SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

CM नायब सैनी सभी 48 विधायकों संग PM मोदी से मिलेंगे, निगाहें पंजाब पर या कुछ और?

इस मीटिंग का वैसे तो आधिकारिक एजेंडा सामने नहीं आया है. प्रदेश की बीजेपी मुखिया अर्चना गुप्ता ने पंजाब कनेक्शन से इनकार किया है. मगर इस मीटिंग के मायने समझने जरूरी हैं. इस मीटिंग की टाइमिंग, हरियाणा में संगठनात्मक बदलाव और पंजाब में बीजेपी की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता, इन तीनों को समझने की जरूरत है.

Written By Gaurav Pandey
Published: Oct 02, 2026, 04:41 PM IST | Updated: Oct 02, 2026, 04:49 PM IST
Join

हरियाणा बीजेपी के लिए 3 अक्टूबर का दिन हलचल वाला है. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अगुवाई में राज्य के सभी 48 बीजेपी विधायक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नई दिल्ली में मुलाकात करेंगे. हरियाणा की 90 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी के पास 48 विधायक हैं. प्रधानमंत्री आवास पर होने वाली इस बैठक में प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष अर्चना गुप्ता भी मौजूद रहेंगी. क्या इस बैठक में प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी भी रहेंगी.. इस पर निगाहें होंगी. 

बैठक का कोई औपचारिक एजेंडा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है. लेकिन पार्टी सूत्रों के मुताबिक हरियाणा की राजनीतिक स्थिति, सरकार के कामकाज, संगठन और आने वाली चुनावी चुनौतियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है. इसमें सबसे बड़ी चर्चा पंजाब चुनाव की भी हो रही है.

असल में इस मुलाकात की एक खास बात यह है कि 2014 में केंद्र और हरियाणा में बीजेपी की सरकार बनने के बाद पहली बार राज्य के सभी बीजेपी विधायक एक साथ प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करेंगे. बताया जाता है कि पीएम मोदी ने इस बातचीत के लिए करीब दो घंटे का समय रखा है. यानी यह सिर्फ औपचारिक मुलाकात तक सीमित रहने के बजाय विधायकों के साथ सीधे संवाद का अवसर भी हो सकती है.

बैठक में किन-किन मुद्दों पर अंतिम रूप से चर्चा होगी?

 इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है. मगर बैठक का कार्यक्रम भी अपने आप में महत्वपूर्ण है. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक विधायक पहले दिल्ली में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ दोपहर का भोजन करेंगे. इसके बाद सैनी और प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता की अगुवाई में सभी विधायक प्रधानमंत्री आवास जाएंगे. वहां प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक होगी.

बातचीत से पहले मुख्यमंत्री और प्रदेश संगठन के स्तर पर भी विधायकों के साथ संवाद की व्यवस्था रखी गई है. इससे सरकार और संगठन से जुड़े मुद्दों को एक साथ रखने की संभावना दिखती है. इस बैठक का एक बड़ा संभावित एजेंडा हरियाणा सरकार के कामकाज का फीडबैक हो सकता है. 

पार्टी सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री विधायकों से राज्य की राजनीतिक स्थिति और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को लेकर जनता की प्रतिक्रिया जान सकते हैं. केंद्र की योजनाएं हरियाणा में किस तरह लागू हो रही हैं, राज्य सरकार की योजनाओं का जमीनी असर क्या है और विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में किन मुद्दों का सामना कर रहे हैं.

बैठक ऐसे समय हो रही है जब बीजेपी ने हरियाणा संगठन में हाल ही में बदलाव किया है. पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को हरियाणा बीजेपी का प्रभारी बनाया गया है और उन्होंने सतीश पूनिया की जगह ली है. लोकसभा सांसद और बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव डॉ. भोला सिंह को सह-प्रभारी बनाया गया है. ऐसे में प्रधानमंत्री की विधायकों के साथ बैठक को संगठन में हुए बदलाव के बाद प्रदेश की राजनीतिक और संगठनात्मक स्थिति को समझने के एक मौके के तौर पर भी देखा जा सकता है.

क्या जुलाई से ही फिक्स थी ये मीटिंग?

हालांकि हरियाणा बीजेपी अध्यक्ष अर्चना गुप्ता ने इस बैठक को किसी तत्काल राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर देखने से इनकार किया है. उनका कहना है कि उन्होंने 29 जुलाई को प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी और उसी दौरान प्रधानमंत्री ने हरियाणा के सभी बीजेपी विधायकों से जल्द मिलने की बात कही थी. उनके मुताबिक 3 अक्टूबर की बैठक को उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए.

पार्टी सूत्रों के मुताबिक बैठक पहले सितंबर में प्रस्तावित थी, लेकिन प्रधानमंत्री के व्यस्त कार्यक्रम के कारण इसे आगे बढ़ाया गया और अब 3 अक्टूबर की तारीख तय हुई है. फिर भी इस बैठक की टाइमिंग को पूरी तरह नजरअंदाज करना आसान नहीं है. देश की राजनीति में इस समय मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को लेकर बीजेपी और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस चल रही है. विपक्ष इस प्रक्रिया और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठा रहा है, जबकि बीजेपी विपक्ष के आरोपों का विरोध कर रही है.

चुनाव आयोग की वेबसाइट पर भी SIR-2026 से जुड़ी मतदाता सेवाएं और मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रियाएं उपलब्ध हैं. ऐसे में सूत्रों के मुताबिक बैठक में SIR को लेकर विपक्ष के नैरेटिव और उसका राजनीतिक जवाब देने जैसे मुद्दे भी चर्चा में आ सकते हैं. SIR का मुद्दा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि विपक्षी दलों ने इसे लेकर देशभर में राजनीतिक अभियान तेज किया है.

ऐसे माहौल में बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व के लिए राज्य के निर्वाचित प्रतिनिधियों से सीधे फीडबैक लेना यह समझने का एक तरीका हो सकता है कि जमीनी स्तर पर इस मुद्दे को लेकर क्या प्रतिक्रिया है और पार्टी कार्यकर्ता व विधायक विपक्ष के अभियान को किस तरह देख रहे हैं.

अब सवाल उस दूसरे राज्य का है, जिस पर इस बैठक के संदर्भ में सबसे ज्यादा नजरें हैं. 

वो है पंजाब. पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए बीजेपी ने अपनी राजनीतिक गतिविधियां बढ़ाई हैं. हरियाणा और पंजाब पड़ोसी राज्य हैं और दोनों के बीच राजनीतिक, सामाजिक और क्षेत्रीय मुद्दों का भी संबंध रहा है. ऐसे में सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री और हरियाणा के नेताओं के बीच पंजाब की राजनीतिक स्थिति और आगामी चुनाव की तैयारियों पर भी बातचीत हो सकती है.

हालांकि बीजेपी हरियाणा अध्यक्ष अर्चना गुप्ता ने इस बैठक का पंजाब चुनाव से सीधा संबंध होने से इनकार किया है. मगर पंजाब के संदर्भ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की भूमिका भी चर्चा में है. वह हाल के महीनों में पंजाब को लेकर बीजेपी के राजनीतिक अभियान में सक्रिय रहे हैं और राज्य के मुद्दों पर आम आदमी पार्टी सरकार को घेरते रहे हैं. इतना ही नहीं नायब सिंह सैनी बीजेपी के केंद्रीय संगठन के लिए भी एक्टिव रहे हैं. असम विधानसभा चुनाव के रिजल्ट के बाद उन्हें पर्यवेक्षक के तौर पर गुवाहाटी भेजा गया था जबकि अमूमन बीजेपी या तो केंद्रीय मंत्रियों को भेजती है या फिर संगठन के किसी पदाधिकारी को भेजती है.

इसके अलावा बीजेपी की ओर से पंजाब में ड्रग्स की समस्या और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जा रहा है. हाल में सैनी ने पंजाब सरकार के रोजगार संबंधी वादों को लेकर भी सवाल उठाए हैं. इसलिए अगर 3 अक्टूबर की बैठक में पंजाब की चर्चा होती है तो वह केवल चुनावी रणनीति तक सीमित होगी या हरियाणा के नेताओं की वहां भूमिका पर भी बात होगी, यह भी देखने वाली बात होगी.

 एक और राजनीतिक पहलू है. 

हरियाणा सरकार और संगठन के बीच तालमेल. नई प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता के आने और स्मृति ईरानी को प्रदेश प्रभारी बनाए जाने के बाद बीजेपी का संगठनात्मक ढांचा नए नेतृत्व के साथ आगे बढ़ रहा है. ऐसे में प्रधानमंत्री के साथ सभी विधायकों की सामूहिक बैठक में सरकार की योजनाओं, विधायकों के क्षेत्रीय फीडबैक, संगठन की स्थिति और आने वाली राजनीतिक चुनौतियों को एक ही मंच पर रखने का अवसर मिल सकता है. इसे किसी एक मुद्दे की बैठक मानने के बजाय सरकार, संगठन और केंद्रीय नेतृत्व के बीच संवाद के व्यापक अवसर के तौर पर देखना अधिक सटीक होगा.

कुल मिलकर हरियाणा के राजनीतिक एक्सपर्ट्स के लिए 3 अक्टूबर की बैठक को लेकर दो स्तर पर नजर रखनी होगी. पहला, हरियाणा के 48 बीजेपी विधायकों से प्रधानमंत्री मोदी सीधे क्या फीडबैक लेते हैं. दूसरा, क्या बातचीत का दायरा हरियाणा से आगे बढ़कर पंजाब और SIR जैसे राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे राजनीतिक मुद्दों तक पहुंचता है. देखना दिलचस्प होगा

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

Gaurav is a multimedia journalist writing across a wide range of subjects, including politics, sports, cinema, explainers, opinion and Delhi Haryana civic issues. With analysis, he regularly covers social issues and public policy through in-depth. With around nine years of experience, he has worked with India Today, Hindustan Times, and Network18, producing stories with a strong focus on facts and ground reality. He studied journalism at IIMC Delhi.
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES