App

RSS पर हमला: 'खाकी निकर, लाठी लेकर चलते हैं, अंग्रेजों की गोली से कोई नहीं मरा...' ओवैसी ने संघ के संस्थापक हेडगेवार पर भी उठाए सवाल

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी 31 अक्टूबर को कर्नाटक के बीदर जिले में थे, जहां उन्होंने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में संबोधन के दौरान RSS को जमकर आड़े हाथों लिया. उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में संघ की भूमिका पर सवाल उठाते हुए 24 घंटे के भीतर अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई में जान गंवाने वाले किसी एक भी स्वयंसेवक का नाम बताने की चुनौती दी.

RSS पर हमला: 'खाकी निकर, लाठी लेकर चलते हैं, अंग्रेजों की गोली से कोई नहीं मरा...' ओवैसी ने संघ के संस्थापक हेडगेवार पर भी उठाए सवाल
Image Credit: (ANI)

कर्नाटक के बीदर में एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, 'ये देश हमारा है और हमारा रहेगा. ये आरएसएस का देश नहीं है, जिसके सदस्य खाकी निकर पहनते हैं और लाठियां लेकर चलते हैं. ये देश यहां रहने वाले सभी लोगों का है. आजादी की लड़ाई में आरएसएस के सदस्यों ने हिस्सा नहीं लिया. अंग्रेजों की गोलियों से आरएसएस का एक भी सदस्य नहीं मारा गया. मैं आरएसएस को चुनौती देता हूं कि अगर ऐसा कोई एक भी व्यक्ति है, तो 24 घंटे के भीतर उसका नाम बताएं. 

'संघ के संस्थापक पर भी उठाए सवाल'

ओवैसी यहीं पर नहीं रुके. आगे उन्होंने कहा,  'आपको संघ के संस्थापक हेडगेवार के बारे में पता होना चाहिए कि वे जेल गए थे. मैं आपको बता दूं आजादी की लड़ाई के दौरान उन्होंने एक बार विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था, जिसके चलते उन्हें जेल जाना पड़ा. वे खिलाफत आंदोलन के समर्थन में हुए एक विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की वजह से जेल गए थे. हेडगेवार जेल गए, तो महात्मा गांधी ने कहा था कि वे कोई कानूनी मदद नहीं लेंगे और जेल में ही रहेंगे. लेकिन हेडगेवार ने कहा कि वे जेल में नहीं रह सकते क्योंकि उन्हें बाहर के लोग बहुत याद आ रहे थे.'

'कांग्रेस सरकार को भी लपेटा'

ओवैसी कर्नाटक में थे, वहां कांग्रेस की राज्य सरकार है इसलिए ओवैसी ने वहां मुसलमानों की हालात के आंकड़े गिनाते हुए डीके शिवकुमार से लेकर सिद्धारमैया तक की सरकार पर हमला बोला.

ओवैसी ने कहा, 'बकदल की साक्षरता दर 65% है, जबकि पूरे कर्नाटक में ये 75% है. कर्नाटक में सिद्धारमैया के राज में सामाजिक, शैक्षिक और जाति जनगणना हुई थी. उसमें मुसलमान रोजी रोटी कमाने के मामले में भी सबसे नीचे यानी 32वें पायदान पर थे. 2025-26 के कर्नाटक आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक, बकदल के लोगों की प्रति व्यक्ति आय 1,75,000 रुपये थी. जबकि पूरे कर्नाटक की प्रति व्यक्ति आय पौने चार लाख रुपये है. बीदर जिले में गरीबी का सूचकांक 11.25 है, जबकि पूरे कर्नाटक राज्य के लिए यह 7.58 है. इसके लिए कौन जिम्मेदार है?

कर्नाटक में एआईएमआईएम का क्या आधार है?

कर्नाटक के सियासी जानकारों की मानें तो यूपी, बिहार, समेत कई राज्यों के चुनावी अखाड़े में उतर चुके एआईएमआईएम सुप्रीमो ओवैसी की दक्षिण भारत के इस राज्य में वोटबैंक वाली ताकत की बात करें तो उनका प्रभाव मुख्य रूप से उत्तरी कर्नाटक के कुछ मुस्लिम बहुल शहरी जिलों हुबली-धारवाड़, बीदर और बेलगावी तक सीमित है. ओवैसी ने कांग्रेस और बीजेपी के मूल आरएसएस पर इसी बीदर से हमला किया.

इन इलाकों में ओवैसी की पार्टी कांग्रेस के वोट बैंक में डेंट लगाने की ताकत रखती है. ऐसा इसलिए क्योंकि माना जाता है कि मुस्लिम बाहुल्य बस्तियों का एकतरफा वोट बीजेपी को नहीं जाता, इसलिए या तो नुकसान नहीं होगा और होगा भी तो कांग्रेस का माना जाता है.

ओवैसी ने पिछले कर्नाटक विधानसभा चुनावों में कर्नाटक में 25 कैंडिडेट उतारने की बात कही थी. हालांकि 2023 में हुए चुनावों में उन्होंने महज दो सीटों पर कैंडिडेट खड़े लिए, लेकिन उनकी पार्टी एक भी सीट नहीं जीत पाई. इस तरह कर्नाटक लगातार पांचवां राज्य था जहां विधानसभा चुनाव में AIMIM का खाता तक नहीं खुला.

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

Shwetank Ratnamber

Shwetank Ratnamber

श्वेतांक रत्नाम्बर वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल न्यूज़ मीडिया में 22 वर्षों से ज्यादा का व्यापक अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय (देश-दुनिया) खबरों की डेस्क पर कार्यरत हैं. समसामयिक मुद्दों, वैश्विक राजनीति और कूटनीति पर गहरी समझ रखने वाले श्वेतांक जटिल अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों और राजनीतिक समीकरणों का सटीक विश्लेषण करने के विशेषज्ञ हैं.Zee News डिजिटल से पहले उन्होंने ज़ी मीडिया नेटवर्क के ग्लोबल न्यूज़ चैनल 'WION' के साथ काम किया है. इस दौरान उन्होंने 'Gravitas', 'The West Asia Post' और 'One Africa' जैसे कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्राइम-टाइम शोज़ के हिंदी प्रोडक्शन और इंटरप्रिटेशन में अहम भूमिका निभाई. 2004 से शुरू हुए अपने पत्रकारिता करियर में श्वेतांक ने रिपोर्टिंग और एंकरिंग के साथ-साथ चार लोकसभा और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की व्यापक ग्राउंड कवरेज की है.जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI), नई दिल्ली से जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा के बाद मास कम्युनिकेशन और पॉलिटिकल साइंस में मास्टर्स डिग्री हासिल करने वाले श्वेतांक लंबे समय से 'प्रेस क्लब ऑफ इंडिया' (PCI) के सम्मानित सदस्य हैं.आप श्वेतांक रत्नाम्बर से सीधे shwetank.ratnamber@india.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप उनसे एक्स (ट्विटर), मेटा (फेसबुक) और लिंक्डइन पर भी कनेक्ट कर सकते हैं.' 
Read More