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दिल्ली में 11 से 13 सितंबर तक BRICS नेताओं की समिट होने जा रही है. इस दौरान देश-विदेश से आने वाले VVIP और विदेशी डेलिगेशन की आवाजाही को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी रहेगी. इसका असर सड़क के साथ-साथ रेलवे के ऑपरेशन पर भी देखने को मिलेगा.
नॉर्दर्न रेलवे ने समिट के दौरान दिल्ली डिवीजन में ट्रेनों के संचालन को लेकर खास प्लान तैयार किया है. इसके तहत कई लोकल ट्रेनें कैंसिल की गई हैं, जबकि कुछ ट्रेनों के रूट बदले गए हैं. कई ट्रेनों को रास्ते में कुछ समय के लिए रोककर चलाया जाएगा. अगर आप इन दिनों दिल्ली, गाजियाबाद, पलवल, शकूरबस्ती या आसपास के इलाकों से ट्रेन पकड़ने वाले हैं तो घर से निकलने से पहले ट्रेन का स्टेटस देखना काफी जरूरी है. खासकर रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को इन बदलावों का सीधा असर झेलना पड़ सकता है.
समिट के दौरान सबसे ज्यादा असर दिल्ली-NCR की लोकल ट्रेनों पर पड़ेगा. 11 से 13 सितंबर के बीच कुल 26 ट्रेनें कैंसिल की गई हैं. इनमें ज्यादातर EMU और MEMU ट्रेनें शामिल हैं, जो गाजियाबाद, पलवल, नई दिल्ली, दिल्ली जंक्शन और शकूरबस्ती जैसे स्टेशनों के बीच चलती हैं. कुछ ट्रेनें पहले से ही फरीदाबाद में चल रहे RLDA के काम की वजह से रद्द हैं. वहीं कुछ ट्रेनों के लिंक बदलकर उन्हें दूसरे स्टेशन से शुरू या खत्म किया जाएगा. इसका मतलब है कि कई यात्रियों को अपनी रोजाना वाली ट्रेन की जगह दूसरी ट्रेन या स्टेशन का ऑप्शन देखना पड़ सकता है.
64015- पलवल-शकूरबस्ती EMU
64429- गाजियाबाद-नई दिल्ली EMU
64433- गाजियाबाद-नई दिल्ली EMU
64492- नई दिल्ली-पलवल लेडीज EMU
64491- दिल्ली जंक्शन-शामली EMU
64425- गाजियाबाद-नई दिल्ली EMU
64432- नई दिल्ली-गाजियाबाद EMU
64013- पलवल-शकूरबस्ती EMU
64015- पलवल-शकूरबस्ती EMU
64429- गाजियाबाद-नई दिल्ली EMU
64433- गाजियाबाद-नई दिल्ली EMU
64441- गाजियाबाद-नई दिल्ली EMU
64492- नई दिल्ली-पलवल लेडीज EMU
64410- नई दिल्ली-गाजियाबाद EMU
64443- गाजियाबाद-दिल्ली जंक्शन EMU
64418- दिल्ली जंक्शन-गाजियाबाद MEMU
64445- गाजियाबाद-दिल्ली जंक्शन EMU
64412- दिल्ली जंक्शन-गाजियाबाद EMU
64406- दिल्ली जंक्शन-गाजियाबाद EMU
64053- पलवल-गाजियाबाद EMU
64439- गाजियाबाद-दिल्ली जंक्शन EMU
64071- बल्लभगढ़-शकूरबस्ती EMU
64078- नई दिल्ली-पलवल EMU
64411- साहिबाबाद-दिल्ली जंक्शन EMU
64031- गाजियाबाद-शकूरबस्ती EMU
64426- नई दिल्ली-गाजियाबाद EMU
लोकल ट्रेनों के अलावा लंबी दूरी की कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के रूट में भी बदलाव किया गया है. इसका मकसद दिल्ली के उन हिस्सों में ट्रेनों की आवाजाही कम करना है, जहां सुरक्षा व्यवस्था ज्यादा कड़ी रहेगी. 11 सितंबर को नई दिल्ली से चलने वाली रांची राजधानी, डिब्रूगढ़ राजधानी, सियालदह राजधानी, हावड़ा राजधानी और भुवनेश्वर राजधानी को नई दिल्ली से दिल्ली जंक्शन और फिर साहिबाबाद के रास्ते भेजा जाएगा. इसी तरह संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस का भी रूट बदला गया है. गाजियाबाद-मथुरा EMU को भी साहिबाबाद, तिलक ब्रिज और हजरत निजामुद्दीन के रास्ते चलाया जाएगा. 12 सितंबर को गोमती एक्सप्रेस, श्रमजीवी एक्सप्रेस, सियालदह राजधानी, हावड़ा राजधानी, मगध एक्सप्रेस, स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस और वैशाली एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों के रूट में बदलाव रहेगा. साथ ही बनारस-नई दिल्ली सुपरफास्ट एक्सप्रेस को भी साहिबाबाद से दिल्ली शाहदरा होते हुए दिल्ली जंक्शन की तरफ भेजा जाएगा.
समिट के दौरान सिर्फ ट्रेन कैंसिलेशन और डायवर्जन ही नहीं होगा. कुछ ट्रेनों को रास्ते में तय समय के लिए रेगुलेट भी किया जाएगा. इसका मतलब है कि ट्रेन को कुछ सेक्शन में रोककर या उसकी स्पीड को नियंत्रित करके चलाया जाएगा. 12 सितंबर को बनारस-नई दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस को NCR सेक्शन में करीब 35 मिनट तक रेगुलेट किया जाएगा. मतलब यात्रियों को अपनी मंजिल तक पहुंचने में सामान्य से ज्यादा समय लग सकता है. इसके अलावा पुणे-जम्मू तवी एक्सप्रेस को NCR में करीब 40 मिनट और पलवल सेक्शन में 20 मिनट तक रेगुलेट किया जाएगा. पंजाब मेल पर भी इसी तरह का असर रहेगा. केरल सुपरफास्ट एक्सप्रेस को NCR में 40 मिनट और नॉर्दर्न रेलवे सेक्शन में 20 मिनट तक रेगुलेट किया जा सकता है. इसके साथ ही पश्चिम एक्सप्रेस पर भी करीब 35 मिनट का असर देखने को मिलेगा.
समिट के दौरान कई दूसरी ट्रेनें भी देरी से चल सकती हैं. रेलवे के ऑपरेशनल प्लान के मुताबिक ताज एक्सप्रेस को NCR में करीब 40 मिनट और पलवल सेक्शन में 20 मिनट तक रेगुलेट किया जाएगा. गोरखधाम एक्सप्रेस पर करीब 30 मिनट और 20 मिनट तक का रेगुलेशन रहेगा. स्वराज एक्सप्रेस को करीब 30 मिनट तक नियंत्रित किया जाएगा. वहीं धौलपुर-नई दिल्ली EMU में करीब 30 मिनट की देरी हो सकती है. साथ ही आगरा कैंट-होशियारपुर एक्सप्रेस को करीब 15 मिनट, हिराकुंड एक्सप्रेस को करीब 15 मिनट और कानपुर सेंट्रल-नई दिल्ली स्पेशल को करीब 10 मिनट तक रेगुलेट किया जाएगा. 11 सितंबर को श्री माता वैष्णो देवी कटरा-चेन्नई एक्सप्रेस को नई दिल्ली में करीब 15 मिनट तक रोका जा सकता है. वहीं विशाखापत्तनम-अमृतसर हिराकुंड एक्सप्रेस के पलवल सेक्शन में भी करीब 15 मिनट का रेगुलेशन रहेगा.
इन बदलावों का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ सकता है, जो रोजाना लोकल ट्रेन से दिल्ली-NCR में सफर करते हैं. इसके अलावा लंबी दूरी की ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों को भी डायवर्जन और देरी की वजह से अपनी यात्रा में ज्यादा समय रखना चाहिए. रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि 11 से 13 सितंबर के बीच स्टेशन के लिए निकलने से पहले अपनी ट्रेन का लेटेस्ट स्टेटस जरूर चेक करें. सिर्फ ट्रेन नंबर और टाइम देखकर घर से निकलना सही नहीं होगा, क्योंकि ट्रेन कैंसिल होने के अलावा उसका रूट भी बदला जा सकता है.
अगर आपकी ट्रेन शॉर्ट-टर्मिनेट या शॉर्ट-ओरिजिनेट की गई है तो यह भी देख लें कि आपको किस स्टेशन से ट्रेन पकड़नी है या कहां उतरना है. खासकर गाजियाबाद, साहिबाबाद, दिल्ली जंक्शन, नई दिल्ली, पलवल और हजरत निजामुद्दीन से सफर करने वालों को ज्यादा सावधानी रखनी होगी. रेलवे की ताजा जानकारी NTES या 139 से चेक की जा सकती है. बेहतर होगा कि यात्री सामान्य दिनों के मुकाबले कुछ समय पहले स्टेशन के लिए निकलें.
BRICS Summit में कई देशों के नेता और विदेशी प्रतिनिधिमंडल शामिल होंगे. ऐसे में दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई स्तर पर इंतजाम किए जा रहे हैं. रेलवे भी VVIP और विदेशी डेलिगेशन की आवाजाही के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए ट्रेनों के संचालन को पहले से प्लान कर रहा है. इसी वजह से कुछ संवेदनशील रूट पर लोकल ट्रेनों की आवाजाही कम की जा रही है और लंबी दूरी की ट्रेनों को दूसरे रास्तों से निकाला जा रहा है. कुछ ट्रेनों को जरूरत के हिसाब से रास्ते में रेगुलेट किया जाएगा. इसका मतलब ये बदलाव यात्रियों को परेशान करने के लिए नहीं हैं, बल्कि समिट के दौरान सुरक्षा और ट्रेन ऑपरेशन को मैनेज करने के लिए किए जा रहे हैं. हालांकि, यात्रियों के लिए इसका मतलब यही है कि इन तीन दिनों में सफर सामान्य दिनों जैसा नहीं रहेगा.