कांग्रेस में क्यों भंग हुई जिला और ब्लॉक कमेटियां? यहां गुटबाजी के बीच हुआ फैसला
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जिला और ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों को भंग कर दिया है. जिला अध्यक्ष निगम और ब्लॉक अध्यक्ष अपने पदों पर बने रहेंगे.
Himachal News: हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान के बीच पार्टी ने जिला और ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों को भंग कर दिया है. हालांकि जिला कांग्रेस अध्यक्ष निगम भंडारी और सभी ब्लॉक अध्यक्ष अपने पदों पर बने रहेंगे. हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के इस फैसले को राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और निगम भंडारी के बीच लंबे समय से चले आ रहे मतभेदों से जोड़कर देखा जा रहा है. पार्टी अब नई कमेटियों के गठन के जरिए दोनों पक्षों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है.
विवाद की वजह क्या है
जगत सिंह नेगी पहले भी निगम भंडारी की जिला कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर नियुक्ति का खुलकर विरोध कर चुके हैं. नेगी कई बार भंडारी पर भाजपा के लिए काम करने वाला ‘स्लीपर सेल’ होने का आरोप लगा चुके हैं और उनका कहना रहा है कि भंडारी की नियुक्ति से पार्टी के पुराने और सक्रिय कार्यकर्ताओं का मनोबल प्रभावित हुआ है. दूसरी ओर, भंडारी लगातार पार्टी संगठन में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं. ऐसे में दोनों नेताओं के बीच मतभेद किन्नौर कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति में लगातार चर्चा का विषय बने हुए हैं.
HPCC ने क्या कहा
HPCC अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा कि जिला और ब्लॉक कमेटियों को लेकर कुछ मुद्दे सामने आए थे, जिन्हें जल्द सुलझा लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि कमेटियों का जल्द पुनर्गठन किया जाएगा. जब उनसे पूछा गया कि क्या दोनों नेताओं के बीच मतभेदों के कारण कमेटियों को भंग किया गया है, तो उन्होंने कहा कि नई कमेटियां दोनों नेताओं की संतुष्टि के अनुसार गठित की जाएंगी. इससे संकेत मिलता है कि पार्टी नेतृत्व फिलहाल विवाद को खत्म करने और दोनों पक्षों को साथ लेकर चलने की कोशिश कर रहा है.
दोनों गुटों के अलग आरोप
किन्नौर में संगठन गठन को लेकर भी दोनों पक्षों में असहमति रही है. बताया गया कि यहां ब्लॉक कमेटियों का गठन जिला कमेटी से पहले कर दिया गया था, जबकि आम तौर पर जिला कमेटी के बाद ब्लॉक कमेटियां गठित होती हैं. सूत्रों के मुताबिक निगम भंडारी इस प्रक्रिया से नाराज थे, क्योंकि ब्लॉक कमेटियों के गठन में उनकी भूमिका नहीं थी. वहीं नेगी गुट ने जिला कमेटी के सदस्यों के चयन पर आपत्ति जताई. इस गुट का आरोप है कि भंडारी ने ऐसे कई लोगों को जिला कमेटी में जगह दी, जिन्होंने पार्टी के लिए काम नहीं किया था. दूसरी तरफ भंडारी गुट का आरोप है कि ब्लॉक कमेटियां मंत्री जगत सिंह नेगी के कहने पर बनाई गई थीं.
चुनाव से पहले चुनौती
कमेटियों को भंग किए जाने के फैसले का निगम भंडारी ने स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं को जगह मिलती है तो यह पार्टी के लिए बेहतर होगा. भंडारी ने कहा कि वह पार्टी हाईकमान और HPCC के निर्देशों का पालन करते हुए संगठन की मजबूती के लिए काम करेंगे. हालांकि किन्नौर में दोनों नेताओं के बीच जारी मतभेद कांग्रेस के लिए चुनौती बने हुए हैं. विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती अंदरूनी विवाद को खत्म कर कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने की होगी.