मिठाइयों पर लगी चांदी 'असली' है या एल्युमिनियम फॉइल? फिंगर टेस्ट से ऐसे करें पहचान, IAS तुकाराम मुंढे ने बताए टिप्स
देश में फेस्टिवल सीजन चल रहा है और जगह-जगह मिठाइयों में मिलावट के मामले भी सामने आ रहे हैं. ऐसे में महाराष्ट्र के कड़क IAS अफसर तुकाराम मुंढे ने मिठाइयों की खरीद के बारे में कई अहम टिप्स जारी किए हैं, जिन्हें आपको भी जानना चाहिए.
अपनी ईमानदारी और नियमों का सख्ती से पालन के लिए चर्चित महाराष्ट्र के आईएएस अफसर और खाद्य सुरक्षा आयुक्त तुकाराम मुंढे ने मिठाइयों में चांदी के वर्क यानी 'चांदी वर्क' को लेकर लोगों को आगाह किया है. उन्होंने कहा कि मुनाफे के चक्कर में कुछ बेईमान और मिलावटखोर लोग असली चांदी के बजाय सस्ती एल्युमिनियम फॉइल का इस्तेमाल करते हैं. यह एल्युमिनियम फॉइल सेहत के लिए काफी हानिकारक होती है.
चमकीले रंग वाली मिठाई न खरीदें- मुंढे
मिठाई के शौकीनों को आगाह करते हुए तुकाराम मुंढे ने कहा, 'बहुत ज्यादा रंग या चमकीले रंग वगैरह वाली मिठाई न खरीदें. पैकेट पर बनने की तारीख देखकर खाने की चीजें खरीदें. सोने की पत्ती, चांदी की पत्ती वाली मिठाइयों से सावधान रहें. चांदी के पत्ते को पहचानें. अगर पत्ता आपके हाथ में पिघल जाए, तो यह ठीक है. वहीं, अगर उसकी फॉयल बनी है, तो यह एल्युमिनियम फॉइल होगी.'
मुंढे ने मिठाइयों के ऊपर लगी लगी चांदी की फॉइल के असली-नकली की जांच के टिप्स भी दिए. उन्होंने कहा, 'मिठाइयों पर लगने वाली चांदी वर्क पर कई दुकानदार एल्युमिनियम भी लगा लेते हैं, जो कि काफी नुकसानदायक होता है. उसे जांचने के लिए फिंगर टेस्ट कीजिए, उससे पता चल जाएगा कि वो फॉइल चांदी की है या एल्युमिनियम की. अगर वह एल्युमिनियम की निकले तो उसकी खाद्य जांच विभाग में शिकायत कीजिए.'
'मिठाई लेते वक्त उसकी एक्सपायरी डेट जरूर देखें'
मुंढे ने आगे कहा, 'मिठाई, खोवा वगैरह की डिलीवरी लेते समय, उस पर दी गई एक्सपायरी डेट जरूर देखें. अगर एक्सपायरी डेट खत्म हो गई है या होने वाली है, तो उसे न लें. लोगों को उतनी ही मिठाई खरीदनी चाहिए जितनी उन्हें ज़रूरत हो.'
उन्होंने कहा कि मिठाई और खोवा आइटम खरीदते समय सावधान रहें. खरीदी गई खोवा-मिठाई को 2 दिन या 3 दिन से ज्यादा इस्तेमाल न करें. मिठाई और खोवा आइटम खरीदते समय सावधान रहें. नाम और लेबल वाली मिठाई-खोवा खरीदें. अगर मिलावट का कोई शक या शिकायत हो, तो FDA को बताएं. उस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी.
'मिलावटखोरी न करें दुकानदार वरना होगी कार्रवाई'
मिलावटखोरों के खिलाफ चल रहे अभियान की जानकारी देते हुए मुंढे ने कहा कि 1 सितंबर से 3 नवंबर तक खाने की 9667 जगहों का इंस्पेक्शन किया गया. इस अवधि में कुल 954 लाइसेंस सस्पेंड किए गए हैं और 64.45 करोड़ रुपये का खाने-पीने का स्टॉक जब्त हुआ. जांच के लिए 8835 खाने के सैंपल लिए गए और 398 टन खाने का स्टॉक जब्त किया गया.
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उन्होंने चेतावनी दी कि कोई प्रतिष्ठान, व्यापारी कानून न तोड़े. ऐसा कोई भी काम न करें, जिससे लोगों की जान खतरे में पड़े. ऐसा नहीं किया गया तो FDA कानूनी कार्रवाई करेगा.
'MPSC मामले में लोग 16 नवंबर तक दर्ज करें शिकायत'
MPSC जांच पर तुकाराम मुंढे ने कहा, 'लोग 16 नवंबर तक MPSC परीक्षा में गड़बड़ी के बारे में अपनी शिकायतें दर्ज करें. वे दिए गए फॉर्मेट में अपनी राय दे सकते हैं. शिकायत दर्ज करने का फॉर्मेट MPSC वेबसाइट पर दिया गया है. वह शिकायत या सुझाव मराठी या अंग्रेजी में होना चाहिए. लोग ईमेल, पोस्ट या दफ्तर आकर भी शिकायत कर सकते हैं. इस तरह की कंप्लेंट या सुझाव के लिए कोई फीस नहीं लगेगी.'