HTET में अब प्राइवेट एजेंसी का रोल क्यों होगा खत्म? 21-22 नवंबर की परीक्षा में क्या बदलेगा?
HTET 2025 एग्जाम के दौरान प्रिंटिंग और सवालों से जुड़ी दिक्कतों के बाद, BSEH ने एग्जाम की पूरी ज़िम्मेदारी लेने का फ़ैसला किया है. बोर्ड अब सवाल तैयार करने और प्रिंटिंग से लेकर एग्जाम कंडक्ट करने, इवैल्यूएशन और रिज़ल्ट डिक्लेयर करने तक सभी प्रोसेस को कंट्रोल करेगा.
Haryana News: बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन हरियाणा (BSEH) ने हरियाणा टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (HTET) का पूरा कंट्रोल प्राइवेट एजेंसी से हटाकर अब अपने हाथ में लेने का फैसला किया है, जिससे परीक्षा कराने वाली प्राइवेट एजेंसी का दखल खत्म हो जाएगा. यह फैसला इस साल 4 और 5 जुलाई को हुए HTET-2025 के दौरान छपाई में गड़बड़ी और गलत जवाबों के ऑप्शन की आलोचना के बाद लिया गया है.
नए इंतजाम के तहत, BSEH अकेले ही पूरे परीक्षा प्रोसेस को संभालेगा, जिसमें सवाल-जवाब की तैयारी और प्रिंटिंग, परीक्षा का इंतजाम, मूल्यांकन और नतीजों की घोषणा शामिल है. अधिकारियों ने कहा कि इस कदम का मकसद परीक्षा सिस्टम को मजबूत करना और हर स्टेज पर जवाबदेही पक्का करना है.
अगला HTET परीक्षा साइकिल 21 और 22 नवंबर को प्राइमरी टीचर (PRT), ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर (TGT) और पोस्टग्रेजुएट टीचर (PGT) लेवल के उम्मीदवारों के लिए तय है. डिटेल्ड नोटिफिकेशन और ऑनलाइन एप्लीकेशन शेड्यूल सितंबर में BSEH पोर्टल के जरिए जारी होने की उम्मीद है.
आने वाली परीक्षा के लिए बोर्ड ने डुअल OMR शीट सिस्टम शुरू करने का भी फैसला किया है. कैंडिडेट्स को दो OMR शीट दी जाएंगी, जिससे वे एग्जाम के बाद अपने रिकॉर्ड और वेरिफिकेशन के लिए एक कॉपी रख सकेंगे.
प्राइवेट एजेंसी का रोल बंद करने का फैसला HTET-2025 को लेकर हुए विवाद के बाद लिया गया है. कैंडिडेट्स ने प्रिंटिंग की गलतियों और मल्टीपल-चॉइस जवाबों में गलतियों पर आपत्ति जताई थी, जिसके कारण बोर्ड हेडक्वार्टर में विरोध और प्रदर्शन हुए थे. कई कैंडिडेट्स ने सुधार के उपाय और इवैल्यूएशन प्रोसेस में बदलाव की मांग की थी.
इसके बाद बोर्ड ने कुछ कैटेगरी में गड़बड़ियों को दूर करने के लिए ग्रेस मार्क्स दिए. हालांकि, कैंडिडेट्स के ग्रुप एग्जाम प्रोसेस के और बड़े रिव्यू की मांग करते रहे.
बोर्ड के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि HTET-2025 में कुल पास परसेंटेज पिछले सेशन की तुलना में ज्यादा था, लेकिन एग्जाम में इसके ऑपरेशनल प्रोसेस में कमियां भी सामने आई थीं. अधिकारी ने कहा कि इसलिए बोर्ड ने फैसला किया है कि भविष्य के एग्जाम पूरी तरह से अपने सिस्टम से कराए जाएंगे.
अधिकारी ने कहा कि इस कदम का मकसद प्रोसेस में होने वाली कमियों को कम करना और बोर्ड को एग्जाम की क्वालिटी और ईमानदारी पर ज़्यादा कंट्रोल देना है.