स्कूल में छात्रा पर कटर आरी चलाने वाला सिरफिरा रिश्तेदार गिरफ्तार, मजदूर बनकर घुसा था अंदर; रेलवे स्टेशन से दबोचा गया
इस मामले के बारे में जिसने भी सुना, पढ़ा और तस्वीरें देखीं वो हैरान है. हमले के बाद क्लासरूम और घायल छात्रा की फोटो को देखकर अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि आरोपी कितनी वीभत्स मानसिकता वाला है. पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया है.
रोज की तरह स्कूल में क्लास चल रही थी. बच्चे पढ़ाई कर रहे थे. किसी ने सोचा नहीं था कि अगले ही पल एक ऐसा खूनी तांडव होने वाला है, जिसे देख हर किसी की रूह कांप जाएगी. 21 साल का एक सिरफिरा क्लासरूम में आ धमका. उसके हाथ में बिजली से चलने वाली आरी थी. क्लास में घुसते ही उसने 10वीं की छात्रा के चेहरे, गर्दन और हाथ पर आरी चला दी. वो ऐसे हमला कर रहा था जैसे कोई वहशी दरिंदा हो.
हमले के बाद पूरी क्लास खून से सन गई. हर तरफ खून ही खून था. बच्ची का हाथ कट गया था. यह सब देख क्लास के बाकी बच्चे सहम गए. इस खौफनाक वारदात को अंजाम देकर आरोपी मौके से फरार हो गया, जिसे बाद में पुलिस ने दबोच लिया.
मजदूर बनकर स्कूल में घुसा था हमलावर
यह वारदात आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले के राप्तडू गांव की है. बताया गया है कि स्कूल में मरम्मत का काम चल रहा था, जिसका फायदा उठाकर 21 साल का सिरफिरा मजदूर बनकर स्कूल में घुसा. उसने जिस 10वीं क्लास की छात्रा पर हमला किया उसकी पहचान गोपिका लक्ष्मी के रूप में हुई है. निर्दयी हमलावर ने पावर चेनसॉ से उसके चेहरे, सिर, पीठ, गर्दन और कान पर वार किए. इस बर्बर हमले में छात्रा का दायां हाथ कट गया है. वारदात शनिवार सुबह करीब 10 बजे की है.
बचाने गई सहेली को भी किया जख्मी
आरोपी जब गोपिका पर हमला किए जा रहा था तब उसे बचाने के लिए उसकी सहपाठी लक्ष्मी बीच में आई तो आरोपी ने उस पर भी हमला कर दिया. वो भी घायल है. यह सब देख बाकी छात्र सहम गए. मौके पर चीख-पुकार मच गई. छात्रा लथपथ जमीन पर पड़ी थी और वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी खून से सनी आरी लेकर मौके से फरार हो गया.
रेलवे स्टेशन से दबोचा गया आरोपी रिश्तेदार
वारदात के बाद शिक्षकों ने पुलिस को खबर की और गंभीर रूप से घायल दोनों छात्राओं को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल ले गए. गोपिका की हालत बेहद नाज़ुक है.
कौन है आरोपी?
हमलावर की पहचान 21 वर्षीय हेमंत उर्फ डुम्मू के रूप में हुई है. वो श्री सत्य साई जिले के धर्मावरम मंडल के नागलूर गांव का रहने वाला बताया जा रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वो घायल छात्रा का दूर का रिश्तेदार बताया गया है. वारदात को अंजाम देने के बाद वो भागने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने उसे धर्मावरम रेलवे स्टेशन से दबोच लिया. हमले के पीछे की असली वजह क्या थी, पुलिस इसकी गहन जांच कर रही है.
'TOI' की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी हेमंत काफी वक्त से छात्रा को तंग कर रहा था. गोपिका ने उसे दूरी बनाने की हिदायत दी थी और कहा था कि वह उसकी इस हरकत के बारे में अपने पेरेंट्स को बता देगी, इस चेतावनी से तिलमिलाए आरोपी ने खौफनाक कदम उठाया.
बख्शा नहीं जाएगा आरोपी: गृह मंत्री
स्कूल के अंदर हुई इस रूह कंपा देने वाली घटना ने हर किसी को हैरान कर दिया है. आंध्र प्रदेश की गृह मंत्री वंगलापुडी अनीता ने गहरा दुख जताया. उन्होंने कहा कि राप्तडू की घटना बेहद दुखद और निंदनीय है, 10वीं की छात्रा पर हुए इस कायराना हमले की हम कड़े शब्दों में निंदा करते हैं. आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा. दोबारा ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए पुख्ता और कड़े सुरक्षा कदम उठाए जा रहे हैं.
सीएम चंद्रबाबू नायडू ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने एक्स पर किए गए पोस्ट में लिखा, 'राप्तडू जेडपी हाई स्कूल में 10वीं कक्षा की एक छात्रा पर उसकी क्लास के अंदर हुए बर्बर हमले से मैं गहरे सदमे में हूं और बेहद आक्रोशित हूं. जो हमलावर स्कूलों के अंदर हमारी बच्चियों को निशाना बनाते हैं, उनके लिए हमारे समाज में कोई जगह नहीं है. मैं व्यक्तिगत रूप से उसके ठीक होने की प्रक्रिया पर नज़र रख रहा हूं और मैंने मेडिकल टीम को निर्देश दिया है कि वे उसे सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ देखभाल दें. मैंने पुलिस को आदेश दिया है कि वे इस घटना के लिए ज़िम्मेदार दरिंदे को ढूंढ़ निकालें और उसे जल्द से जल्द सबसे कड़ी कानूनी सज़ा दिलाएं.'