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Haryana Swine Flu: हरियाणा में स्वाइन फ्लू के केस लगातार बढ़ रहे हैं और अब तक दो मौत भी हो चुकी है. तीन सितंबर तक के आंकड़ों के अनुसार हरियाणा में स्वाइन फ्लू के 276 केस हैं. 96 सक्रिय हैं, 177 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं और 12 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं. वहीं हिसार में 66 वर्षीय महिला की मौत दर्ज हुई है, जो इस बीमारी से राज्य में पहली मौत है.
ऐसे में सिरसा के नागरिक अस्पताल के सीएमओ डॉ. पवन कुमार ने स्वाइन फ्लू के मामलों को लेकर बताया कि जिले में अब तक स्वाइन फ्लू के चार मरीज मिले हैं. इनमें से एक मरीज की मौत हो चुकी है, जबकि बाकी मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, स्वाइन फ्लू से संक्रमित पाए गए सभी चार मरीजों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है. अस्पतालों में मरीजों का इलाज किया जा रहा है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है. वहीं, स्वाइन फ्लू के मरीजों के परिवार के सदस्यों और उनके संपर्क में आए लोगों की भी जांच की जा रही है, ताकि संक्रमण के संभावित मामलों का समय रहते पता लगाया जा सके. स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने के बाद सिरसा के नागरिक अस्पताल में भी विशेष तैयारियां की गई हैं. मरीजों के इलाज और संक्रमण से बचाव के लिए नागरिक अस्पताल में अलग से स्वाइन फ्लू वार्ड बनाया गया है. इस वार्ड में मरीजों को भर्ती करने और उनके इलाज के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं.
स्वास्थ्य विभाग ने स्वाइन फ्लू के मरीजों के इलाज के लिए नागरिक अस्पताल में जरूरी दवाइयों का भी प्रबंध किया है. इसके साथ ही सिरसा के सरकारी अस्पतालों में तैनात कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले मरीजों को अस्पताल पहुंचने पर तुरंत चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध करवाई जाए और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तत्काल एडमिट किया जाए. स्वास्थ्य विभाग ने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों के जल्द से जल्द टेस्ट करवाने के निर्देश भी दिए हैं. विभाग का उद्देश्य है कि किसी भी संभावित मरीज की पहचान समय रहते हो सके और उसे आवश्यक उपचार उपलब्ध करवाया जा सके.
स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों से भी सावधानी बरतने की अपील की है. विभाग की ओर से लोगों को भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से परहेज करने की सलाह दी गई है. खासकर बाजारों और अधिक भीड़ वाले स्थानों पर जाते समय सावधानी बरतने की अपील की गई है. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को मास्क पहनकर बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर निकलने की एडवाइजरी भी जारी की है. लोगों से कहा गया है कि वे अपनी सेहत के प्रति किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें और संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाएं.
स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई देने पर लोगों को तुरंत अपने नजदीकी अस्पताल में जांच करवाने के निर्देश दिए गए हैं. स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि किसी भी व्यक्ति में स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण दिखाई दें तो वह खुद से इलाज करने के बजाय चिकित्सीय सलाह ले और समय पर जांच करवाए. स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को यह भी सलाह दी गई है कि वे खांसी, जुकाम, बुखार या सांस संबंधी परेशानी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें. समय पर जांच और इलाज से बीमारी की गंभीरता को कम करने में मदद मिल सकती है.
फिलहाल जिले में स्वाइन फ्लू के चार मरीज अलग-अलग अस्पतालों में उपचाराधीन हैं और स्वास्थ्य विभाग इन मामलों को लेकर लगातार निगरानी कर रहा है. मरीजों के परिवार के लोगों की जांच के साथ-साथ संक्रमण की संभावित स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है. सिरसा के नागरिक अस्पताल में स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए विशेष वार्ड, दवाइयों और जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं का प्रबंध किया गया है. सरकारी अस्पतालों के कर्मचारियों को भी संदिग्ध मरीजों की पहचान, जल्द टेस्ट और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल भर्ती के निर्देश दिए गए हैं.
स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी बरतना बेहद जरूरी है. भीड़भाड़ वाले स्थानों से दूरी बनाए रखें, जरूरत के अनुसार मास्क का इस्तेमाल करें और स्वाइन फ्लू के लक्षण नजर आने पर बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल में जांच करवाएं. फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की नजर जिले में सामने आए स्वाइन फ्लू के मामलों पर बनी हुई है और विभाग की ओर से लोगों को बीमारी से बचाव के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है.
(सिरसा से विजय कुमार की रिपोर्ट)