हिजाब पर छोटे ओवैसी ने भड़काया: ‘अकबरुद्दीन आपके साथ खड़ा है...', AIMIM नेता का बड़ा बयान
AIMIM नेता अकबरुद्दीन ओवैसी ने मुस्लिम छात्राओं और महिलाओं से अपनी पसंद और पहनावे को लेकर किसी दबाव में न आने का संदेश दिया है. हिजाब को व्यक्तिगत अधिकार बताते हुए छोटे ओवैसी ने कहा ये देश किसी की जागीर नहीं है. इसलिए कोई भी ताकत आपको रोक नहीं सकती है.
हैदराबाद से लोकसभा के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के विधायक और उनके छोटे भाई अकबरुद्दीन ओवैसी ने देश में कुछ हिस्सों में हिजाब को लेकर चल रही कंट्रोवर्सी को और हवा दे दी है. अकबरुद्दीन ओवैसी के बयान पर विवाद खड़ा हो गया है. मुस्लिम छात्राओं को संबोधित करते हुए अकबरुद्दीन ने कहा, 'मैं अपनी बेटियों से कहता हूं. हिजाब पहनते समय किसी से न डरें. किसी से डरने की जरूरत नहीं है. यह हमारी अपनी पसंद है. यह देश किसी के बाप की जागीर नहीं है कि वे तय करें कि हिजाब हटाया जाए या दाढ़ी छोटी की जाए.'
'15 मिनट वाले ओवैसी ने हिजाब पर भड़काया'
छोटे ओवैसी ने ये भी कहा कि जो भी आपको रोकेगा उसके आगे अकबरुद्दीन आपके पिता, भाई या बेटे के तौर पर, आपके साथ खड़ा रहेगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हर महिला को उसका अधिकार मिले. अपना हिजाब बनाए रखें, हिजाब पहनें और दुनिया में आगे बढ़ें... हिजाब पहनें, ज्ञान हासिल करें और अपने जीवन के सपने पूरे करें.' आपको बताते चलें ये वही अकबरुद्दीन ओवैसी हैं, जिन्होंने कहा था कि अगर कोई 15 मिनट के लिए पुलिस हटा ले तो यह पता चल जाएगा कि किसमें कितनी हिम्मत है और कौन कितना ताकतवर है.
हिजाब के साथ आगे बढ़ो: अकबरुद्दीन ओवैसी
अकबरुद्दीन ओवैसी ने मुस्लिम लड़कियों को संबोधित करते हुए हिजाब पहनने के अधिकार और अपनी पसंद के मुताबिक जिंदगी जीने की बात कही. उन्होंने ये भी कहा कि मुस्लिम लड़कियों और महिलाओं को किसी के भी दबाव में आने की जरूरत नहीं है. अकबरुद्दीन ओवैसी के रहते कोई आपको किसी भी चीज के लिए दबाव नहीं डाल सकता. आप अपने हिजाब के साथ आगे बढ़िए, अपनी तालीम पूरी करिए और अपने लक्ष्य पर आगे बढ़ना चाहिए.
दूसरी ओर देश में जिन शिक्षण संस्थाओं में हिजाब पहनने को लेकर सामने आई कुछ घटनाओं के बाद विवाद हुआ उन सभी संस्थानों का कहना है कि विवाद की वजह किसी की आस्था का प्रतीक हिजाब नहीं बल्कि उनके शिक्षण संस्थान का ड्रेस कोड है.
'अल्लाह को खुश करने के लिए काम करो'
ओवैसी ने इस दौरान नेताओं पर तंज कसते हुए तीखी बात कहकर निशाना साधा. उन्होंने लोगों को व्यक्ति विशेष को खुश करने के बजाय अल्लाह को खुश करने के लिए काम करने की नसीहत दी. किसी विधायक, मंत्री या प्रधानमंत्री को खुश करने के लिए उनकी खिदमत मत करो. कुछ करना है तो अल्लाह को खुश करने के लिए काम करो.'
इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा, 'इसमें कोई शक नहीं कि मैं 12वीं पास हूं. लेकिन विधानसभा में खड़े होकर मैं इस तरह बोलता हूं कि उस समय के हर मुख्यमंत्री को इस 12वीं पास व्यक्ति की बात सुननी पड़ती है. और उन्हें जवाब देना ही पड़ता है. मैं अपनी बात बिना डरे और साफ़-साफ़ कहता हूं. बिना किसी डर के, हिम्मत के साथ मैं सच बोलता हूं. ज़िंदगी में चाहे कुछ भी हो, आज दुनिया कहती है अभी अफजल साहब कह रहे थे कि Gen Z निडर और हिम्मत वाला है. मैं निडरता और बेबाकी से सच बोलता हूं. मैं भी Gen Z की तरह निडर और बेबाक हूं.'