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झज्जर गांव के स्टेडियम को अपने दम पर संवारने की मुहिम चलाने वाले खेड़ी-खुम्मार के ग्रामीणों ने अब गांव की दूसरी बुनियादी समस्याओं को लेकर शासन-प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की फिरनी पर जाने वाली सड़क लंबे समय से खस्ताहाल है. वहीं रेलवे पुल पर लगाई गई हाईमास्ट लाइटें स्थापित होने के बाद से ही नहीं जल पाई हैं. इन समस्याओं को लेकर समाधान शिविर में शिकायत भी दी गई हैं, लेकिन इसके बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ.
ग्रामीणों का कहना है कि फिरनी की ओर जाने वाली सड़क की हालत इतनी खराब है कि आए दिन ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. खासकर महिलाओं को इस रास्ते से गुजरते समय काफी दिक्कत होती है. सड़क पर गिरकर कई महिलाएं और दसरे ग्रामीण चोटिल भी हो चुके हैं. इसके बावजूद सड़क की मरम्मत या निर्माण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. वहीं रेलवे पुल पर लगी हाईमास्ट लाइटों के नहीं जलने को लेकर भी ग्रामीणों में रोष है. ग्रामीणों ने चिंता जताई कि सर्दियों का मौसम शुरू होने के साथ ही कोहरा बढ़ेगा और दृश्यता कम होगी.
ऐसे में पुल पर रोशनी की व्यवस्था नहीं होने से वाहन चालकों और राहगीरों के लिए हादसे का खतरा बढ़ सकता है. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पुल पर लगी लाइटों को जल्द चालू करवाया जाए और फिरनी की सड़क का निर्माण करवाकर लोगों को राहत दी जाए. ग्रामीणों ने गांव के सरपंच की कार्यशैली पर भी नाराजगी जाहिर की है. उनका कहना है कि गांव की समस्याओं के समाधान को लेकर अपेक्षित गंभीरता दिखाई नहीं दे रही है. ग्रामीणों ने सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव के समय वोट मांगने के लिए दरियादिली दिखाने वाले जनप्रतिनिधि चुनाव जीतने के बाद आखिर जनता से दूरी क्यों बना लेते हैं?
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की मूलभूत समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय जिम्मेदार लोग लुक्का-छिप्पी का खेल खेल रहे हैं. गौरतलब है कि खेड़ी-खुम्मार गांव के दर्जनों युवाओं ने सरकारी मदद और प्रशासनिक सहयोग का इंतजार करने के बजाय खुद ही गांव के स्टेडियम को संवारने की जिम्मेदारी उठा रखी है. युवा हर रोज श्रमदान कर स्टेडियम को बेहतर बनाने में जुटे हैं. अब इन्हीं ग्रामीणों का कहना है कि जब युवा अपने स्तर पर गांव की संपत्ति को संवारने के लिए आगे आ सकते हैं. तो शासन-प्रशासन को भी गांव की बुनियादी सुविधाओं की सुध लेनी चाहिए. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि समाधान शिविर में दी गई शिकायत पर कार्रवाई करते हुए रेलवे पुल की हाईमास्ट लाइटें जल्द चालू करवाई जाएं और फिरनी की खस्ताहाल सड़क का निर्माण करवाया जाए, ताकि ग्रामीणों को रोजमर्रा की परेशानी से निजात मिल सके.
(झज्जर से सुमित थारण की रिपोर्ट)