CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का हल्लाबोल: देश के कई राज्यों में जोरदार प्रदर्शन, 2 अक्टूबर से CJP के आंदोलन का ऐलान
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस ने देशव्यापी मोर्चा खोल दिया है. विभिन्न राज्यों में जोरदार प्रदर्शन के बीच CJP ने 2 अक्टूबर से बड़े आंदोलन की घोषणा की है. पढ़ें पूरी खबर.
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (CEC Gyanesh Kumar) के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस ने दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार सहित देश के कई राज्यों में कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है. उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदर्शन के दौरान पुलिस बैरिकेडिंग के ऊपर चढ़ गए. वहीं बिहार की राजधानी पटना में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया. इसके साथ ही देश के कई राज्यों प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने की खबरें भी आईं हैं. कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की भी खबर है.
कांग्रेस के प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है और कहा है कि अगर उन्होंने 48 घंटे में इस्तीफा नहीं दिया तो वो 2 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन शुरू कर देंगे. इसके अलावा SIR को लेकर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दाखिल की गई है. याचिका में SIR से जुड़े फैसलों, दिशानिर्देशों और सॉफ्टवेयर में किए गए बदलावों को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की गई है. साथ ही बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर SIT जांच की मांग भी की गई है.
दिल्ली में CEC के खिलाफ यूथ कांग्रेस का हल्लाबोल
दिल्ली में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शन यूथ कांग्रेस मुख्यालय से शुरू हुआ, जहां कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़कर झंडे और पोस्टर लेकर नारेबाजी करते नजर आए. प्रदर्शन की अगुवाई इंडियन यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब ने की. इस दौरान एक कार्यकर्ता को सीईसी ज्ञानेश कुमार का मास्क पहनाकर और हाथों में सांकेतिक हथकड़ियां डालकर लाया गया. दरअसल, एक दिन पहले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीईसी ज्ञानेश कुमार पर कई गंभीर आरोप लगाए थे. इसके बाद कांग्रेस ने देशभर में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया. दिल्ली का यह प्रदर्शन भी उसी अभियान का हिस्सा है. वहीं दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया है.
लखनऊ में CEC के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन
लखनऊ में तेज बारिश के बावजूद कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ताओं ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शन किया. पार्टी दफ्तर के बाहर जुटे कार्यकर्ता विधानसभा और राज्य चुनाव आयोग के दफ्तर की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे. प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि CEC ज्ञानेश कुमार तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा दें. प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर पुलिस तैनात है, लेकिन बारिश के बावजूद कार्यकर्ता पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. सुबह से ही बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता पार्टी दफ्तर पहुंचे थे. बाद में वे हाथों में झंडे और छाते लेकर नारेबाजी करते हुए विधानसभा की ओर बढ़ने लगे.
पटना में CEC के खिलाफ प्रदर्शनकारियों पर वाटर कैनन
पटना में आज विधानसभा के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के प्रमुख ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. कार्यकर्ता ब्लॉक से चुनाव आयोग के दफ्तर तक मार्च निकालना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें विधानसभा गेट के बाहर रोक दिया. इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई. बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश के बाद पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया. इस दौरान कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया.
हिमाचल प्रदेश CEC के बोर्ड पर लिखा- चोर आयोग
CEC ज्ञानेश कुमार के विरोध में हिमाचल कांग्रेस ने शुक्रवार को शिमला में जोरदार प्रदर्शन किया. इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की. कांग्रेस कार्यकर्ता कसुम्पटी स्थित चुनाव विभाग के कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में जुटे. प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के बाहर लगे चुनाव आयोग के बोर्ड पर कालिख पोत दी. इसके बाद बोर्ड पर ‘चोर आयोग’ लिख दिया. प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने CEC ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका. इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई. प्रदर्शन में कांग्रेस प्रदेश मामलों की प्रभारी रजनी पाटिल, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर समेत कई नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए.
हरियाणा-चंडीगढ़ में कांग्रेस का EC के खिलाफ हल्ला बोल
चंडीगढ़ में हरियाणा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया है. बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सेक्टर-17 स्थित चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर जमा हैं और चीफ इलेक्शन कमिश्नर के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं. कार्यकर्ता चुनाव आयोग के दफ्तर तक मार्च निकालने की तैयारी में हैं. कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा भी जल्द मौके पर पहुंच सकते हैं, जिसके बाद मार्च आगे बढ़ेगा. इससे पहले पंजाब कांग्रेस भी इसी जगह चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर चुकी है. कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार ने वोट चोरी करके सत्ता हासिल की है.
जम्मू में कांग्रेस का हल्ला बोल, ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका
जम्मू में कांग्रेस ने आज चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया. बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता वहां पहुंचे और CEC ज्ञानेश कुमार तथा मोदी सरकार के खिलाफ नारे लगाए. कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए उन पर चुनाव में धांधली का आरोप लगाया. प्रदर्शन की अगुवाई कांग्रेस के वरिष्ठ राष्ट्रीय नेता नासिर हुसैन ने की. प्रदर्शनकारी निर्वाचन भवन के अंदर जाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें रोक दिया. इस दौरान दोनों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई. गुस्साए कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार का पुतला भी फूंका. कांग्रेस का आरोप है कि ज्ञानेश कुमार मोदी सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं.
गुवाहाटी, कोलकाता सहित इन शहरों में भी जोरदार प्रदर्शन
CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन की तस्वीरें गुवाहाटी, चंडीगढ़, मणिपुर, लखनऊ, देहरादून और कोलकाता से सामने आई हैं. इन शहरों में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और नारे लगाकर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की. गुवाहाटी में प्रदर्शन की अगुवाई गौरव गोगोई ने की, जबकि लखनऊ में भी बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर विरोध जताया.
आखिर क्यों शुरू हुआ CEC पर ये बवाल?
CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर ये विवाद तब शुरू हुआ जब अंग्रेजी अखबार 'द इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट सामने आई. इस रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार आयोग के फैसलों और आदेशों पर औपचारिक आपत्ति दर्ज की. इन आपत्तियों में मतदाता सूची से नाम हटाने, नए मतदाताओं के पंजीकरण, फॉर्म 6 में बदलाव और वोटर डेटा तक पहुंच जैसे मुद्दे शामिल थे.
कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव आयोग में फैसले एकतरफा तरीके से लिए जा रहे हैं और दोनों चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा. दूसरी ओर, चुनाव आयोग से जुड़े अधिकारियों ने आंतरिक मतभेदों से जुड़े कुछ आरोपों को खारिज किया है. SIR को लेकर राजनीतिक दलों के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है और अब मामला चुनाव आयोग के कामकाज के साथ-साथ अदालत की सुनवाई तक पहुंच चुका है.