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कर्नाटक की वोटर लिस्ट में बड़ा उलटफेर! 1.07 करोड़ नाम बाहर, 6.83 लाख नए वोटरों की एंट्री; फाइनल लिस्ट में क्या-क्या बदला

कर्नाटक में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) के बाद जारी अंतिम मतदाता सूची में लगभग एक करोड़ मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं. जानिए चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची को अपडेट किए जाने और वोटरों के नाम कटने के मुख्य कारण.

कर्नाटक की वोटर लिस्ट में बड़ा उलटफेर! 1.07 करोड़ नाम बाहर, 6.83 लाख नए वोटरों की एंट्री; फाइनल लिस्ट में क्या-क्या बदला
Image Credit: कर्नाटक की मतदाता सूची से हटे 1 करोड़ नाम, चुनाव आयोग के फैसले से हड़कंप

कर्नाटक के सियासी गलियारों में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब निर्वाचन आयोग द्वारा जारी की गई नवीनतम 'फाइनल वोटर लिस्ट' में राज्य भर से एक करोड़ से भी अधिक मतदाताओं के नाम हटाए जाने की बात सामने आई. महज कुछ ही महीनों पहले जारी हुई ड्राफ्ट मतदाता सूची के आंकड़ों से तुलना करें, तो यह गिरावट असामान्य और चौंकाने वाली मानी जा रही है. अचानक इतने बड़े पैमाने पर नामों का गायब होना न सिर्फ चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है, बल्कि आगामी चुनावों के समीकरणों को भी पूरी तरह से उलझा चुका है.

इस 'वोटर लिस्ट कटौती' को लेकर राज्य का राजनीतिक तापमान चरम पर पहुंच गया है. सत्ता पक्ष जहां इसे चुनावी प्रक्रिया को साफ-सुथरा बनाने, डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाने और बोगस वोटिंग रोकने की सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया बता रहा है; वहीं, विपक्ष ने इसे सीधे तौर पर 'लोकतंत्र पर हमला' और खास वर्ग के वोटों को काटने की सोची-समझी साजिश करार दिया है. कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने राज्य की सभी 224 विधानसभा सीटों के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद अंतिम मतदाता सूची 2026 जारी कर दी है. इस अद्यतन मतदाता सूची के अनुसार राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 4,55,00,011 हो गई है.

लैंगिक संतुलन और समावेशी भागीदारी

नवीनतम मतदाता सूची में लैंगिक संतुलन देखा गया है. इसमें महिला मतदाताओं की संख्या 2.29 करोड़ है, जबकि पुरुष मतदाताओं की संख्या 2.25 करोड़ दर्ज की गई है. इसके साथ ही लोकतांत्रिक प्रक्रिया में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया गया है. मतदाता सूची में 18 से 19 वर्ष की आयु के 6.83 लाख नए युवा मतदाता शामिल हुए हैं, जो पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. वहीं, दिव्यांग श्रेणी के 5.65 लाख मतदाताओं के नाम भी इस सूची में दर्ज हैं.

सत्यापन के दौरान हटाए गए 1.07 करोड़ नाम

अंतिम मतदाता सूची तैयार करने से पहले चुनाव आयोग द्वारा व्यापक स्तर पर घर-घर जाकर सत्यापन अभियान चलाया गया था. इस गहन सत्यापन प्रक्रिया के दौरान कुल 1.07 करोड़ अयोग्य या अप्रासंगिक प्रविष्टियों को प्रारूप मतदाता सूची से बाहर रखा गया.

बाहर किए गए नामों का विवरण इस प्रकार है

  • स्थान स्थानांतरित करने वाले मतदाता: 65.4 लाख
  • अनुपस्थित पाए गए मतदाता: 19 लाख
  • मृत मतदाता: 16.3 लाख
  • दोहरे या फर्जी नाम (डुप्लीकेट): 7 लाख

विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध, पारदर्शी और सटीक बनाना था, ताकि आगामी चुनावों में केवल वैध मतदाता ही भाग ले सकें और कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे.

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About the Author

Ravindra Pratap Singh

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रवींद्र प्रताप सिंह ने साल 2015 में जागरण.कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा मौजूदा समय वो ज़ी न्यूज डिजिटल में चीफ सब एडिटर हैं. अगस्त 2025 में उन्होंने ज़ी न्यूज ज्वाइन किया है. रवींद्र देश और दुनिया की खबरों के अलावा खेलों में क्रिकेट जगत और क्राइम की खबरों पर बेहतरीन पकड़ रखते हैं. इसके पहले रवींद्र रिपब्लिक भारत में इवनिंग शिफ्ट के इंचार्ज रहे और शाम की शिफ्ट संभालते हुए होम पेज की जिम्मेदारी रवींद्र के ऊपर थी. उससे पहले रवींद्र ने जनसत्ता और न्यूज नेशन में भी शाम की शिफ्ट और होम पेज की जिम्मेदारी बखूबी निभाई. इसके पहले रवींद्र ने 5 सालों तक पी7 और लाइव इंडिया जैसे न्यूज चैनलों में काम किया था. रवींद्र आकाशवाणी में काम करने का अनुभव रखते. अवध यूनिवर्सिटी से मॉस कम्युनिकेशन से पोस्ट ग्रेजुएट रवींद्र पिछले डेढ़ दशक से सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं. आप रवींद्र से जुड़ने के लिए Ravindra.Singh@India.com पर मेल कर सकते हैं या फिर फेसबुक पर संपर्क करने के लिए https://www.facebook.com/pintu.singh.397 और एक्स पर https://x.com/rs66533 रवींद्र से संपर्क किया जा सकता है. 
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