हरियाणा में गेस्ट टीचर्स को पक्का करने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है. अतिथि अध्यापक संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने राज्य सरकार से 10,757 अतिथि अध्यापकों को नियमित करने की प्रक्रिया जल्द शुरू करने की अपील की है. मोर्चा का कहना है कि शिक्षा विभाग में करीब 21 वर्षों से सेवाएं दे रहे इन अध्यापकों के मामले में वर्ष 2014 में बनाई गई तीन वर्षीय नीति के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए. साथ ही संगठन ने सरकार से न्यायालय के आदेशों की भावना का सम्मान करते हुए जल्द फैसला लेने की मांग की है.
गेस्ट टीचर्स को पक्का करने की मांग
मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण धारशूल ने कहा कि गेस्ट टीचर्स पिछले 21 वर्षों से हरियाणा के सरकारी विद्यालयों में पूरी निष्ठा, मेहनत और जिम्मेदारी के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं. उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी विद्यार्थियों को शिक्षित करने और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. इसके बावजूद उनके नियमितीकरण का मामला लंबित है, जिससे शिक्षकों और उनके परिवारों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है.
कोर्ट के आदेश के आधार पर पक्का करने की मांग
प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण धारशूल ने कहा, गेस्ट टीचर्स पिछले 21 वर्षों से हरियाणा की शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनकर अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं. उन्होंने हर परिस्थिति में विद्यार्थियों के भविष्य को प्राथमिकता दी है. अब सरकार की जिम्मेदारी है कि उनकी वर्षों की सेवाओं और योगदान को उचित सम्मान देते हुए नियमितीकरण की प्रक्रिया जल्द शुरू करे. हमारी मांग है कि माननीय न्यायालय के 25 मई 2026 के आदेश के अनुरूप वर्ष 2014 में बनाई गई तीन वर्षीय नीति के तहत अतिथि अध्यापकों को नियमित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं. सरकार को इस मामले में अनावश्यक देरी किए बिना स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए, ताकि 10,757 शिक्षकों और उनके परिवारों को भविष्य की अनिश्चितता से राहत मिल सके.
उन्होंने आगे कहा कि गेस्ट टीचर्स अपने अधिकारों के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं. सरकार को संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश जारी करके नियमितीकरण की प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी करनी चाहिए, ताकि शिक्षकों को उनकी सेवा स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सके.
व्यक्तिगत सुनवाई के बाद भी अंतिम निर्णय का इंतजार
मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि अतिथि अध्यापकों से संबंधित मामलों में विभागीय स्तर पर व्यक्तिगत सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद नियमितीकरण को लेकर अंतिम निर्णय का इंतजार है. उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि संबंधित मामलों का शीघ्र निपटारा कर शिक्षकों को राहत प्रदान की जाए.
21 अक्टूबर न्याय यात्रा शुरू, 25 अक्टूबर को कुरुक्षेत्र में विरोध प्रदर्शन
प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप झरौली ने बताया कि गेस्ट टीचर्स के नियमितीकरण की मांग को लेकर 21 अक्टूबर को सिरसा से न्याय यात्रा शुरू की गई है, जो 25 अक्टूबर को कुरुक्षेत्र पहुंचेगी. कुरुक्षेत्र में आयोजित होने वाली न्याय रैली में प्रदेशभर के अतिथि अध्यापक शामिल होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद करेंगे.
उन्होंने बताया कि न्याय रैली के बाद गेस्ट टीचर न्याय रथ के साथ पैदल मार्च करते हुए चंडीगढ़ पहुंचेंगे और राज्यपाल के समक्ष अपनी मांग रखेंगे. इस यात्रा का उद्देश्य अतिथि अध्यापकों की समस्याओं और नियमितीकरण की मांग को सरकार तक पहुंचाना है.
मोर्चा के पदाधिकारी रहे उपस्थित
प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण धारशूल, महिला विंग की अध्यक्ष मैना यादव, महासचिव रघु वत्स और प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप झरौली विशेष रूप से उपस्थित रहे.
इसके अलावा संयोजक सुभाष रविश (कैथल), वरिष्ठ उपप्रधान पवन जाखड़ (झज्जर), कोषाध्यक्ष गुरुदत्त शास्त्री (कुरुक्षेत्र), सह-कोषाध्यक्ष हरदीप गिल (सिरसा), सचिव विकास रविश (कैथल) और सोशल मीडिया प्रभारी सतीश यादव (महेंद्रगढ़), सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे.
मंडल अध्यक्षों में प्रदीप गुर्जर (अंबाला), फतेहराम (फरीदाबाद), नरेश यादव (गुरुग्राम), रविंद्र ख्यालिया (हिसार), नरेंद्र सिंह संधू (करनाल) और शमशेर सिंह (रोहतक) का भी संगठनात्मक गतिविधियों में महत्वपूर्ण योगदान है.
अंत में मोर्चा ने हरियाणा सरकार से अपील की कि 10,757 अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सकारात्मक निर्णय लिया जाए. मोर्चा ने स्पष्ट किया कि मांगों का समाधान होने तक लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखा जाएगा.
(विजय राणा की रिपोर्ट)