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एक गलत गाड़ी, अनजान शहर और 16 दिन की तलाश! ChatGPT-Google की मदद से घर लौटीं 70 साल की रजाक बी

कर्नाटक की 70 वर्षीय रजाक बी गलती से दूसरी गाड़ी में बैठकर महाराष्ट्र पहुंच गईं. Google Search, ChatGPT और स्थानीय लोगों की मदद से 16 दिन बाद वह परिवार से मिलीं.

Written By Tahir Kamran
Published: Oct 26, 2026, 05:46 PM IST | Updated: Oct 26, 2026, 05:49 PM IST
Image Credit: Ai की मदद से बनाई गई तस्वीर
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कर्नाटक की रहने वाली 70 साल की एक महिला गलती से दूसरी गाड़ी में बैठ गईं और महाराष्ट्र पहुंच गईं. महिला का नाम रजाक बी बताया जा रहा है. वह अपने घर का रास्ता नहीं ढूंढ पा रही थीं. जिसके बाद गूगल सर्च, चैट-जीपीटी और स्थानीय लोगों की मदद से 16 दिन बाद उन्हें उनके घरवालों से मिलवा दिया. अफसरों ने बताया कि कर्नाटक में अपने पैतृक स्थान से गलती से गलत गाड़ी में सवार होने के बाद महिला लापता हो गई थी.

कर्नाटक के हावेरी जिले के राणेबेन्नूर के रहने वाले रजाक बी गलती से गलत वाहन में सवार हो गए और 6 अक्टूबर को महाराष्ट्र के पालघर जिले के नालासोपारा पहुंच गए. घर वापस जाने का रास्ता न मिलने पर, उसे अचोले पुलिस स्टेशन के कर्मियों की देखरेख में ले लिया गया, जिन्होंने उसके लिए विरार फाटा में मौजूद समर्थ आश्रम में रहने की व्यवस्था की.

इसके बाद जीवन आनंद संस्था (JAS) ने उनके परिवार का पता लगाने की कोशिश शुरू कर दी. उनकी टीम ने स्थानीय जानकारी का विश्लेषण करने और संभावित सुरागों की पहचान करने के लिए गूगल सर्च और चैटजीपीटी का इस्तेमाल किया. टीम ने उसके रिश्तेदारों से संपर्क करने के लिए स्थानीय सामुदायिक नेटवर्क से भी संपर्क किया.

16 दिन बाद वापस लौटी रजाक बी

ट्रस्टी किसान चौरे के मुताबिक,'JAS की टीम ने स्थानीय जानकारी का विश्लेषण करने के लिए गूगल सर्च और चैटजीपीटी का इस्तेमाल करते हुए राणेबेन्नूर पुलिस से संपर्क किया. हमने स्थानीय सामुदायिक नेटवर्क का भी इस्तेमाल किया. इसी के चलते हम उनकी बेटियों, दामादों और भतीजों तक पहुंचे, जो उन्हें 22 अक्टूबर को घर ले गए.'

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भारत सरकार का मिसिंग पर्सन सर्च पोर्टल

भारत में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के डिजिटल पुलिस पोर्टल पर 'Missing Person Search' की सुविधा उपलब्ध है. इसके जरिए लोग देशभर में मिले ऐसे अज्ञात लोगों के रिकॉर्ड खोज सकते हैं, जिनकी पहचान नहीं हो पाई है. इस डेटाबेस में पुलिस के CCTNS सिस्टम में उपलब्ध तस्वीरें और अन्य जानकारियां भी शामिल हो सकती हैं. हालांकि, रजाक बी के मामले में इस पोर्टल के इस्तेमाल की जानकारी सामने नहीं आई है.

META ने दो लोगों को खुदकुशी से बचाया

तकनीक कई बार बड़ी मुश्किलों को हल निकाल देती है. इसकी कई मिसालें दी जा सकती है. हाल ही में उत्तर प्रदेश में META ने भी दो लोगों को खुदकुशी जैसे कदम से बचाया है. यूपी के गोंडा और मुरादाबाद में दो युवकों ने सोशल मीडिया पर आत्महत्या करने से जुड़े वीडियो पोस्ट किए. मेटा ने इसकी जानकारी पुलिस को दी. पुलिस ने मोबाइल नंबर से उनकी लोकेशन पता की और दोनों को समय रहते बचा लिया. मुरादाबाद में पुलिस सिर्फ 8 मिनट में युवक के घर पहुंच गई.
 

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About the Author

Zee News में नेशनल डेस्क पर देश–विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरें लिखते हैं. करियर का आगाज 2015 से 'पंजाब केसरी' ग्रुप के उर्दू अखबार ‘हिंद समाचार’ से किया, जहां वे कंटेट राइटर से पेज डिजाइनर तक पहुंचे. इसके बाद उर्दू, हिंदी और पंजाबी - तीनों भाषाओं में काम करने का मौका मिला. 2018 में डिजिटल की तरफ कूच करते हुए पंजाब केसरी ग्रुप की उर्दू वेबसाइट की लॉन्चिंग टीम का नेतृत्व किया. इसके बाद 2020 में 'Zee Salaam' ज्वाइन किया, यहां भी वेबसाइट को लॉन्च करने के साथ-साथ तीन साल टीम का नेतृत्व भी किया. इसी दौरान ZEE Delhi NCR वेबसाइट भी लॉन्च हुई, जिसमें उनका अहम योगदान रहा. 2023 में India Daily Live की लॉन्चिंग टीम के साथ काम किया और शुरुआती दिनों में हिंदी के अलावा पंजाबी, तमिल, तेलुगु और गुजराती वेबसाइट टीमों को मैनेज किया. अक्टूबर 2024 में फिर से Zee Media में में वापसी करते हुए नेशनल टीम का हिस्सा बने. तकनीक में दिलचस्पी की वजह से उन्होंने React.js और वेब डिजाइनिंग सीखी. यही कारण है कि उनकी खबरों में HTML-CSS के छोटे-छोटे ग्राफिक्स दिख जाते हैं, जो मुश्किल बातों को भी आसान बना देते हैं. करियर की शुरुआत में कुछ दिनों तक फोटो स्टूडियो में भी काम किया, जहां कैमरा, Adobe Photoshop और ग्राफिक डिजाइनिंग सीखी, जो आज भी उनके डिजिटल काम में मदद करता है. उर्दू शायरी से प्यार अलग ही है. ग़ज़लें, नज़्में, गीत भी लिखते हैं और कई अखबारों में उनकी शायरी छप भी चुकी हैं. राहत इंदौरी, मुनव्वर राणा, अनवर जलालपुरी खुशबीर सिंह शाद और नवाज देवबंदी, माजिद देवबंदी  जैसे शायरों के इंटरव्यू व बातचीत का अनुभव भी उनके पास है. आप tahir.kamran@india.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facbook से जुड़ सकते हैं. 
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