह नतीजे कांग्रेस के कथित 'वोट चोरी' के एजेंडे को भी धक्का लगा है.
किस सीट से कौन जीता?
बता दें कि बीजेपी ने उत्तर-पूर्व शिक्षक, दक्षिण-पूर्व स्नातक और पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल की. वहीं, उसकी सहयोगी पार्टी जेडीएस को बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र पर कामयाबी हासिल हुई. दक्षिण-पूर्व स्नातक सीट पर भाजपा के केएम सुरेश ने कांग्रेस के शशि हुलिकुंटे मुट्ट को हराया. उत्तर-पूर्व शिक्षक सीट पर भाजपा के एमएलसी शशील जी. नमोशी ने कांग्रेस उम्मीदवार शरणप्पा मत्तूर को हराया और पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के एसवी संकानूर ने कांग्रेस के मोहन लिम्बिकाई को हराकर जीत दर्ज की. बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जेडी (एस) उम्मीदवार एपी रंगनाथ ने पांच बार के विजेता पुट्टन्ना को हराया.
खरगे के गृहक्षेत्र में भी BJP की जीत
बीजेपी के लिहाज से शशील जी. नमोशी की जीत काफी खास है, क्योंकि इस सीट के अंतर्गत कलबुर्गी आता है, जोकि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के गृह क्षेत्र है. वहीं, जीत हासिल करने के बाद बीजेपी एमएलसी लिंगराज पाटिल ने कहा कि कर्नाटक चुनाव के नतीजे कांग्रेस सरकार के खिलाफ जनता के गुस्से को दर्शाते हैं. लोगों ने कथित भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और पूरे न किए गए वादों के कारण कांग्रेस को नकार दिया है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी, एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस के विरोध का लोगों पर कोई असर नहीं पड़ा है. उन्होंने कहा कि लोग अभी भी प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा पर भरोसा करते हैं.
राहुल गांधी पर JDU का तंज
उधर, JDS ने भी कांग्रेस पार्टी पर हमला बोला है. JDS पार्टी ने कहा कि बैलेट पेपर से चुनाव कराने पर भी कांग्रेस की हार हुई. पार्टी ने कहा कि कांग्रेस लगातार बैलेट पेपर पर चुनाव की मांग करती रही है और EVM यानी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर सवाल उठाती रही है. MLC चुनावों में बैलेट पेपर से ही चुनाव कराए गए थे, इसके बाद भी कांग्रेस हार गई. जेडीएस नेता निखिल कुमारस्वामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि राहुल गांधी अब EVM पर आरोप नहीं लगा पाएंगे. राज्य की मशीनरी उनके हाथ में है और चुनाव भी बैलेट पेपर से कराए गए, इसके बाद भी NDA सभी सीटों पर जीत गई.
बीके हरिप्रसाद के नेतृत्व में पहली लड़ाई गंवाई
यह कर्नाटक कांग्रेस के लिए उनके अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद (एमएलसी) के नेतृत्व में पहला चुनाव था. फिलहाल, 75 सदस्यों वाली विधान परिषद में पांच सीटें खाली हैं. इसमें कांग्रेस के 38 सदस्य, भाजपा के 24, जेडी (एस) के 6, एक निर्दलीय सदस्य और एक सभापति (चेयरमैन) हैं.
रिपोर्ट- आईएएनएस