साइक्लोन अर्नब: आधे भारत पर 'तूफान' का साया, सैटेलाइट तस्वीरों ने डराया, वीडियो में देखिए भयावह मंजर
INSAT-3DS की सैटेलाइट तस्वीर में आधे भारत पर इस चक्रवाती तूफान का असर देखने को मिल रहा है. सेटेलाइट की ताजा इमेज के मुताबिक, चक्रवात के बादल सिर्फ उसके केंद्र तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बड़े इलाके में फैले हुए हैं.
बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान 'अर्नब' अब खतरनाक रूप ले चुका है. यह चक्रवात मंगलवार (27 अक्टूबर) की देर रात आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों से टकराया था. इसके बाद से अब तक पूरे प्रदेश में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का दौर देखने को मिल रहा है. 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही तूफानी हवाओं ने प्रदेश में भयंकर तबाही मचाई है. आंध्र प्रदेश के अलावा पुडुचेरी और ओडिशा में भी इस तूफान से काफी ज्यादा नुकसान होने की खबरें आ रही हैं. इन राज्यों में तूफानी हवाओं के साथ बारिश के चलते जगह-जगह पर पेड़ उखड़ गए और बिजली के खंभे टूट गए हैं. इसके साथ ही तेलंगाना, छत्तीसगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में तूफान का असर देखने को मिल रहा है. INSAT-3DS की सैटेलाइट तस्वीर में आधे भारत पर इस चक्रवाती तूफान का असर देखने को मिला है.
सैटेलाइट तस्वीर में पूर्वी और दक्षिणी भारत के कई हिस्सों इस चक्रवात का असर देखने को मिल रहा है. मौसम विभाग के मुताबिक, यह तूफान अब भारत के दक्षिणी राज्यों से अंदरूनी राज्यों में तेजी से दाखिल हो रहा है. सेटेलाइट की ताजा इमेज के मुताबिक, चक्रवात के बादल सिर्फ उसके केंद्र तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बड़े इलाके में फैले हुए हैं. हालांकि, सैटेलाइट तस्वीर से जमीन पर हवा की रफ्तार या बारिश होने की स्थिति का सही अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है. फिलहाल, मौसम विभाग तूफान पर पल-पल की नजर बनाए हुए है. मौसम विभाग कहना है कि चक्रवात के लैंडिंग की प्रक्रिया अगले 3 से 4 घंटे जारी रह सकती है.
मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अगले 48 घंटों तक उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने के बाद तूफान धीरे-धीरे कमजोर होना शुरू होगा. IMD ने कहा कि अगले 06 घंटों में यह कमजोर होकर एक 'चक्रवाती तूफान' में बदल जाएगा और उसके बाद के 06 घंटों में यह और कमजोर होकर एक 'डीप डिप्रेशन' (Deep Depression) में तब्दील हो जाएगा. इससे पहले यह आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी और ओडिशा जैसे तटीय राज्यों में जमकर तबाही मचाने में जुटा है.
आंध्र प्रदेश के काकीनाडा काजा शहर सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ है. तूफान से मचने वाली तबाही को देखते हुए यहां प्रशासन पहले से अलर्ट था. प्रशासन की ओर से पहले से ही पुनर्वास केंद्रों की स्थापना की गई थी. चक्रवात के दौरान बचाव टीम की ओर से लोगों को पुनर्वास केंद्रों में शिफ्ट किया जा रहा है. विशाखापत्तनम में भी चक्रवात का प्रभाव देखने को मिल रहा है.
भारी बारिश की उम्मीद के वजह से ओडिशा, आंध्र प्रदेश और झारखंड समेत कई जिलों में स्कूलों को बंद करने का ऐलान किया गया है. ओडिशा के 6 जिलों में स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे. जबकि, झारखंड सरकार की घोषणा के अनुसार वहां भी स्कूलों को बंद रखा जाएगा. ओडिशा और आंध्र प्रदेश के कुछ जगहों पर समुद्र में मछली पकड़ने पर भी रोक लगा दी है गई है.
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