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'जनता का महाभियोग': 'ज्ञानेश कुमार योग्य नहीं...', नेहरू की कुर्सी पर बैठकर मीरा कुमार ने सुनाया फैसला

कांग्रेस पार्टी ने मॉक संसद का आयोजन किया था. इस आयोजन की जिस कुर्सी पर पूर्व स्पीकर मीरा कुमार बैठीं, उसे लेकर कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने दावा किया कि उस पर कभी देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू बैठते थे.

Written By Shwetank Ratnamber
Published: Nov 01, 2026, 09:31 AM IST | Updated: Nov 01, 2026, 10:23 AM IST
Image Credit: (ANI)
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'इंडी' ब्लॉक ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जिस तरह प्रतीकात्मक 'जनता का महाभियोग'  चलाया उस कथित कार्यवाही की अध्यक्षता पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने की. जिस कुर्सी पर बैठकर उन्होंने कथित 'जनता की अदालत में महाभियोग' की पूरी प्रक्रिया संचालित की, वो कभी देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की हुआ करती थी. कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने यह जानकारी दी. वो खुद इस प्रतीकात्मक कार्यक्रम के आयोजन से सीधे तौर पर जुड़े थे.

पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, 'मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जनता की अदालत में महाभियोग जैसी कार्यवाही के दौरान मीरा कुमार जिस कुर्सी पर बैठी थीं, उस पर कभी भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू बैठा करते थे.

पवन खेड़ा ने समझाया कुर्सी का महात्म्य

कांग्रेस पार्टी के सबसे वफादार नेताओं में से एक खेड़ा ने इस कुर्सी का महात्म्य विस्तार से समझाते हुए आगे लिखा, 'नेहरू, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के परदादा थे जो प्रधानमंत्री के तौर पर अपने पूरे कार्यकाल के दौरान इसी कुर्सी पर बैठते थे. देश के इतिहास के कई बड़े और महत्वपूर्ण फैसलों की गवाह यह कुर्सी है. यही कुर्सी अपने साथ उस दौर की विरासत भी समेटे हुए है'.

कथित 'महाभियोग' में क्या निकला?

पवन खेड़ा ने बताया कि इस एतिहासिक और महान धरोहर स्वरूपा इस कुर्सी पर बैठकर मीरा कुमार ने नेहरू की विरासत का हवाला देते हुए ज्ञानेश कुमार को भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर बने रहने के अयोग्य बताया. खेड़ा ने कहा, 'ज्ञानेश कुमार को देश की जनता ने खारिज कर दिया है. उनके पद से हटने में अब सिर्फ समय की बात है.'

GK के खिलाफ मुखर कांग्रेस

INDIA ब्लॉक के नेताओं ने वीकेंड पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक रूप से 'जनता का महाभियोग' चलाया. विपक्षी दलों ने उन पर चुनाव में जीत हासिल करने के लिए मतदाता सूची से वोटरों के नाम हटाने का आरोप लगाया. साथ ही उनकी राजद्रोह के आरोप में मुकदमा चलाकर जेल भेजने की मांग भी की.

इस अनोखे आयोजन में विपक्षी सांसदों और नेताओं के साथ नागरिक समाज के लोग भी शामिल हुए. सभी ने एक प्रस्ताव पारित कर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक महाभियोग चलाने का फैसला किया.

यह पूरी कार्यवाही संसद की तरह आयोजित की गई थी. इसकी अध्यक्षता पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार ने की. कार्यक्रम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के सरकारी आवास 10, राजाजी मार्ग के लॉन में आयोजित हुआ.

खरगे ने जताई चिंता

कार्यक्रम में मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रस्ताव पेश करते हुए आरोप लगाया कि लोगों के वोट देने का अधिकार खतरे में है, क्योंकि चुनाव आयोग अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर काम कर रहा है. 

एलओपी राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इस प्रतीकात्मक महाभियोग को एक 'राजनीतिक हथियार' बताया.

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About the Author

श्वेतांक रत्नाम्बर वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल न्यूज़ मीडिया में 22 वर्षों से ज्यादा का व्यापक अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय (देश-दुनिया) खबरों की डेस्क पर कार्यरत हैं. समसामयिक मुद्दों, वैश्विक राजनीति और कूटनीति पर गहरी समझ रखने वाले श्वेतांक जटिल अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों और राजनीतिक समीकरणों का सटीक विश्लेषण करने के विशेषज्ञ हैं.Zee News डिजिटल से पहले उन्होंने ज़ी मीडिया नेटवर्क के ग्लोबल न्यूज़ चैनल 'WION' के साथ काम किया है. इस दौरान उन्होंने 'Gravitas', 'The West Asia Post' और 'One Africa' जैसे कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्राइम-टाइम शोज़ के हिंदी प्रोडक्शन और इंटरप्रिटेशन में अहम भूमिका निभाई. 2004 से शुरू हुए अपने पत्रकारिता करियर में श्वेतांक ने रिपोर्टिंग और एंकरिंग के साथ-साथ चार लोकसभा और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की व्यापक ग्राउंड कवरेज की है.जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI), नई दिल्ली से जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा के बाद मास कम्युनिकेशन और पॉलिटिकल साइंस में मास्टर्स डिग्री हासिल करने वाले श्वेतांक लंबे समय से 'प्रेस क्लब ऑफ इंडिया' (PCI) के सम्मानित सदस्य हैं.आप श्वेतांक रत्नाम्बर से सीधे shwetank.ratnamber@india.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप उनसे एक्स (ट्विटर), मेटा (फेसबुक) और लिंक्डइन पर भी कनेक्ट कर सकते हैं.' 
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