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कैफे कारोबारी शिव शर्मा हत्याकांड मामले में गिरफ्तार होने के बावजूद आरोपी श्रद्धा दुबे के नखरे कम नहीं हुए. इतना ही नहीं, यूपी पुलिस भी उसके साथ नरमी से पेश होती नजर आई. हत्याकांड के 11 दिन बाद लखनऊ पुलिस और उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने नागपुर पुलिस की मदद से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें श्रद्धा दुबे,उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश शामिल हैं. उसकी गिरफ्तारी के वक्त का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक पुलिस वाला यह कहते सुना जा सकता है कि तुमने जो किया ठीक किया. इसके बाद फुटेज आगे बढ़ती है तो श्रद्धा कहती है कि क्या मैं गाड़ी में आगे बैठ जाऊं. मुझे पीछे घुटन होती है.
वायरल वीडियो में कई पुलिसवाले नजर आ रहे हैं. पुलिस श्रद्धा, रश्मि और दानिश को गाड़ी में बैठा रही है. तभी श्रद्धा कहती है कि उसे पीछे बैठने से सांस लेने में दिक्कत होगी. क्या वह आगे बैठ सकती है. लेकिन पुलिसवाले उसे जल्दी गाड़ी में बैठकर चलने के लिए कहते हैं. बीच में पानी और बैठने की जगह को लेकर बातचीत सुनाई पड़ती है.
इस दौरान पुलिसकर्मी और श्रद्धा के बीच एक और बातचीत भी वीडियो में सुनाई पड़ती है, जिसमें एक पुलिसवाला कहता है कि मीडिया ने तो भद्द पीट दी तुम्हारी. इस पर श्रद्धा हामी भरती है. पुलिसवाला कहता है कि मीडिया तो कुछ भी दिखाती है. खैर तुमने जो किया ठीक किया. इस पर श्रद्धा कहती है कि मीडिया ऐसा नहीं दिखाती तो नौबत ही नहीं आती. हम कोई आतंकवादी थोड़ी हैं. इसके बाद वह कार में बैठती है तो कहती है कि मुझे पीछे बैठने में घुटन होती है. इस पर पुलिसवाला कहता है कि हम दवाई दिलवा देंगे.
मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे पर बड़ा खुलासा, बुर्के में यात्रा करती थी आरोपी श्रद्धा #Shraddha #ShivaSharmaCase | @shikha_thakur7 @A_suryavanshi_ @preetistv9 https://t.co/BKqk7dliSh
— Zee News (@ZeeNews) October 21, 2026
अब हैरानी की बात यह है कि किसी हत्यारोपी से यूपी पुलिस इतनी नरमी से कब से पेश आने लगी. इस पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
वहीं, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश के मुताबिक, श्रद्धा गिरफ्तारी से बचने के लिए बुर्के का इस्तेमाल करती थी. वह बार-बार अपनी लोकेशन बदलती थी, ताकि पकड़ी ना जाए.इसके अलावा वह आने-जाने के लिए टैक्सी का इस्तेमाल करती थी.
9 अक्टूबर को लखनऊ के हजरतगंज स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर कैफे कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. इसके बाद पुलिस ने श्रद्धा दुबे, उसकी बहन और ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज किया. उसके बाद से ही ये लोग फरार चल रहे थे. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, हैरान करने वाले खुलासे सामने आए.
पुलिस ने श्रद्धा को पकड़ने के लिए दुकानों और रास्तों पर लगे सीसीटीवी खंगाले. पुलिस और अन्य टीमें महराजगंज के भगवानपुर बॉर्डर तक गईं. बाद में सूत्रों ने बताया कि 16 अक्टूबर को बुर्का पहनकर दोपहर करीब 1 बजे श्रद्धा दुबे नेपाल से भारत में दाखिल हुई.इसका एक वीडियो भी सामने आया है. इसके बाद भी वह पुलिस को चकमा देती रही.
शिवा शर्मा की मां रंजना शर्मा ने श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे न्याय की दिशा में पहला कदम बताया। उन्होंने कहा कि आज उनके लिए विजयादशमी का बहुत बड़ा दिन है और उन्हें उम्मीद है कि उनके बेटे शिवा को न्याय मिलेगा. इस मामले में आरोपी ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश की बहन ने कहा कि घटना वाले दिन से ही परिवार का दानिश से कोई संपर्क नहीं हुआ है. घटना के दिन वह काम पर गया था, लेकिन उसके बाद से परिवार को उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली. दानिश के संबंध में उन्हें जो भी जानकारी मिल रही है, वह केवल टीवी रिपोर्ट्स से ही मिल रही है.