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केरल की सेंट्रल यूनिवर्सिटी में 'वंदे मातरम' नेशनल सेमिनार के दौरान विरोध करने वाले छात्रों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है. जिन 25 लोगों की पहचान हुई है, उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है. FIR में कहा गया है कि इस ग्रुप ने सेमिनार में रुकावट डाली.
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पहले ही चेतावनी दी थी कि सेमिनार की कार्यवाही में रुकावट डालने वाले छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस बीच, SFI ने छात्रों के खिलाफ गवर्नर राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर की टिप्पणियों के विरोध में अपना प्रदर्शन और तेज करने का फैसला किया है. दो दिन के नेशनल सेमिनार के पहले दिन छात्र संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके कारण भारी झड़पें हुईं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स सेमिनार हॉल में घुसने की कोशिश कर रहे थे, तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की. इस धक्का-मुक्की व झड़प के दौरान 4 छात्र घायल हुए. छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने उनकी पिटाई की और कपड़े तक फाड़ दिए.
बुधवार (7 अक्टूबर) यानी सेमिनार के आखिरी दिन 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित सेमिनार के खिलाफ छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर गवर्नर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. गवर्नर ने साफ किया कि यहां हुए विरोध-प्रदर्शन अचानक हुई कोई अकेली घटना नहीं थी. उन्होंने आरोप लगाया कि इसके पीछे कुछ खास एजेंडे और सुनियोजित चालें थीं. उन्होंने कहा कि ऐसी हरकतें देश के लिए शर्म की बात है और इसके पीछे जो लोग थे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए.
बता दें कि केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के तहत साहित्य अकादमी, अखिल भारतीय साहित्य परिषद और केरल सेंट्रल यूनिवर्सिटी ने कासरगोड कैंपस में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया था. SFI, MSF, KSU और AISF जैसे छात्र संगठनों ने कार्यक्रम में 'प्रज्ञा प्रवाह' के राष्ट्रीय संयोजक और आरएसएस नेता जे. नंदकुमार की भागीदारी का कड़ा विरोध किया था. उन्होंने इसे कैंपस के 'भगवाकरण' की कोशिश बताते हुए विरोध-प्रदर्शन किया. हालांकि, बुधवार को गवर्नर के भाषण के कारण फिर से भारी विरोध प्रदर्शन हुआ.
गवर्नर के भाषण के बाद, जब मुख्य आयोजक और प्रॉक्टर श्रीकुमार बोल रहे थे, तब छात्र मंच पर चढ़ गए. हाथ में जूते लिए और 'वापस जाओ' के नारे लगाते हुए छात्रों ने सेमिनार को पूरी तरह से रोक दिया. लंबी बहस और नारेबाजी के बाद पुलिस को दखल देना पड़ा. केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने इसे एक साजिश बताते हुए वंदे मातरम के विरोध की आलोचना की, जबकि विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन ने पुलिस कार्रवाई और आरएसएस नेता को आमंत्रित करने की कड़ी निंदा की है.
कैंपस में शांतिपूर्ण माहौल और आधिकारिक कार्यक्रम में रुकावट पड़ने पर पुलिस ने सख्त एक्शन लिया. पुलिस और यूनिवर्सिटी ने आने वाले दिनों में कैंपस में और सिक्योरिटी देने का फैसला किया है. कैंपस में तनाव बरकरार रहने के कारण इलाके में और पुलिस बल तैनात किया गया है. पुलिस संकेत दे रही है कि दोषियों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई की जाएगी. आने वाले दिनों में पूछताछ के लिए और छात्रों को बुलाया जा सकता है. यूनिवर्सिटी भी छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकती है.