केरल के कोच्चि में रविवार तड़के एक जज के नाबालिग बेटे ने तेज रफ्तार मर्सिडीज कार चलाकर एक स्कूटी में जोरदार टक्कर मार दी. इस घटना में 55 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई. मरने वाला व्यक्ति फूड स्टॉल चलाकर परिवार का गुजारा करता था. वारदात के बाद जब जज के बेटे को थाने में लाया गया तो उसके साथ आए पिता ने अफसोस जाहिर करने के बजाय मृतक के रिश्तेदारों पर अपने पद की धौंस जमाई. मृतक के परिवार ने इस मामले में पुलिस में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है.
रिपोर्ट के मुताबिक, यह दर्दनाक घटना रविवार तड़के 2 से 3 बजे हुई. जब एक तेज रफ्तार मर्सिडीज कार ने आगे जा रही स्कूटी में जोरदार टक्कर मार दी. वारदात के बाद आरोपी वहां से फरार हो गया. राहगीरों के जरिए सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाया, जिसे वहां मृत घोषित कर दिया गया.
मृतक की पहचान जयाबालकृष्णन के रूप में हुई है. वे फूड स्टॉल चलाकर परिवार का गुजारा करते थे. वारदात के वक्त वे स्टॉल बंद करके घर लौट रहे थे. घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी के जरिए कार की पहचान की तो वह एक जज की निकली. इसके बाद कार चला रहे जज के 17 वर्षीय नाबालिग बेटे को थाने बुलाया गया.
पुलिस स्टेशन में अपने बेटे के साथ जज भी पहुंचे. मृतक जयाबालकृष्णन की भांजी ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने जज से पूछा कि उन्होंने अपने नाबालिग बेटे को आखिर मंजूरी क्यों दी तो वे तैश में आ गए और अपने पद की धौंस जमाते हुए अभद्र लहजे में बात की.
जज के रवैये से आहत भांजी ने कहा कि वे इस मामले को ऐसे ही नहीं छोड़ेंगी और आगे कानूनी कार्रवाई करेंगी. उनके लापरवाही ने एक इंसान की जान ले ली. उन्हें इसका खामियाजा भुगतना ही होगा. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने इस मामले में लापरवाही से गाड़ी चलाने और उससे हुई मौत का मामला दर्ज किया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में मिले सबूतों के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी.