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कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी इन दिनों अपनी आने वाली किताब को लेकर चर्चा में हैं. उन्होंने मंगलवार को बताया कि उनकी आने वाली किताब 'बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ लव' (Belonging: A Journey of Love) में उनका अपना नजरिया सामने आएगा. हालांकि, उन्हें उम्मीद है कि इसे पढ़ने वालों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं हो सकती हैं.
एक वीडियो में सोनिया गांधी ने कहा,'जब यह किताब आएगी, तो यकीनन कुछ हंगामा तो होगा ही.' उन्होंने यह भी बताया,'पिछले कुछ सालों में उनके बारे में बहुत कुछ लिखा गया है, उसमें से कुछ बातें मनगढ़ंत या बढ़ा-चढ़ाकर बताई गई थीं.' उन्होंने कहा कि उनकी कहानी उससे कहीं ज्यादा है, जितना पिछले कुछ सालों में उनके बारे में लिखा गया है.
सोनिया गांधी वीडियो में कह रही हैं,'मुझे लगा कि मेरे बारे में बहुत कुछ लिखा जा चुका है और उसमें से बहुत कुछ सही नहीं है, या तो वह मनगढ़ंत है या बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया है. इसलिए मुझे लगा कि अब मैं अपनी कहानी लिख सकती हूं. तथ्यों और चीजों को वैसे ही बयान कर सकती हूं जैसे वे वास्तव में थीं. उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपनी बात को घटनाओं का सिर्फ एक नजरिया नहीं कहना चाहतीं, बल्कि इसे अपनी कहानी मानती हैं.

सोनिया गांधी इस किताब में अपने पति और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से जुड़े राजनीतिक हालात का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि जब राजीव गांधी को प्रधानमंत्री बनने के लिए कहा गया था, तब वह इसके पूरी तरह खिलाफ थीं. उन्होंने कहा,'लोगों के विचार अलग-अलग हो सकते हैं.' सोनिया गांधी ने यह भी माना कि उनकी किताब पढ़ने के बाद लोगों के मन में उनके प्रति राय बदल सकती है. कुछ लोग उन्हें पहले से बेहतर समझ सकते हैं, जबकि कुछ की राय उनके बारे में और नकारात्मक भी हो सकती है.
There’s bound to be some tamasha when this book comes out. After all, others have spent decades telling my “story”, now it’s my turn. https://t.co/jDy5vBI8ey
— Sonia Gandhi (@SoniaGandhi) October 27, 2026
सोनिया गांधी की यह किताब इटली में उनके बचपन से लेकर भारत में उनकी जिंदगी तक के बारे में बताती है. इसमें पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पत्नी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की बहू के रूप में उनकी जिंदगी का भी जिक्र है. इस किताब में उन निजी दुखों को भी याद किया गया है, जिन्होंने उनकी सार्वजनिक जिंदगी को प्रभावित किया. इनमें 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या और 1991 में राजीव गांधी की हत्या शामिल हैं. किताब में सोनिया गांधी के राजनीति में आने की कहानी भी है.