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पेड़ की छाल में हनुमान जी: दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु; पहली बार देखने वाले ऑटो चालक को मिली सरकारी नौकरी!

जम्मू के महेशपुरा में पेड़ की छाल पर हनुमान जी के चेहरे और गदा जैसी आकृति दिखने का दावा वायरल है. श्रद्धालु पूजा-पाठ कर रहे हैं. दावा है कि इसे पहली बार देखने वाले ऑटो चालक को सरकारी नौकरी मिली, जिसकी पुष्टि नहीं हुई है.

Written By Tahir Kamran
Published: Sep 22, 2026, 05:48 PM IST | Updated: Sep 22, 2026, 07:11 PM IST
Image Credit: वायरल होने वाली पेड़ की तस्वीर
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कई बार कुदरत की कुछ आकृति ऐसी होती हैं, जो लोगों के लिए आस्था का केंद्र बन जाती हैं. जहां विज्ञान और विश्वास आमने सामने आकर खड़े हो जाते हैं. कई बार फर्क करना भी मुश्किल हो जाता है. ऐसा ही एक मामला जम्मू के महेशपुरा में सामने आया है. यहां एक पेड़ का तना लोगों के लिए आस्था का केंद्र इसलिए बन गया है, क्योंकि कुदरत ने इसमें कुछ ऐसा रच दिया है जो बिल्कुल में गैरमामूली नहीं है. दावा है कि इसकी छाल पर हनुमान जी का चेहरा और गदा जैसी आकृति दिखाई देती है. तस्वीर वायरल होने के बाद यहां श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी है.

करीब डेढ़ महीने पहले एक ऑटो चालक ने पेड़ को पानी देते समय उसकी छाल पर हनुमान जी के चेहरे और गदा जैसी आकृति देखने का दावा किया. इसके बाद तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई और धीरे-धीरे यहां श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गए. लोग यहां हनुमान चालीसा का पाठ और कीर्तन कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि यहां पर बड़ी तादाद में लोग लाइन में लगकर उस तने के दर्शन कर रहे हैं. यहां तक कि साष्टांग प्रणाम कर रहे हैं. जिन लोगों की इसमें आस्था है, वो इसे किसी दैवीय चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं.

ऑटो चालक को मिली सरकारी नौकरी मिलने का दावा

स्थानीय लोगों में यह दावा भी चर्चा में है कि जिस ऑटो चालक ने सबसे पहले यह आकृति देखी, उसे बाद में सरकारी नौकरी मिल गई. हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन इस दावे के चलते यह खबर तेजी से वायरल भी हो रही है और बड़ी तादाद में लोगों के विश्वास को और मजबूत बनाने का काम कर रही है.

क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट्स?

हालांकि, वनस्पति विज्ञान के एक्सपर्ट इस तरह की प्राकृतिक आकृतियों को पेड़ों की सामान्य जैविक वृद्धि से जोड़कर देख रहे हैं. Botany विभाग के HOD डॉ. सुशील वर्मा के मुताबिक, पेड़ों में जीवित ऊतक होते हैं और उनके विकास के दौरान छाल में अलग-अलग तरह की आकृतियां और पैटर्न बनना सामान्य प्रक्रिया है.

विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी प्राकृतिक आकृति में इंसानी चेहरा या कोई परिचित आकार दिखाई देना पेरिडोलिया की वजह से भी हो सकता है. फिलहाल इस पेड़ पर किसी वैज्ञानिक जांच की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.

पेरिडोलिया क्या होता है?

पेरिडोलिया (Pareidolia) एक मनोवैज्ञानिक घटना होती है, जिसमें इंसान का दिमाग बेतरतीब आकृतियों के अंदर कुछ ऐसी चीजों को तलाश लेता है जो उसकी परिचित होती हैं. इसमें कोई चेहरा, जानवर, धार्मिक प्रतीक या फिर कोई और वस्तु भी हो सकती है. उदाहरण के लिए हम बादलों को देख सकते हैं. जब आसमान में बादल होते हैं, तो हम कई बार उनमें ऐसी आकृतियां ढूंढ लेते हैं, जो हमारी जानी पहचानी होती हैं. 
 

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About the Author

Zee News में नेशनल डेस्क पर देश–विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरें लिखते हैं. करियर का आगाज 2015 से 'पंजाब केसरी' ग्रुप के उर्दू अखबार ‘हिंद समाचार’ से किया, जहां वे कंटेट राइटर से पेज डिजाइनर तक पहुंचे. इसके बाद उर्दू, हिंदी और पंजाबी - तीनों भाषाओं में काम करने का मौका मिला. 2018 में डिजिटल की तरफ कूच करते हुए पंजाब केसरी ग्रुप की उर्दू वेबसाइट की लॉन्चिंग टीम का नेतृत्व किया. इसके बाद 2020 में 'Zee Salaam' ज्वाइन किया, यहां भी वेबसाइट को लॉन्च करने के साथ-साथ तीन साल टीम का नेतृत्व भी किया. इसी दौरान ZEE Delhi NCR वेबसाइट भी लॉन्च हुई, जिसमें उनका अहम योगदान रहा. 2023 में India Daily Live की लॉन्चिंग टीम के साथ काम किया और शुरुआती दिनों में हिंदी के अलावा पंजाबी, तमिल, तेलुगु और गुजराती वेबसाइट टीमों को मैनेज किया. अक्टूबर 2024 में फिर से Zee Media में में वापसी करते हुए नेशनल टीम का हिस्सा बने. तकनीक में दिलचस्पी की वजह से उन्होंने React.js और वेब डिजाइनिंग सीखी. यही कारण है कि उनकी खबरों में HTML-CSS के छोटे-छोटे ग्राफिक्स दिख जाते हैं, जो मुश्किल बातों को भी आसान बना देते हैं. करियर की शुरुआत में कुछ दिनों तक फोटो स्टूडियो में भी काम किया, जहां कैमरा, Adobe Photoshop और ग्राफिक डिजाइनिंग सीखी, जो आज भी उनके डिजिटल काम में मदद करता है. उर्दू शायरी से प्यार अलग ही है. ग़ज़लें, नज़्में, गीत भी लिखते हैं और कई अखबारों में उनकी शायरी छप भी चुकी हैं. राहत इंदौरी, मुनव्वर राणा, अनवर जलालपुरी खुशबीर सिंह शाद और नवाज देवबंदी, माजिद देवबंदी  जैसे शायरों के इंटरव्यू व बातचीत का अनुभव भी उनके पास है. आप tahir.kamran@india.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facbook से जुड़ सकते हैं. 
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