दिवाली को 'खुशियों का ईद' बोलकर घिरे खड़गे! BJP ने कांग्रेस को बताया 'सनातन विरोधी', सोनिया गांधी के बयान से जोड़ा कनेक्शन
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के दिवाली संदेश पर सियासत गरमा गई है. खरगे ने दीपावली को 'खुशियों की ईद' बताते हुए कहा कि यह त्योहार लोगों को जोड़ता है और आपसी भाईचारे को बढ़ाता है. उनके इस बयान पर बीजेपी ने पलटवार किया है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे एक बार फिर चर्चा में हैं. दिवाली के मौके पर उनके एक बयान ने सियासी बहस छेड़ दी है. देशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए खरगे ने इस त्योहार को ‘खुशियों की ईद’ बता दिया. जिसके बाद बीजेपी हमलावर हो गई है. खड़गे द्वारा दिवाली को 'खुशियों का ईद' बताए जाने पर BJP ने उन्हें सनातन विरोधी करार दिया और कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया.
दरअसल, खरगे ने दिवाली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह कई दिनों तक चलने वाला खुशियों का त्योहार है, जो लोगों को एक साथ लाता है और अपने प्रियजनों से मिलने का मौका देता है.
खरगे ने अपने दिवाली संदेश में सिर्फ त्योहार की शुभकामनाएं ही नहीं दीं, बल्कि देश में शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील भी की. उन्होंने कहा कि जो लोग आपस में लड़ रहे हैं, उन्हें अपनी गलतफहमियां दूर कर लेनी चाहिए. कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे कहा कि देश की रक्षा करने और उसे एकजुट रखने के लिए सभी को पूरे दिल से काम करना चाहिए. उनके मुताबिक, देश की एकता और शांति को बचाए रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है.
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी का तीखा पलटवार
अब खरगे के इस बयान पर बवाल मच गया है. BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस पर हिंदू त्योहार के दौरान भी वोट बैंक की राजनीति को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया. प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर लिखा, 'कांग्रेस अध्यक्ष दिवाली को 'खुशियों का ईद' कहते हैं. दिवाली पर भी कांग्रेस तुष्टिकरण और वोट बैंक के बारे में सोचती है. कल सोनिया गांधी बाबरी के लिए रोई थीं, आज खरगे जी अपने दिवाली संदेश में तुष्टिकरण कर रहे हैं, कांग्रेस सनातन विरोधी है.'
सोनिया गांधी के बाबरी वाले बयान से जोड़ा कनेक्शन
BJP ने खरगे के इस बयान को 1992 में बाबरी मस्जिद के विध्वंस को लेकर पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा की गई हालिया टिप्पणी से भी जोड़ दिया. राज्यसभा सांसद और BJP प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर मुगल शासक के प्रति सहानुभूति बनाए रखने का आरोप लगाया. दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए त्रिवेदी ने कहा, 'इससे पता चलता है कि तब भी कांग्रेस पार्टी के दिल में बाबर था, और आज भी उसके दिल में वही है.'
आखिर सोनिया गांधी ने बाबरी मस्जिद को लेकर क्या कहा था?
दरअसल, सोनिया गांधी ने अपनी किताब 'बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव' (Belonging: A Journey of Love) के विमोचन से पहले ब्रिटिश अखबार 'द गार्जियन' को एक इंटरव्यू दिया था. इस इंटरव्यू में उन्होंने 6 दिसंबर 1992 की घटना को याद करते हुए कहा कि जब बाबरी मस्जिद गिराई गई, तो टीवी पर यह घटना देखने के बाद वह रो पड़ी थीं.
सोनिया गांधी ने यह भी कहा था कि इस विध्वंस ने उन्हें यह एहसास कराया कि भारत को अपनी धर्मनिरपेक्ष नींव को बचाने के लिए एक लंबे संघर्ष का सामना करना पड़ेगा. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कांग्रेस कई मामलों में आत्मसंतुष्ट रही थी, जिसने आंशिक रूप से BJP और उसकी हिंदुत्व की राजनीति के उभार में योगदान दिया.
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