सफेद चादर में लिपटी घाटी: गुलमर्ग-पहलगाम में मौसम की पहली बर्फबारी, जानें अगले 48 घंटे कैसा रहेगा मौसम
कश्मीर में ऊंचे इलाकों में हल्की बर्फबारी और घाटी के मैदानी इलाकों में भारी बारिश हो रही है. मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि अगले 24 घंटों तक मौसम का यह ठंडा मिजाज बना रहेगा.
कश्मीर में इस बार वक्त से पहले ही कड़ाके की ठंड ने दस्तक दे दी है. घाटी के ऊंचे पहाड़ों पर मौसम की पहली बर्फबारी के बाद गुलमर्ग, सोनमर्ग और पहलगाम बर्फ की सफेद चादर से ढक गए हैं, जबकि मैदानी इलाकों में लगातार तेज बारिश हो रही है. इस बदलते मौसम और बर्फबारी से कश्मीर पहुंचे सैलानियों के चेहरे खिल उठे हैं. पर्यटक स्थल बर्फ की एक निर्मल सफेद चादर से ढके नजर आ रहे हैं.
घाटी के तापमान में आई अचानक गिरावट से ठिठुरन बढ़ चुकी है. मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों तक ऐसा ही मौसम बने रहने की चेतावनी दी है. घाटी के इस मौसम का असर आने वाले दिनों में दिल्ली-NCR समेत पूरे उत्तर भारत में देखने को मिलेगा, जहां बर्फीली हवाएं ठंड बढ़ा सकती हैं.
मौसम विभाग का अलर्ट: 3 दिन तक बारिश का दौर
मौसम विभाग के अधिकारी मनवीर सिंह ने कहा, 'कश्मीर डिवीज़न में 14 और 15 तारीख के बीच कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है. बारिश का यह दौर तीन दिन जारी रहेगा. इसके बाद, 16 तारीख को कुछ जगहों पर बहुत हल्की बारिश हो सकती है. फिर उसके बाद मौसम सूखा रहने की उम्मीद है.'
दिल्ली-NCR में भी बढ़ेगी ठंड
मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल गुलमर्ग या पहलगाम में न्यूनतम तापमान काफी कम हो गया है, यह 3.8 है और 4 के आसपास भी रहा है. इसलिए गुलमर्ग, सोनमर्ग, पहलगाम या गुरेज़ जैसी जगहों पर बर्फबारी हो सकती है. कश्मीर के मौसम का असर दिल्ली और दिल्ली-NCR पर भी पड़ता है. इसलिए वहां भी इसका असर दिख सकता है और वहां भी ठंड बढ़ सकती है.
इन जगहों पर हुई बर्फबारी
गुलमर्ग, पहलगाम, पीर-की-गली, सोनमर्ग, गुरेज़, तुलेल, राजदान टॉप, सिंथन टॉप, साधना टॉप और ज़ोज़िला दर्रे के ऊंचे इलाकों में इस मौसम की पहली बर्फबारी अच्छी-खासी हुई है.
स्थानीय लोगों के लिए चेतावनी जारी
कश्मीर के पहाड़ों पर मौसम की पहली बर्फबारी हो रही है, इसलिए ऊंचे इलाकों में रहने वाले लोगों को लगातार बर्फबारी और कड़ाके की ठंड वाली रातों के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है, जबकि घाटी के मैदानी इलाकों में रहने वालों को अगले 2 दिनों तक भारी बारिश, जलभराव और फिसलन भरी सड़कों को लेकर सावधान रहने को कहा गया है.
'ला नीना' से और सताएगी सर्दी
मौसम विभाग (IMD) ने पहले ही बता दिया था कि इस बार सर्दियों में जम्मू-कश्मीर पर 'ला नीना' का असर दिखेगा. 'ला नीना' में प्रशांत महासागर का पानी बहुत ज्यादा ठंडा हो जाता है, इसकी वजह से ठंडी और तेज हवाएं चलने लगती हैं. मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि इस बार की ठंड पिछली सर्दियों से कहीं ज्यादा कड़ाके की होगी.
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