कुछ ही घंटों में आंध्र प्रदेश के समुद्री तट से टकराएगा चक्रवात 'मुरासु', मदद को आगे तमिलनाडु; अलर्ट पर प्रशासन
चक्रवात 'मुरासु' कुछ ही घंटों में आंध्र प्रदेश के तट से टकराने वाला है. प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है और तमिलनाडु ने भी मदद का हाथ बढ़ाया है. जानें ताजा स्थिति और तैयारियां.
बंगाल की खाड़ी से उठा गंभीर चक्रवाती तूफान 'मुरासु' अब आंध्र प्रदेश के तट की ओर तेजी से बढ़ रहा है. रात 2 बजे से 3 बजे तक इस तूफान के आंध्र प्रदेश के समुद्री तट से टकराने की आशंका है. इस तूफान के कारण तटीय और निचले इलाकों में भारी तबाही की आशंका जताई जा रही है, जबकि कई जगहों पर तेज हवाओं और बारिश की वजह से बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप हो चुकी है. इस संकट की घड़ी में पड़ोसी राज्य तमिलनाडु मदद के लिए आगे आया है. तमिलनाडु सरकार ने आंध्र प्रदेश में ठप पड़ी बिजली आपूर्ति को जल्द से जल्द बहाल करने के लिए 500 कुशल कर्मचारियों और आधुनिक उपकरणों की खेप भेजी है.
सोमवार को चेन्नई में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए तमिलनाडु के बिजली मंत्री आर. निर्मल कुमार ने बताया कि राज्य सरकार ने बिजली विभाग के 500 कर्मचारियों को कुल 25 विशेष टीमों में बांटकर आंध्र प्रदेश भेजा है. ये टीमें तूफान से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में जाकर बिजली के बुनियादी ढांचे को सुधारने का काम करेंगी. बिजली मंत्री के अनुसार, कर्मचारियों के साथ-साथ राहत और मरम्मत कार्य में इस्तेमाल होने वाली आवश्यक मशीनरी और उपकरण भी भेजे गए हैं, ताकि बिजली के खंभों और तारों की मरम्मत का काम बिना किसी रुकावट के तुरंत शुरू किया जा सके.
सीएम चंद्रबाबू नायडू की अपील पर मिली मदद
तमिलनाडु की ओर से यह त्वरित सहायता आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के अनुरोध पर दी गई है. इससे एक दिन पहले, मुख्यमंत्री नायडू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जानकारी साझा की थी कि उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय से फोन पर बात की है. नायडू ने बताया था कि चक्रवात 'मुरासु' के कारण राज्य में बड़ी संख्या में बिजली के खंभे उखड़ गए हैं और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए हैं. बिजली व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए आंध्र प्रदेश को बड़े पैमाने पर जनशक्ति और तकनीकी संसाधनों की जरूरत थी. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने इस मानवीय और पड़ोसी धर्म का पालन करते हुए तुरंत मदद भेजने पर सहमति जताई.
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3 नवंबर को तड़के टकराएगा चक्रवाती तूफान
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना 'मुरासु' तूफान बीते कुछ घंटों से 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है. मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के मुताबिक:
वर्तमान स्थिति: 2 नवंबर 2026 की दोपहर 2:30 बजे यह तूफान नेल्लोर से लगभग 100 किमी पूर्व और चेन्नई से 160 किमी उत्तर-पूर्व में केंद्रित था.
लैंडफॉल की संभावना: यह चक्रवात 2 नवंबर की आधी रात (12:30 बजे) से लेकर 3 नवंबर की तड़के (4:00 बजे) के बीच दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तट को पार करेगा. इसके ओंगोल के दक्षिण में नेल्लोर और नरसापुर के बीच से गुजरने की प्रबल संभावना है.
हवा की रफ्तार: तट पार करते समय चक्रवात के दौरान 100 से 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 120 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं.
निगरानी: चेन्नई, मछलीपट्टनम और विशाखापत्तनम में स्थापित डॉप्लर वेदर रडार के जरिए चक्रवात की पल-पल की गति पर पैनी नजर रखी जा रही है.
आंध्र प्रदेश प्रशासन अलर्ट पर, भारी बारिश की चेतावनी
चक्रवात के मंडराते खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और उन्हें पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि चक्रवात के प्रभाव से दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा के विभिन्न जिलों में मध्यम से भारी और कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है. मुख्यमंत्री ने तटीय जिलों के अधिकारियों को राहत व बचाव दल तैयार रखने, निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और आपातकालीन सेवाओं को 24 घंटे सक्रिय रखने के कड़े निर्देश दिए हैं.
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