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भूटान में ग्लेशियर झील फटने से भारत में अलर्ट, बंगाल और असम के इन जिलों से लोगों को निकाला जा रहा बाहर; तेजी से बढ़ रहा पानी

भूटान के शिताफी झील में ग्लेशियर लेक क्लाउडबर्स्ट फ्लड की घटना सामने आई है, जिसके बाद पश्चिम बंगाल और असम में भी अलर्ट जारी किया गया है. संकोष नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है. बंगाल और असम में प्रशासन मुस्तैद है.

Written By abhinav tripathi
Published: Oct 30, 2026, 07:06 AM IST | Updated: Oct 30, 2026, 07:34 AM IST
Image Credit: भूटान में ग्लेशियर फटने से हड़कंप, भारत में भी अलर्ट. (फोटो- एआई)
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भूटान  से एक बड़ी खबर सामने आई है. भूटान में गुरुवार (29 अक्टूबर) की रात पुनाखा में एक ग्लेशियर झील फट गई. जानकारी के अनुसार, रात 8 बजे झील का पानी संकोष नदी में तक्सिमाखांग इलाके तक पहुंच गया. भूटान की इस घटना के बाद भारत भी अलर्ट जारी किया गया है. इस झील के फटने के कारण पश्चिम बंगाल और असम के कुछ जिलों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. 

इस खतरे को देखते हुए भारत सरकार ने एक विशेष एडवाइजरी जारी की है. माना जा रहा है कि इस घटना के कारण संकोष नदी के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है. इस बीच बंगाल के अलीपुरद्वार और असम के धुबरी जिले में प्रशासन ने लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की और जरूरी कदम उठाने की बात कह रहा है.

कब फटा ग्लेशियर?

भूटान के गासा जिले में लाया गेवोग के लुंगो क्षेत्र में गुरुवार शाम वाकिला पर्वत के नीचे स्थित शिंताफू झील में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड के घटना की जानकारी मिली थी. इस जानकारी के बाद नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क करने के लिए अलार्म बजाया गया. इसके साथ ही जो लोग प्रभावित हैं, उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया.

जानकारी दें कि शिंताफू झील भूटान उन 17 ग्लेशियर झीलों में शामिल है, जिनको हमेशा खतरनाक माना जाता है. भूटान के नेशनल सेंटर फॉर हाइड्रोलॉजी एंड मेटियोरोलॉजी ने बताया कि ताक्त्सिमाखांग में पानी के जलस्तर की निगरानी के लिए एक खास स्टेशन भी स्थापित है. शुरुआती जानकारी में अभी यह क्लियर नहीं हो सका है कि यहां से कितना पानी निकला है और निचले इलाकों में इसका कितना असर देखने को मिलेगा. 

भारत ने जारी की विशेष एडवाइजरी

इस ग्लेशियल लेक फटने की घटना को देखते हुए भारत की ओर से भी विशेष एडवाइजरी जारी की गई है, जिसमें कहा गया कि पुनात्सांगछू नदी के ऊपरी क्षेत्र में आई अचानक बाढ़ के कारण पश्चिम बंगाल के अलीद्वारपुर और असम के धुबरी जिले में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है. माना जा रहा है कि घटना के 8 से 10 घंटे के भीतर बाढ़ का पानी भारत-भूटान सीमा तक पहुंच सकता है, दोनों जिलों के अधिकारियों से स्थिति पर लगातार निगरानी रखने को भी कहा गया है.

लोगों से सतर्क रहने की अपील

इस घटना के बाद देर रात बीजेपी सांसद राजू बिष्ट अलर्ट नजर आए. उन्होंने एक्स पोस्ट में कहा कि भूटान के लेमथांग में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) की घटना सामने आई है. झील से बाहर आ रहा पानी मोफू नदी के रास्ते नीचे की ओर सुनकोश नदी की तरफ बह रहा है. इसलिए, सुनकोश नदी और उससे जुड़ी सभी सहायक नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों (कैचमेंट एरिया) में रहने वाले लोगों को अपनी जान बचाने के लिए तुरंत सुरक्षित स्थानों पर चले जाने की सलाह दी गई है. दार्जिलिंग की पहाड़ियों, तराई और डुआर्स क्षेत्र के सभी लोगों से सतर्क रहने का अनुरोध है.

लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा

भूटान की शिंताफू झील में 'ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड' (GLOF) के खतरे से निपटने की तैयारियों पर अलीपुरद्वार के एसपी SP अमित कुमार शॉ ने समाचार एजेंसी एएनआई से बताया कि जिले के लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है. हम भूटान के अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं. हमारी पुलिस टीम, जिला मजिस्ट्रेट (DM) और ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) अपनी-अपनी टीमों के साथ और अन्य सभी संबंधित एजेंसियां ​​व हितधारक मिलकर काम कर रहे हैं. हमारी SDRF टीम मौके पर मौजूद है और NDRF की एक टीम भी रास्ते में है.

सिविल डिफेंस टीम भी तैनात

उन्होंने कहा कि स्थिति को देखते हुए एक सिविल डिफेंस टीम भी तैनात की गई है. हमने लगभग 4,000 से 5,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों (शेल्टर) में पहुंचा दिया है, जिसके लिए स्कूल की इमारतों को राहत केंद्रों के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है. इसके अलावा, 6,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित इलाकों में पहुंचाया गया है. पानी के मौजूदा बहाव और हमें मिली ताजा जानकारी के अनुसार, पानी का वेग थोड़ा कम हुआ है, लेकिन हम अभी भी हाई अलर्ट पर हैं. 

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About the Author

अभिनव त्रिपाठी जी न्यूज हिंदी में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं।  पत्रकारिता के क्षेत्र में 3 साल से अधिक समय का अनुभव रखते हैं। डेस्क पर रियल टाइम की देश-विदेश की खबरों को कवर करते हैं। राष्ट्रीय राजनीति और अंतरराष्ट्रीय खबरों को लिखना पसंद है। वैश्विक घटनाक्रम के किसी भी जटिल मुद्दे को आसान भाषा में समझाना अच्छी तरीके से आता है। इससे पहले जागरण डॉट कॉम के साथ सब एडिटर के तौर पर काम कर चुके हैं।  करियर की शुरुआत एक सैटेलाइट चैनल से की थी। पत्रकारिता की पढ़ाई काशी विद्यापीठ वाराणसी से की है। 
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