किशाऊ बांध परियोजना पर इन 6 राज्यों में समझौता, जानें हरियाणा को मिलेगा कितना पानी
किशाऊ मल्टीपर्पस डैम प्रोजेक्ट को लेकर छह राज्यों के बीच MoU हुआ है, जिसके तहत हरियाणा को 836 क्यूसेक पानी मिलेगा और इससे राज्य को जल आपूर्ति समेत कई अहम फायदे मिलने की उम्मीद है.
Haryana News: उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के बॉर्डर पर बहने वाली टोंस नदी पर प्रस्तावित किशाऊ मल्टीपर्पस डैम प्रोजेक्ट को लेकर मंगलवार को छह राज्यों के बीच एक अहम समझौता हुआ. दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में राज्यों ने प्रोजेक्ट से पानी के बंटवारे को लेकर एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर साइन किए. हरियाणा को कितना पानी मिलेगा और उसे क्या फायदे होंगे?
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल के साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा शर्मा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा भी थे.
लगभग ₹15,000 करोड़ के किशाऊ मल्टीपर्पस डैम प्रोजेक्ट के पूरा होने पर, हरियाणा को पानी का सबसे बड़ा हिस्सा, 836 क्यूसेक मिलने की उम्मीद है. इस पानी से राज्य की पानी की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है. इस एग्रीमेंट के तहत, उत्तर प्रदेश को 543.2 क्यूसेक पानी, राजस्थान को 163.52 क्यूसेक और दिल्ली को 105.28 क्यूसेक पानी मिलेगा. इस प्रोजेक्ट के लिए छह राज्यों के बीच पानी के बंटवारे पर हुए एग्रीमेंट को एक अहम कदम माना जा रहा है.
किशाऊ प्रोजेक्ट पर एग्रीमेंट के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी हरियाणा के पानी के हिस्से और राज्य के लिए इसके महत्व के बारे में जानकारी शेयर करेंगे. उनका हरियाणा भवन में मीडिया को संबोधित करने का कार्यक्रम है.
हरियाणा को 836 क्यूसेक पानी का हिस्सा मिलने के साथ, इस एग्रीमेंट को राज्य में भविष्य में पानी की उपलब्धता के लिए बहुत जरूरी माना जा रहा है.