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जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) विंग ने आज (शुक्रवार, 6 नवंबर) की तड़के घाटी में बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 4 इलाकों में छापेमारी की. यह कार्रवाई पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स से जुड़े आतंकी भर्ती के एक पुराने मामले के सिलसिले में की गई है. अधिकारियों के अनुसार, CIK की टीमों ने बडगाम, श्रीनगर, अनंतनाग के बिजबेहरा और मट्टन इलाकों के अलावा पुलवामा जिले के एक गांव में सुबह छापा मारा. एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की निगरानी में इस छापेमारी को अंजाम दिया गया. यह अभियान CIK श्रीनगर पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR नंबर 07/2023 के तहत चलाया गया है.
मुनीर की डिजिटल आतंक वाली फैक्ट्री ध्वस्त!
जानकारी के मुताबिक, छापेमारी के दौरान सुरक्षा एजंसी ने एक ऐसे आतंकी भर्ती मॉड्यूल का खुलासा किया है, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके कश्मीरी युवाओं को कट्टरपंथी बना रहा था. कश्मीर के नौजवानों को प्रतिबंधित आतंकी संगठनों में शामिल होने के लिए उकसा जा रहा था. अधिकारियों ने बताया कि उन्हें इस आतंकी नेटवर्क के इनपुट मिले थे. इसी आधार पर छापेमारी शुरू की गई. इस दौरान पता चला कि लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और अन्य प्रतिबंधित संगठनों के हैंडलर्स की ओर से डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए कश्मीरी युवाओं को गुमराह किया जा रहा है.
ऑनलाइन कट्टरपंथ नेटवर्क की कमर तोड़ी
पाक में बैठे आतंकी कश्मीरियों को भारत के खिलाफ भड़काने और उन्हें आतंकी संगठनों में शामिल करने की साजिश रच रहे थे. ऑनलाइन कट्टरपंथ नेटवर्क के खिलाफ ही आज CIK ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. इस मामले में पहले भी कई आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज करके कार्रवाई की जा चुकी है. जांच एजेंसी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि बडगाम, कुपवाड़ा और श्रीनगर में बैठे कुछ लोग कथित तौर पर सीमा पार बैठे हैंडलर्स के संपर्क में थे. ये लोग सोशल मीडिया पर भड़काऊ व उकसाने वाली सामग्री फैला रहे थे.
श्रीनगर में भी एक घर पर पड़ा छापा
CIK से जुडे़ एक अधिकारी ने मीडिया को बताया कि डिजिटल आतंकवाद से जुड़े मामले में श्रीनगर में एक रिहायशी घर पर छापा मारा गया. अधिकारियों ने बताया कि संबंधित व्यक्ति ग्रेजुएट है. यह मामला IPC की धाराओं 153-A और 505, तथा UAPA की धाराओं 13, 18, 18-A और 39 के तहत दर्ज किया गया है. अधिकारी ने बताया कि संबंधित व्यक्ति ने 29 अप्रैल 2025 को अपनी मां को पाकिस्तान भेज दिया था और वह अभी वहीं रह रही हैं.
घाटी में अब सिर नहीं उठा पाएगा आतंकवाद
अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार की छापेमारी के दौरान क्या कुछ बरामद हुआ? कौन से डिजिटल उपकरण जब्त किए गए या कितने लोगों को हिरासत में लिया गया, इसकी विस्तृत जानकारी बाद में दी जाएगी. यह अभियान उस डिजिटल नेटवर्क को तोड़ने पर लगातार दिए जा रहे जोर को दर्शाता है, जिसका इस्तेमाल आतंकी समूह भर्ती के लिए करते रहे हैं. यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब स्थानीय युवाओं का आतंकी संगठनों में शामिल होना काफी कम हो गया है और इस साल अब तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है.