'30 साल में कभी इतना दर्द नहीं देखा', पंजाब में विक्रमजीत सिंह की मां के पैर छूकर बोले अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज पंजाब दौरे पर हैं. उन्होंने परविंदर झोटा, विक्रमजीत सिंह और गुलजार सिंह की मौत के बाद उनके परिजनों से मुलाकात की है.
केंद्रीय गृह मंत्री आज पंजाब के दौरे पर हैं. शाह का 20 दिन में यह दूसरा दौरा है. आज जब वो पंजाब पहुंचे तो उनका एक अलग ही रूप देखने को मिला. वो नशे के खिलाफ जंग लड़ते-लड़ते अपनी जान गंवाने वाले परिवारों के दर्द को बांटने उनके घर पहुंच गए. सबसे पहले अमित शाह गुरदासपुर पहुंचे, जहां उन्होंने मृतक विक्रमजीत सिंह की बुजुर्ग मां के पैर छुए और उनको ढांडस बंधाया. इसके बाद वे संगरूर की बेहद संकरी गलियों से होकर गुलजार सिंह के घर गए. यहां उन्होंने परिवार के आंसू पोंछे और पूरी बात सुनी. फिर मानसा में वे परविंदर सिंह झोटा के पिता से भी मिले और उन्हें सीने से लगाकर कहा कि इंसाफ जरूर मिलेगा.
शाह की तीनों पीड़ित परिवारों से मिलने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं. इस दौरे ने साफ कर दिया है कि राज्य में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों के साथ सरकार पूरी मजबूती से खड़ी है. आइए जानते हैं इस दौरान गृह मंत्री ने पीड़ित परिवारों से क्या बात की.
विक्रमजीत की मां के पैर छुए, गले लगाया
अमित शाह अपने दौरे पर सबसे पहले गुरदासपुर के माड़ी पन्नवां गांव पहुंचे थे. यहां उन्होंने नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले विक्रमजीत सिंह के परिवार से मुलाकात की. शाह करीब 15 मिनट तक परिवार के साथ बैठे, उनका दर्द सुना और वादा किया कि इंसाफ जरूर मिलेगा. इस दौरान एक भावुक पल भी दिखा, जब अमित शाह ने विक्रमजीत की मां सुरजीत कौर के पैर छुए और उन्हें ढांढस बंधाया.
इस मुलाकात के बाद परिवार ने स्थानीय मीडिया को बताया कि गृह मंत्री ने मामले की जांच CBI से करवाने, आर्थिक मदद देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया है. परिजनों ने उन्हें एक मांगपत्र दिया है, जिसमें आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की.
बीते 15 अक्टूबर को विक्रमजीत सिंह की हत्या कर दी गई थी. वो पंजाब में नशे के खिलाफ एक बड़ी मुहिम चला रहे थे. उन पर माड़ी पन्नवां गांव में धारदार हथियारों से हमला हुआ था. परिवार का आरोप है कि नशे की बिक्री का विरोध करने की वजह से ही विक्रमजीत को निशाना बनाया गया. इस हत्याकांड के बाद से ही पंजाब में सियासी पारा चढ़ा हुआ है.
गुलजार के परिवार से 20 मिनट तक बात
अमित शाह दोपहर दिड़बा के पास तूरबंजारा गांव पहुंचे और मृतक गुलजार सिंह के परिवार से मिले. उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाते हुए भरोसा दिया कि अगले दो से तीन महीने में उन्हें हर हाल में इंसाफ मिलेगा. उन्होंने यह भी कहा कि इंसाफ दिलाने के बाद वे खुद गुलजार सिंह के अंतिम अरदास (भोग) में शामिल होने आएंगे. अमित शाह ने करीब 20 मिनट तक परिवार के साथ बैठकर बातचीत की. उन्होंने एक-एक बात तसल्ली से पूछी और परिजनों की मांगों को सुना.
मुलाकात के बाद परिवार ने बताया कि गृह मंत्री ने उन्हें पूरा भरोसा दिया है. परिवार का कहना है कि उन्हें पंजाब सरकार पर जरा भी भरोसा नहीं है, इसलिए वे चाहते हैं कि पूरे मामले की जांच CBI से करवाई जाए, ताकि निष्पक्ष न्याय मिल सके.
बता दें कि 8 सितंबर को गुलजार सिंह ने जहर खाकर जान दे दी थी. बताया जाता है कि उन्होंने पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा के एक कार्यक्रम में नशे को लेकर तीखा सवाल पूछा था. आरोप है कि इसके बाद उन्हें लगातार प्रताड़ित किया गया, जिससे तंग आकर उन्होंने यह खौफनाक कदम उठा लिया. इंसाफ की आस में परिवार ने अब तक न तो गुलजार सिंह की अस्थियां विसर्जित की हैं और न ही उनकी आत्मिक शांति के लिए भोग डाला है.
मानसा में झोटा के पिता से मुलाकात
अमित शाह सबसे आखिर में मानसा पहुंचे और परविंदर सिंह झोटा के परिजनों से भी मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने परिवार को साफ भरोसा दिया कि पूरे मामले की जांच CBI से करवाई जाएगी. उन्होंने कहा, बुधवार दोपहर 12 बजे तक CBI की टीम झोटा के घर पहुंचकर जांच शुरू कर देगी और 120 दिनों के भीतर इस केस को पूरी तरह हल कर दिया जाएगा. अमित शाह करीब 20 मिनट तक परिवार के बीच रहे और उनका दुख बांटा.
यह 13 अक्टूबर का मामला है, जब मानसा में परविंदर सिंह झोटा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई. झोटा इलाके में नशे के खिलाफ लगातार आवाज उठा रहे थे और मेडिकल स्टोरों पर बिकने वाली नशीली दवाओं का कड़ा विरोध कर रहे थे. खबरों के मुताबिक, एक मेडिकल स्टोर पर नशीली दवाओं की बिक्री को लेकर हुए विवाद के दौरान ही उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी गई थीं. हालांकि, पुलिस ने मुख्य आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक अश्विनी कुमार को राजस्थान के सालासर से दबोच लिया था, लेकिन परिवार और समर्थकों ने साफ कह दिया था कि जब तक CBI जांच की मांग पूरी नहीं होती, तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे.
आप सरकार पर बोला हमला
पीड़ित परिवारों से मिलने के बाद अमित शाह ने लुधियाना में एक जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने भगवंत मान सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा, पंजाब में नशे के कारोबार ने एक ओर युवाओं को अपना शिकार बनाकर प्रदेश के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है, वहीं दूसरी तरफ माताओं, बहनों और बेटियों को कभी न भरने वाला घाव दे दिया है. अमित शाह ने कहा 'अपने 30 साल के पॉलिटिकल करियर में, मुझे इतना दुख कभी नहीं हुआ जितना उन लोगों के परिवार वालों से मिलने के बाद हुआ, जो ड्रग्स के खिलाफ लड़ते हुए मारे गए.'
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा 'मैं मुख्यमंत्री से एक अपील भी करना चाहूंगा, क्योंकि आप बाकी दो केस नहीं संभाल पा रहे हैं, तो उन्हें CBI को सौंप दें. पीड़ितों के परिवार भी यही मांग कर रहे हैं, ड्रग्स का धंधा हर गांव तक पहुंच गया है और आप इसे रोकने में नाकाम रहे हैं.'
अमित शाह ने पूछा, पंजाब में गिरफ्तारी जीरो क्यों?
अमित शाह ने प्रदेश के मुखिया भगवंत मान से कई सवाल पूछे. उन्होंने कहा 'आपके दावों के बारे में, आज मेरे पास आपसे कुछ सवाल हैं. पिछले साल, देश भर में PITNDPS एक्ट के तहत 929 केस दर्ज किए गए हैं, यह एक ऐसा कानून है, जो यह पक्का करने के लिए बनाया गया है कि ड्रग्स के धंधे में शामिल लोगों को जमानत न मिले, जिसका आखिरी मकसद इस खतरे को खत्म करना है. मैं आपकी सरकार से पूछता हूं, PITNDPS एक्ट के तहत देश भर में गिरफ्तार किए गए इन 929 लोगों में से पंजाब में कितने गिरफ्तार हुए?'
अमित शाह ने आगे कहा, 'एक ऐसा राज्य जो ड्रग्स के खतरे और धंधे से सबसे ज्यादा परेशान है, लेकिन आप जवाब नहीं देंगे, इसलिए मैं दूंगा, संख्या जीरो है. पंजाब में PITNDPS एक्ट के तहत एक भी व्यक्ति गिरफ्तार नहीं हुआ है, क्यों नहीं? आपको पंजाब के लोगों को जवाब देना चाहिए.'