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SIR: वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने का एक और मौका, चुनाव आयोग ने दिल्ली समेत 6 राज्यों में समय सीमा बढ़ाई

चुनाव आयोग ने दिल्ली समेत नागालैंड, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, हरियाणा और महाराष्ट्र में SIR के कार्यक्रम में संशोधन किया है. दिल्ली में अब 25 नवंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे. वहीं, ज्यादातर राज्यों में फाइनल लिस्ट 30 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी.

Written By K. Raj Mishra
Published: Oct 30, 2026, 07:46 AM IST | Updated: Oct 30, 2026, 08:00 AM IST
Image Credit: चुनाव आयोग ने 6 राज्यों में SIR की समयसीमा बढ़ाई (File Photo- ANI)
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सियासी घमासान के बावजूद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत कई राज्यों में SIR का काम बड़ी तेजी से जारी है. विपक्षी दलों के विरोध और सुप्रीम कोर्ट के सवालों के बाद अब चुनाव आयोग ने SIR को लेकर बड़ा बदलाव किया है. निर्वाचन आयोग ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत नागालैंड, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, हरियाणा और महाराष्ट्र में SIR के कार्यक्रम में संशोधन किया है. इलेक्शन कमीशन से मिली जानकारी के अनुसार, तेलंगाना, हरियाणा, नागालैंड, दिल्ली, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र में एसआईआर की समय सीमा बढ़ाई गई है. ज्यादातर राज्यों में फाइनल लिस्ट 30 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी. इस तरह से जिन मतदाताओं का नाम कट गया है, उन्हें अपना नाम जुड़वाने या अन्य कोई गड़बड़ी सुधारने के लिए एक और मौका मिल गया है.

निर्वाचन आयोग के आदेश के अनुसार, 1 जुलाई 2026 को अर्हता तिथि मानते हुए हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत नोटिस चरण और दावों-आपत्तियों के निस्तारण की अवधि अब 31 जुलाई 2026 से 20 नवंबर 2026 तक रहेगी. संशोधित कार्यक्रम के तहत अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 30 नवंबर 2026 को किया जाएगा. आयोग ने निर्देश दिया है कि संशोधित कार्यक्रम की जानकारी सभी संबंधित अधिकारियों, राजनीतिक दलों और आम जनता तक विभिन्न माध्यमों से पहुंचाई जाए. 

आंध्र प्रदेश में भी विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की संशोधित समय सीमा जारी की गई है. यहां भी 1 जुलाई 2026 को अर्हता तिथि मानते हुए दावे और आपत्तियों के निस्तारण की अवधि 31 जुलाई 2026 से 20 नवंबर 2026 तक बढ़ा दी गई है. राज्य में अंतिम मतदाता सूची 30 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी. चुनाव आयोग ने राज्य प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि संशोधित कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए और राजनीतिक दलों को लिखित रूप से इसकी सूचना दी जाए. 

चुनाव आयोग के अनुसार, राजधानी दिल्ली में 25 नवंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे. 15 दिसंबर तक दावे-आपत्तियों का निपटारा किया जाएगा. 22 दिसंबर को फाइनल वोटर लिस्ट प्रकाशित होगी. महाराष्ट्र में विशेष गहन पुनरीक्षण 1 अक्टूबर 2026 को अर्हता तिथि मानते हुए किया जा रहा है. आयोग ने यहां दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि 31 अगस्त 2026 से 13 नवंबर 2026 तक निर्धारित की है. इसके अलावा नोटिस चरण और दावे-आपत्तियों के निस्तारण की अवधि 31 अगस्त 2026 से 25 नवंबर 2026 तक बढ़ा दी गई है. महाराष्ट्र में भी अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 30 नवंबर 2026 को होगा.

निर्वाचन आयोग ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि संशोधित कार्यक्रम की अधिसूचना राज्य राजपत्र के असाधारण अंक में तत्काल प्रकाशित कराई जाए तथा इसके व्यापक प्रचार-प्रसार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. आयोग ने साफ कहा कि सभी राज्यों में संशोधित कार्यक्रम की जानकारी सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को लिखित रूप से उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया में उनकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके.

रिपोर्ट- आईएएनएस

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About the Author

कर्मराज मिश्रा ज़ी न्यूज (डिजिटल) टीम में बतौर चीफ सब एडिटर कार्यरत हैं. वे यहां देश-विदेश की राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लिखते हैं. कानपुर यूनीवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर की डिग्री हासिल करके IBN-7 न्यूज चैनल से इंटर्नशिप की. इसके बाद खबर फास्ट, नेशन लाइव और साधना न्यूज न्यूज चैनलों में काम करने के बाद डिजिटल का रुख किया और 2017 से 2020 तक हिंदुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में बतौर सीनियर सब एडिटर काम किया. इसके बाद News Nation, India Ahead के बाद वर्तमान में Z Media का हिस्सा हैं. मीडिया में 10 साल के कार्यकाल के दौरान यूपी, बिहार, छत्तीसगढ़ और दिल्ली विधानसभा चुनावों के अलावा 2019 और 2024 का लोकसभा चुनाव कवर किया है.
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