'राजनीतिक व्यंग्य और अपमान के बीच महीन रेखा', CM रेखा गुप्ता के AI वीडियो पर हाई कोर्ट सख्त, हटाने का आदेश
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को निशाना बनाकर आम आदमी पार्टी द्वारा पोस्ट किए गए विवादित AI वीडियो और तस्वीरों पर दिल्ली हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है.
दिल्ली हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के खिलाफ आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा AI से बनाए गए वीडियो, तस्वीरों और सोशल मीडिया पोस्ट को हटाने का आदेश दिया है. मुख्यमंत्री का आरोप था कि आम आदमी पार्टी के आधिकारिक और वेरिफाइड सोशल मीडिया अकाउंट से उन्हें लेकर बेहद आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें पोस्ट की गई थीं. इनमें से कुछ में उन्हें शराब बेचने वाली और फेरी लगाने वाली महिला के रूप में दिखाया गया था. उन्होंने मांग की थी कि इन आपत्तिजनक AI वीडियो और तस्वीरों को सोशल मीडिया पर पोस्ट करने और शेयर करने से रोका जाए.
दिल्ली हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री की आपत्ति को सही मानते हुए याचिका में बताए गए छह सोशल मीडिया लिंक (URLs) तुरंत हटाने का आदेश दिया. कोर्ट ने आम आदमी पार्टी और अन्य प्रतिवादियों को नोटिस भी जारी किया.
'आजादी के नाम पर सम्मान को ठेस नहीं'
कोर्ट ने कहा कि नेताओं को राजनीतिक आलोचना और मजाक का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए, लेकिन अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर किसी व्यक्ति की इज्जत और सम्मान को ठेस पहुंचाने की इजाजत नहीं दी जा सकती.
असली और नकली में फर्क करना मुश्किल
हाईकोर्ट ने कहा कि कुछ वीडियो में रेखा गुप्ता को रात के समय पुरुषों को शराब परोसते हुए दिखाया गया था. एक अन्य वीडियो में रेखा गुप्ता और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री को एक साथ शराब और बर्फ डालते हुए दिखाया गया था. कोर्ट ने कहा कि AI से बनाए गए ये वीडियो इतने असली लग रहे थे कि किसी के लिए भी असली और नकली में अंतर करना मुश्किल हो सकता था.
राजनीतिक व्यंग्य और अपमान में फर्क
कोर्ट ने कहा कि राजनीतिक व्यंग्य और किसी का अपमान करने के बीच बहुत महीन रेखा होती है. AI से बनाए गए ऐसे वीडियो, जो किसी मुख्यमंत्री की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं, उन्हें राजनीतिक व्यंग्य नहीं कहा जा सकता. किसी सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति को ज्यादा आलोचना का सामना करना पड़ता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उसके सम्मान से समझौता किया जाए.