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Punjab ASI Harjit Singh Murder Case Accused Encounter: पंजाब के अमृतसर में पीसीआर ड्यूटी पर तैनात एएसआई हरजीत सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने एक मुख्य आरोपी को मुठभेड़ में मार गिराया. आरोपी का नाम दीपक सिंह है. पुलिस के मुताबिक, दबिश के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर गोली चलाई. जिसके बाद हुई जवाबी फायरिंग में वह मारा गया. इस हत्याकांड में शामिल दूसरा संदिग्ध अभी भी फरार है. जिसकी तलाश के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है.
पुलिस के मुताबिक, एएसआई हरजीत सिंह (50 वर्ष) 18 सितंबर को भगतांवाला अनाज मंडी के गेट नंबर 2 के पास पीसीआर ड्यूटी पर तैनात थे. उसी दौरान बाइक पर वहां पहुंचे 2 अज्ञात हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं. गोलियां लगने की वजह से वे लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े.
हमलावरों के जाने के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारी की हत्या से पुलिस महकमे में ऊपर तक हड़कंप मच गया. हमलावरों का पता लगाने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए. साथ ही इलाके में सक्रिय फोन नंबरों का पता लगाने के लिए टेलीकॉम डेटा भी खंगाला गया.
जांच में शामिल पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी इनपुट्स, टॉवर-डंप एनालिसिस और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस को आरोपियों का सुराग मिल गया. उनमें से एक हमलावर की पहचान अमृतसर के मूलचक निवासी आरोपी दीपक सिंह के रूप में हुई. आरोपियों की पहचान होते ही उन्हें पकड़ने के लिए दबिशों का दौर शुरू कर दिया गया.
दावा है कि नाका पॉइंट पर चेकिंग के दौरान जब पुलिस ने आरोपी दीपक को घेरने की कोशिश की तो उसने पुलिस पर गोली चला दी. सेल्फ डिफेंस में पुलिस ने भी आरोपी पर गोलियां बरसाईं. कई गोलियां लगने की वजह से वह गंभीर रूप से घायल हो गया. उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां पर उसकी मौत हो गई.
पुलिस का कहना है कि आरोपी दीपक के पास से एक .30 बोर की पिस्तौल, दो मैगजीन, आठ जिंदा कारतूस, एक मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल किया एक्टिवा स्कूटर बरामद किया है. उसके फरार साथी की तलाश में भी टीमें जुटी हुई हैं.
उधर हत्याकांड में मारे गए एएसआई हरजीत सिंह की मौत पर सीएम भगवंत मान ने गहरा दुख जताया है. उन्होंने हरजीत के परिवार को 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है. इसके अलावा, एचडीएफसी बैंक की ओर से परिवार को 1 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बीमा क्लेम दिया जाएगा, जिससे कुल वित्तीय सहायता बढ़कर 2 करोड़ रुपये हो जाएगी.