पेड़ की छाल में हनुमान जी: दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु; पहली बार देखने वाले ऑटो चालक को मिली सरकारी नौकरी!
जम्मू के महेशपुरा में पेड़ की छाल पर हनुमान जी के चेहरे और गदा जैसी आकृति दिखने का दावा वायरल है. श्रद्धालु पूजा-पाठ कर रहे हैं. दावा है कि इसे पहली बार देखने वाले ऑटो चालक को सरकारी नौकरी मिली, जिसकी पुष्टि नहीं हुई है.
कई बार कुदरत की कुछ आकृति ऐसी होती हैं, जो लोगों के लिए आस्था का केंद्र बन जाती हैं. जहां विज्ञान और विश्वास आमने सामने आकर खड़े हो जाते हैं. कई बार फर्क करना भी मुश्किल हो जाता है. ऐसा ही एक मामला जम्मू के महेशपुरा में सामने आया है. यहां एक पेड़ का तना लोगों के लिए आस्था का केंद्र इसलिए बन गया है, क्योंकि कुदरत ने इसमें कुछ ऐसा रच दिया है जो बिल्कुल में गैरमामूली नहीं है. दावा है कि इसकी छाल पर हनुमान जी का चेहरा और गदा जैसी आकृति दिखाई देती है. तस्वीर वायरल होने के बाद यहां श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी है.
करीब डेढ़ महीने पहले एक ऑटो चालक ने पेड़ को पानी देते समय उसकी छाल पर हनुमान जी के चेहरे और गदा जैसी आकृति देखने का दावा किया. इसके बाद तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई और धीरे-धीरे यहां श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गए. लोग यहां हनुमान चालीसा का पाठ और कीर्तन कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि यहां पर बड़ी तादाद में लोग लाइन में लगकर उस तने के दर्शन कर रहे हैं. यहां तक कि साष्टांग प्रणाम कर रहे हैं. जिन लोगों की इसमें आस्था है, वो इसे किसी दैवीय चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं.
ऑटो चालक को मिली सरकारी नौकरी मिलने का दावा
स्थानीय लोगों में यह दावा भी चर्चा में है कि जिस ऑटो चालक ने सबसे पहले यह आकृति देखी, उसे बाद में सरकारी नौकरी मिल गई. हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन इस दावे के चलते यह खबर तेजी से वायरल भी हो रही है और बड़ी तादाद में लोगों के विश्वास को और मजबूत बनाने का काम कर रही है.
क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट्स?
हालांकि, वनस्पति विज्ञान के एक्सपर्ट इस तरह की प्राकृतिक आकृतियों को पेड़ों की सामान्य जैविक वृद्धि से जोड़कर देख रहे हैं. Botany विभाग के HOD डॉ. सुशील वर्मा के मुताबिक, पेड़ों में जीवित ऊतक होते हैं और उनके विकास के दौरान छाल में अलग-अलग तरह की आकृतियां और पैटर्न बनना सामान्य प्रक्रिया है.
विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी प्राकृतिक आकृति में इंसानी चेहरा या कोई परिचित आकार दिखाई देना पेरिडोलिया की वजह से भी हो सकता है. फिलहाल इस पेड़ पर किसी वैज्ञानिक जांच की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.
पेरिडोलिया क्या होता है?
पेरिडोलिया (Pareidolia) एक मनोवैज्ञानिक घटना होती है, जिसमें इंसान का दिमाग बेतरतीब आकृतियों के अंदर कुछ ऐसी चीजों को तलाश लेता है जो उसकी परिचित होती हैं. इसमें कोई चेहरा, जानवर, धार्मिक प्रतीक या फिर कोई और वस्तु भी हो सकती है. उदाहरण के लिए हम बादलों को देख सकते हैं. जब आसमान में बादल होते हैं, तो हम कई बार उनमें ऐसी आकृतियां ढूंढ लेते हैं, जो हमारी जानी पहचानी होती हैं.