सीमा पर चीनी गाड़ियां, सोशल मीडिया पर सनसनी! वायरल दावे की मंत्रालय ने बताई सच्चाई
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, वीडियो में कुछ चीनी गाड़ियां भारती सरहद के अंदर दिखाई दी रही हैं. अब इस दावे को झूठा करार देते हुए मंत्रालय ने सच्चाई बताई है.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि चीन की कुछ गाड़ियां बिना अनुमति के भारतीय क्षेत्र में घूम रही हैं. साथ ही यह भी दावा किया जा रहा है कि मीडिया इस तरह की खबरों को जानबूझकर दबा रहा है. हालांकि, यह दावा सरासर झूठ है. इस बात की पुष्टि भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने भी कर दी है. मंत्रालय ने बहुत से सोशल मीडिया हैंडल्स का नाम लेकर कहा है कि सुनियोजित तरीके से यह भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है.
मंत्रालय ने X पर एक पोस्ट में लिखा,'सोशल मीडिया अकाउंट्स पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है, जिसमें भारत-चीन सीमा के पास चीनी वाहन दिखाई दे रहे हैं. इसे गलत तरीके से ऐसे पेश किया जा रहा है मानो चीनी वाहन भारतीय क्षेत्र में अनधिकृत रूप से घुस आए हों. साथ ही, भ्रामक कैप्शन में यह भी दावा किया गया है कि मुख्यधारा की भारतीय मीडिया जानबूझकर इस घटना को छिपा रही है.'
नाथू ला दर्रे का है असली वीडियो
मंत्रालय ने अपनी पोस्ट में वीडियो की सच्चाई बताते हुए लिखा,'असल फुटेज सिक्किम के नाथू ला दर्रे (Nathu La Pass) का है, जहां JAC ब्रांड के चीनी कमर्शियल वाहन मौजूद हैं. यह जगह भारत-चीन के बीच व्यापार के लिए तय की गई एक आधिकारिक सीमा बिंदु है.' पोस्ट में आगे लिखा,'सरहद पर व्यापार के लिए तय रास्ते से कमर्शियल वाहनों की आवाजाही को, चीनी सेना की घुसपैठ के सबूत के तौर पर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है. नाथू ला में व्यापार, दोनों देशों के बीच हुए द्विपक्षीय समझौतों, तय व्यापार सुविधाओं और निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत होता है.'
मंत्रालय की लोगों से अपील
इसके साथ ही मंत्रालय ने 12 ऐसे हैंडल्स के नाम भी दिए हैं, जिनके जरिए यह गलत खबरें फैलाई जा रही हैं. मंत्रालय ने अपील की है कि किसी भी जानकारी को शेयर करने से पहले हमेशा उसकी लोकेशन, असली फुटेज और आधिकारिक संदर्भ की जांच जरूर कर लें. इस वायरल वीडियो को शेयर करते हुए बहुत सारे अकाउंट्स ने सीमा पर आधिकारिक व्यापार के संदर्भ को छिपाया, चीनी घुसपैठ का झूठा नैरेटिव गढ़ा, सुनियोजित तरीके से वीडियो पोस्ट किया गया. भारत-चीन सीमा सुरक्षा के बारे में भ्रामक नैरेटिव फैलाया.
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